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केंद्र सरकार की नौकरियों में तेजाब पीड़ितों को मिलेगा आरक्षण
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Mon, 29 Jan 2018 06:29 AM IST
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ऑटिज्म, मानसिक बीमारियों, बौद्धिक दिव्यांगों और तेजाब हमले के पीड़ित लोगों को भी अब केंद्र सरकार की नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलेगा। एक आधिकारिक आदेश में कहा गया कि सीधी भर्ती के मामले में सरकारी नौकरियों के समूह ए, बी और सी में दिव्यांगों को चार फीसदी आरक्षण प्रदान किया जाएगा जो कि पहले तीन फीसदी था।
हाल ही में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने केंद्र सरकार के सभी विभागों को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने को कहा। पहली श्रेणी में नेत्रहीन एवं कमजोर दृष्टि विकार वालों, दूसरी श्रेणी में बधिर और कम सुन पाने वालों को रखा गया है जबकि तीसरी श्रेणी में शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को शामिल किया गया है।
इनमें शारीरिक दिव्यांगता के साथ जो नई किस्में जोड़ी गई हैं, उनमें तेजाब हमले के शिकार लोग, ठीक हो चुके कुष्ठ रोगी, सेरेब्रल पाल्सी के शिकार, क्षतिग्रस्त मांसपेशियों से ग्रस्त को शामिल किया गया है। कार्मिक मंत्रालय ने जो चौथी श्रेणी बनाई है, उसमें मल्टीपल डिसेबिलिटी को शामिल किया गया है। इसमें ऑटिज्म, बौद्धिक दिव्यांगता, सीखने में विशेष अक्षमता, मानसिक बीमारी शामिल है।
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नियुक्त होगा शिकायत निवारण अधिकारी
इस संबंध में डीओपीटी ने सभी सरकारी विभागों से शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करने को कहा है। इनके साथ अगर सरकारी नौकरियों में भेदभाव होता है, तो संबंधित व्यक्ति सरकारी प्रतिष्ठान के शिकायत निवारण अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करा सकता है। हर शिकायत पर दो महीने के अंदर कार्रवाई की जाएगी।
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हाल ही में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने केंद्र सरकार के सभी विभागों को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने को कहा। पहली श्रेणी में नेत्रहीन एवं कमजोर दृष्टि विकार वालों, दूसरी श्रेणी में बधिर और कम सुन पाने वालों को रखा गया है जबकि तीसरी श्रेणी में शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को शामिल किया गया है।
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इनमें शारीरिक दिव्यांगता के साथ जो नई किस्में जोड़ी गई हैं, उनमें तेजाब हमले के शिकार लोग, ठीक हो चुके कुष्ठ रोगी, सेरेब्रल पाल्सी के शिकार, क्षतिग्रस्त मांसपेशियों से ग्रस्त को शामिल किया गया है। कार्मिक मंत्रालय ने जो चौथी श्रेणी बनाई है, उसमें मल्टीपल डिसेबिलिटी को शामिल किया गया है। इसमें ऑटिज्म, बौद्धिक दिव्यांगता, सीखने में विशेष अक्षमता, मानसिक बीमारी शामिल है।
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नियुक्त होगा शिकायत निवारण अधिकारी
इस संबंध में डीओपीटी ने सभी सरकारी विभागों से शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करने को कहा है। इनके साथ अगर सरकारी नौकरियों में भेदभाव होता है, तो संबंधित व्यक्ति सरकारी प्रतिष्ठान के शिकायत निवारण अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करा सकता है। हर शिकायत पर दो महीने के अंदर कार्रवाई की जाएगी।