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मंत्रालयों को सीधे सलाह देने की रोक हटाए सरकार : अटॉर्नी जनरल
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Mon, 27 Feb 2017 07:29 AM IST
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मुकुल रोहतगी
- फोटो : file photo
अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सरकार से कहा है कि वह विभिन्न मंत्रालयों को सीधे कानूनी सलाह देने पर मनाही वाले कानून को समाप्त करे। उनका तर्क है कि इससे महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसले लेने में देरी होती है।
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रोहतगी ने यह भी कहा कि बिना विधि मंत्रालय की अनुमति के विधि अधिकारियों द्वारा मंत्रालयों को सलाह देने के मसले पर कई बार विवाद भी उत्पन्न हो जाता है और संवैधानिक प्रावधानों की अनदेखी भी होती है। विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद को हाल ही में लिखे एक पत्र में अटॉर्नी जनरल ने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और यहां तक कि मंत्रियों ने भी मामले की शीघ्रता को देखते हुए वाया विधि मंत्रालय कानूनी सलाह लेने से इनकार कर देते हैं। उस पत्र की प्रति वित्त मंत्री अरुण जेटली और प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्र को भी भेजी गई है।
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रोहतगी ने कहा कि ऐसे सारे प्रस्ताव यदि विधि मंत्रालय के द्वारा भेजे गए तो सभी काम अटक जाएंगे और जल्द फैसले नहीं लिए जा सकते, क्योंकि विधि मंत्रालय उस मसले को देखने में अपना पूरा समय लेता है। रोहतगी ने हालांकि स्पष्ट किया कि वह देरी के लिए मंत्रालय के किसी अधिकारी को दोष नहीं देते। यह प्रक्रिया ही ऐसी है कि इसमें समय लगना लाजमी है।
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