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Coronavirus: गर्भावस्था में कोरोना संक्रमित मां से शिशु के दिमाग को क्षति का खतरा, पढ़ें पूरी रिपोर्ट
Mon, 10 Apr 2023 05:56 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 10 Apr 2023 05:56 AM IST
सार
पीडियाट्रिक्स जर्नल में प्रकाशित मियामी यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार दोनों बच्चे युवा मां से पैदा हुए हैं जो अपनी गर्भावस्था की दूसरी तिमाही के दौरान कोरोना संक्रमित हो गई थीं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : istock
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विस्तार
गर्भावस्था में कोरोना संक्रमित मां से शिशु के दिमाग को भी क्षति पहुंच सकती है। अमेरिकी शोधकर्ताओं का दावा है पहली बार ऐसा हुआ है जब कोरोना संक्रमित मां के गर्भ से बच्चों ने क्षतिग्रस्त मस्तिष्क के साथ जन्म लिया। उन्होंने कहा कि यह कोरोना संक्रमित मां के प्लेसेंटा और प्लेसेंटा से बच्चों में गए संक्रमण के कारण हुआ है। यह वह अंग है जिसके जरिये गर्भाशय में स्थित भ्रूण के शरीर में मां के रक्त का पोषण पहुंचता है और भ्रूण की वृद्धि होती है।
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पीडियाट्रिक्स जर्नल में प्रकाशित मियामी यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार दोनों बच्चे युवा मां से पैदा हुए हैं जो अपनी गर्भावस्था की दूसरी तिमाही के दौरान कोरोना संक्रमित हो गई थीं। 2020 में तब कोविड का डेल्टा स्वरूप चरम पर था। एक बच्चे की मौत महज 13 महीने के बाद हो गई और दूसरे को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया।
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मियामी यूनिवर्सिटी में एक नियोनेटोलॉजिस्ट और बाल चिकित्सा की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ मर्लिन बेनी ने बताया दोनों में से कोई भी बच्चा कोविड पॉजिटिव नहीं था, लेकिन उनके खून में कोविड एंटीबॉडी का उत्तर स्तर मौजूद था। यह दिखाता है कि संभवतः वायरस मां से प्लेसेंटा और फिर बच्चे में फैला था। एजेंसी
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32 हफ्ते में करवाना पड़ा प्रसव
शोधकर्ताओं को दोनों महिलाओं के प्लेसेंटा में वायरस के प्रमाण मिले हैं। मृत बच्चे के मस्तिष्क की ऑटोप्सी में भी दिमाग में वायरस के निशान पाए गए जिसका मतलब है कि संक्रमण ने मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाया। अध्ययन के अनुसार, दोनों महिलाएं कोरोना संक्रमित थीं। इनमें से एक महिला को संक्रमण के हल्के लक्षण थे और उसने गर्भावस्था की अवधि पूरी की। जबकि, दूसरी महिला गंभीर रूप से बीमार थी, इस कारण उसे 32 हफ्ते में ही उसका प्रसव करवाना पड़ा।