फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Restrictions on the admission in homeopathic medical colleges

होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पर रोक, आयुर्वेदिक-यूनानी कॉलेजों पर भी संकट

Sat, 17 Sep 2016 06:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Sat, 17 Sep 2016 06:45 AM IST
विज्ञापन
Restrictions on the admission in homeopathic medical colleges
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

चिकित्सकीय संसाधनों, शिक्षकों, चिकित्सा कर्मियों की कमी के चलते केंद्रीय होम्योपैथिक चिकित्सा परिषद ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पर रोक लगा दी है। होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों को भेजे पत्र में परिषद ने कहा है कि जब तक इस संबंध में नया आदेश न जारी हो प्रवेश न लिया जाए। परिषद के इस आदेश पर प्रदेश के सभी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों में खलबली मच गई है।

विज्ञापन


होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए 25 सितंबर को ही प्रवेश परीक्षा होने जा रही है। इस निर्देश से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र भी परेशान हैं। होम्योपैथिक चिकित्सा परिषद ने प्रदेश में फाफामऊ स्थित लाल बहादुर शास्त्री राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों में तीन महीने पूर्व निरीक्षण किया था। टीम ने यहां पाई गई कमियों के आधार पर तैयार रिपोर्ट परिषद को दी।
विज्ञापन


फिर कॉलेजों में  अग्रिम आदेश तक प्रवेश लेने पर रोक लगा दी है। प्रदेश में इलाहाबाद के अलावा कानपुर, लखनऊ, फैजाबाद, मुरादाबाद, गाजीपुर, आजमगढ़ में एक-एक मेडिकल कॉलेज स्थापित हैं। यहां पर बीएचएमएस की कुल तीन सौ सीटों पर हर वर्ष प्रवेश किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फाफामऊ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके चतुर्वेदी ने कहा कि रोक लगने के बाद परिषद के समक्ष एक बार पक्ष भी रखा जा चुका है। मामले को शासन को भी अवगत करा दिया गया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा अनूप चंद पांडेय ने कहा कि केंद्रीय होम्योपैथिक चिकित्सा परिषद ने जो कमियां बताई हैं, उसे जल्दी ही दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पत्र भी लिखा है। 

आयुर्वेदिक, यूनानी मेडिकल कॉलेजों पर भी संकट

Restrictions on the admission in homeopathic medical colleges
फाइल फोटो

बीते वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रदेश के आठों आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों में भी प्रवेश अटक गया है। पिछले वर्ष केंद्रीय आयुर्वेदिक चिकित्सा परिषद ने मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इस बार भी वहीं संकट बरकरार है। शासन ने आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी पूरी नहीं की है और न ही चिकित्सकीय संसाधन बढ़ाए हैं।

हंडिया स्थित आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रो. नीलम गुप्ता ने कहा कि शासन ने कुछ शिक्षकों की नियुक्ति पूरी कर दी है, लेकिन अभी कुछ चिकित्सकीय संसाधनों की कमी है। केंद्रीय आयुर्वेदिक चिकित्सा परिषद ने कॉलेज का निरीक्षण किया है। रिपोर्ट आने के बाद प्रवेश लिया जाएगा।

प्रदेश में आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज इलाहाबाद के हंडिया के अलावा लखनऊ, पीलीभीत, बनारस, झांसी, अतर्रा, मुजफ्फरनगर और बरेली में हैं। यहां बीएएमएस की कुल तीन सौ सीटें हैं। उधर, नए शैक्षिक सत्र में प्रवेश के लिए यूनानी कॉलेज मान्यता के लिए यूनानी चिकित्सा परिषद के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।

यूनानी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनीस अहमद ने कहा कि आपत्तियों को उठाए जाने के बाद परिषद के समक्ष उन्होंने अपना पक्ष रखा है। उसके आदेश पर ही नया प्रवेश लिया जाएगा। प्रदेश में यूनानी पैथी के दो सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित है। दूसरा कॉलेज लखनऊ में स्थापित है। दोनों में 40-40 सीटों पर हर वर्ष प्रवेश लिया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed