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Hindi News ›   India News ›   Report: Breast cancer cases are increasing in women below 50 years of age

Report: 50 से कम उम्र की औरतों में बढ़ रहा ब्रेस्ट कैंसर; अश्वेत महिलाओं में मृत्यु दर श्वेत की तुलना में अधिक

Thu, 17 Oct 2024 04:59 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Thu, 17 Oct 2024 04:59 AM IST
सार

रिपोर्ट के अनुसार अश्वेत महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की वजह से मृत्यु दर श्वेत महिलाओं की तुलना में 38 फीसदी अधिक है, जबकि इसके मरीजों की संख्या कम है। श्वेत महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना अश्वेत, हिस्पैनिक और एशियाई महिलाओं की तुलना में  ज्यादा होती है।

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Report: Breast cancer cases are increasing in women below 50 years of age
ब्रेस्ट कैंसर - फोटो : Freepik.com

विस्तार

दुनियाभर में 50 वर्ष से कम आयु की महिलाओं में  ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में इजाफा हो रहा है। एशियाई अमेरिकी और प्रशांत द्वीपसमूह की महिलाओं में यह मामले ज्यादा तेजी से बढ़ रहे हैं। इनके बीच यह बढ़ोतरी सालाना 2.5 से 2.7 फीसदी तक है। जबकि 2012 से 2021 के बीच इसकी वैश्विक वृद्धि दर सालाना 1.4 फीसदी है। त्वचा  कैंसर के बाद ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसर बना हुआ है।

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यह जानकारी अमेरिकन कैंसर सोसायटी (एसीएस) की नवीनतम रिपोर्ट ‘ब्रेस्ट कैंसर सांख्यिकी 2024’ में सामने आई है। एसीएस देश भर में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों पर नजर रखती है। रिपोर्ट के अनुसार अश्वेत महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की वजह से मृत्यु दर श्वेत महिलाओं की तुलना में 38 फीसदी अधिक है, जबकि इसके मरीजों की संख्या कम है। रिपोर्ट के अनुसार, श्वेत महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना अश्वेत, हिस्पैनिक और एशियाई महिलाओं की तुलना में  ज्यादा होती है। युवा महिलाओं में आक्रामक कैंसर की घटना अधिक हो रही है। युवा अश्वेत महिलाओं में युवा श्वेत महिलाओं की तुलना में मृत्यु दर दोगुनी है। हालांकि, अश्वेत महिलाओं में स्तन कैंसर का आक्रामक रूप होने और कम उम्र में ही इसका पता चलने की संभावना ज्यादा होती है। अश्वेत महिलाओं में ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर का खतरा अधिक होता है। यह कम उम्र में होता है। अश्वेत महिलाओं में ज्यादा ब्रेस्ट कैंसर के लिए वंशानुगत, सामाजिक, आर्थिक, भौगोलिक और जीवनशैली कारक जिम्मेदार हो सकते हैं। सांख्यिकीय रूप से अश्वेत महिलाओं में मधुमेह, हृदय रोग और मोटापे की संभावना अधिक होती है और प्रसव के बाद स्तनपान कराने की संभावना कम होती है। ये सभी ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम कारक हैं।  
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इस वर्ष 2,790 पुरुषों में हुई स्तन कैंसर की पहचान
रिपोर्ट के अनुसार पुरुषों में स्तन कैंसर न के बराबर होता है, लेकिन इस वर्ष अब तक लगभग 2,790 पुरुषों में इसकी पहचान हुई है। इनमें से 530 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। ऊतक में अनियंत्रित कोशिका वृद्धि पुरुष स्तन कैंसर का कारण बनती है। ट्यूमर तब बनते हैं जब स्वस्थ कोशिकाएं कैंसर कोशिकाओं में बदल जाती हैं। 90 फीसदी तक पुरुष स्तन कैंसर घुसपैठ करने वाले (इनवेसिव डक्टल कार्सिनोमा) होते हैं। कैंसर स्तन नलिकाओं में शुरू होता है और अन्य भागों में फैलता है। पुरुष स्तन कैंसर के दुर्लभ प्रकारों में सूजनयुक्त स्तन कैंसर और स्तन पैगेट रोग शामिल हैं।
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स्तन का पेजेट रोग एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर है जो निपल की त्वचा को प्रभावित करता है। इसे एक्जिमा समझ लिया जाता है। यह आमतौर पर डक्टल कार्सिनोमा के साथ होता है।            

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