जेडीयू एमएलसी के बेटे रॉकी का एक और 'गुनाह' आया सामने
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जेडीयू की फरार एमएलसी मनोरमा देवी के बेटे रॉकी पर छात्र आदित्य सचदेवा की हत्या के मामले में एक और खुलासा हुआ है। जेल पहुंच चुके रॉकी ने जिस हथियार से आदित्य की हत्या की उसका लाइसेंस दिल्ली से लिया गया था।
पुलिस के अनुसार इस लाइसेंस को लेने में भी रॉकी ने झूठ और चालबाजी का सहारा लिया। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार रॉकी ने हथियार का लाइसेंस लेने के लिए पुलिस के सामने दलील दी थी कि वह झारखंड के नक्सल प्रभावित इलाके का रहने वाला है और उसे उनसे अपनी जान का खतरा है।
दिल्ली पुलिस के लाइसेंस यूनिट के सूत्रों ने बताया कि साल 2013 में लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय रॉकी ने लिखित में दिया था कि वह झारखंड के छतरा जिले का रहने वाला है और वह रमैया कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर है। सूत्र के अनुसार रॉकी ने बताया कि वह नक्सलियों के डर से दिल्ली में रह रहा है, उसे डर है कि वह उस पर हमला कर सकते हैं।
सात हथियारों के लिए इस्तेमाल हो सकता था लाइसेंस
डीसीपी सुवाशीष चौधरी ने बताया कि, खुद को जान के खतरे के अलावा उसने नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा जारी किया गया एक सर्टिफिकेट भी दाखिल किया था। सर्टिफिकेट में इस बात का उल्लेख था कि उसने राष्ट्रीय स्तर की बिग बोर स्पर्धा में भाग लिया है।
इसके बाद उसे स्पोर्ट्स कोटा और जान के खतरे को देखते हुए लाइसेंस जारी कर दिया गया। उसे आल राष्ट्रीय स्तर का लाइसेंस जारी किया गया था जिसकी वैधता साल 2018 तक है। उसे यह सात हथियारों के लिए मिला था जिससे उसके पास फिलहाल तीन हथियार हैं।
हालांकि लाइसेंसिंग यूनिट के वरिष्ठ अधिकारी इस बात से इंकार करते हैं कि रॉकी को लाइसेंस देने में किसी तरह के राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल किया गया। बता दें कि गया में व्यवसायी के बेटे आदित्य सचदेवा की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में रॉकी जेल में बंद है तो उसकी एमएलसी मां मनोरमा देवी फरार हैं।