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‘राइजिंग सन वॉटर फेस्ट- रीविजिटिंग सरायघाट-23’: रोमांचक जलक्रीड़ा ने जीता दिल, सेना की वीरता का मनाया जश्न
Mon, 20 Nov 2023 11:32 PM IST
निर्मल कांत
एन. अर्जुन, गुवाहाटी
एन. अर्जुन, गुवाहाटी
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 20 Nov 2023 11:32 PM IST
सार
Rising Sun Water Fest – Revisiting Saraighat-23: सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता ने कहा, यह भविष्य में पूर्वोत्तर के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्य सरकार का आभार जताया।
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Rising Sun Water Fest – Revisiting Saraighat-23
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
‘राइजिंग सन वॉटर फेस्ट- रीविजिटिंग सरायघाट’ के दूसरे संस्करण का रोमांच देख दर्शकों ने जहां दांतों तले अंगुली दबा ली, वहीं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए सरायघाट के वीर सपूतों को शीश नवाया। भारतीय सेना और असम सरकार के तत्वावधान में आयोजित यह तीन दिवसीय कार्यक्रम कई ऐतिहासिक क्षणों का साक्षी बना, जहां सेलिंग यॉच क्लब हैदराबाद की टीम विजेता बनी वहीं रोइंग में भारतीय सेना के 236 आईडब्लूटी ने बाजी मारी।
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इस मौके पर सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता ने कहा, यह भविष्य में पूर्वोत्तर के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा, 'राइजिंग सन वॉटर फेस्टिवल 2023 - रीविजिटिंग सरायघाट' की सफलता सेना की पूर्वी कमान और राज्य सरकार के अथक प्रयासों और समन्वय का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि राइजिंग सन वॉटर फेस्ट’ का पहला संस्करण पिछले साल मेघालय की उमियाम झील में आयोजित किया गया था।
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गुवाहाटी में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि सोमवार को ऐतिहासिक तीन दिवसीय कार्यक्रम राइजिंग सन वॉटर फेस्ट- रीविजिटिंग सरायघाट का दीपोर बील गुवाहाटी में समापन हुआ, यह अपनी तरह का पहला जली सह सांस्कृतिक उत्सव था। राइजिंग सन वॉटर फेस्ट ने असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया, भारतीय सेना की वीरता का जश्न मनाया और पूरे पूर्वोत्तर भारत के लिए एक अमिट छाप छोड़ी। कार्यक्रम में आए गणमान्यों ने इसे ऐतिहासिक और भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया।
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उन्होंने बताया कि खेल आयोजन में सेलिंग और रोइंग शामिल थे। इसमें 15 क्लबों के 100 से अधिक खिलाड़ी और प्रतिष्ठित तकनीकी कर्मचारियों/रेफरी ने भाग लिया। नौकायन में लड़के, लड़कियों, पुरुषों और खुली श्रेणियों के लिए एंटरप्राइज, लेजर और ऑप्टिमस श्रेणियों में आयोजित किए गए। नौकायन स्पर्धाओं में देशभर से आठ क्लबों के कुल 47 प्रतिभागियों और 42 नौकाओं ने भाग लिया। आयोजित रोइंग इवेंट में लड़कों, लड़कियों और खुली श्रेणियों में सिंगल स्कल, डबल स्कल, कॉक्सलेस पेयर और कॉक्सलेस फोर शामिल थे। रोइंग स्पर्धाओं में पूरे भारत से सात क्लबों के कुल 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनका निर्णय अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अधिकारियों और जूरी सदस्यों ने किया।
उन्होंने बताया कि प्रतिस्पर्धी दौड़ों के अलावा क्षेत्र में जल खेलों को बढ़ावा देने के लिए विंड सर्फिंग, स्पीड बोटिंग और फन सेलिंग का प्रदर्शन भी किया गया। यॉच क्लब हैदराबाद को सेलिंग का विजेता घोषित किया गया और भारतीय सेना के 236 आईडब्ल्यूटी को रोइंग प्रतियोगिता में विजेता घोषित किया गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि असम के पर्यावरण और वन मंत्री चंद्र मोहन पटोवारी, असम की खेल मंत्री नंदिता गोरलोसा, सांसद कामाख्या प्रसाद तासा, असम के प्रमुख सचिव बी कल्याण चक्रवर्ती, सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख राणा प्रताप कलिता, जीओसी गजराज कोर के लेफ्टिनेंट जनरल मनीष एरी, कई नागरिक और सेना के गणमान्य लोग मौजूद थे।
रावत ने बताया कि समापन समारोह में पारंपरिक संगीत, नृत्य और कला मुख्य आकर्षण में शामिल थी, जिसने असम की समृद्ध सांस्कृतिक टेपेस्ट्री की झलक पेश की। इस उत्सव के जरिए सरायघाट की1671 में लड़ाई के नायकों को श्रद्धांजलि दी गई। इस युद्ध में सेनापति लाचित बोरफुकन के नेतृत्व वाली आहोम सेना ने ब्रह्मपुत्र के पास मुगल फौज को शिकस्त दी थी।
समापन के दौरान ड्रोन शो, सरायघाट की लड़ाई का चित्रण, वायलिन वादक सुनीता का प्रदर्शन, मेघरंजिनी और उनके समूह द्वारा नृत्य प्रदर्शन और सैन्य बैंड द्वारा फ्यूजन संगीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा भारतीय सेना ने हथियार उपकरण प्रदर्शन, हेलीकॉप्टर फ्लाई-पास्ट और पैरा स्पेशल फोर्सेज कॉम्बैट फ्री फॉल प्रदर्शन भी आयोजित किए।