दिल्ली हिंसा : दिल्ली स्पेशल सेल का खुलासा- इकबाल सिंह और दीप सिद्धू के बीच नहीं हुई थी कोई बातचीत
गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान लाल किला पर उपद्रव मचाने वालों में शामिल 50 हजार के वांछित इनामी इकबाल सिंह को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। इस दौरान स्पेशल सेल ने बताया कि इकबाल सिंह और दीप सिद्धू के बीच कोई बातचीत नहीं हुई थी।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि दिल्ली हिंसा में आरोपी इकबाल सिंह को मंगलवार रात दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार रात पंजाब के होशियारपुर से गिरफ्तार किया गया। इकबाल को पकड़ने के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
डीसीपी यादव ने बताया कि इकबाल सिंह लुधियाना के रहना वाला है।इकबाल दिल्ली में 26 जनवरी को हुई हिंसा मामले में लोगों को उकसाने में शामिल था। वह नवंबर, 2020 से सिंघु बॉर्डर पर दौरा कर रहे थे। 26 जनवरी को वह भीड़ के साथ लाल किले पहुंचा था। हालांकि, इकबाल सिंह और दीप सिद्धू के बीच कोई बातचीत नहीं हुई थी।
Iqbal Singh is a resident of Ludhiana. He is involved in inciting the public on 26th Jan in Delhi. He was visiting the Singhu border since November 2020. On 26th Jan, he reached Red Fort with a mob. He had not interacted with Deep Sindhu: DCP Delhi Special Cell Sanjeev Yadav pic.twitter.com/HXtQneDbg7
— ANI (@ANI) February 10, 2021
इससे पहले, स्पेशल सेल ने सोमवार को लाल किला हिंसा के मामले में मुख्य आरोपी अभिनेता दीप सिद्धू को हरियाणा के करनाल से गिरफ्तार किया था।
इन आरोपियों की जानकारी देने पर नकद इनाम
पिछले सप्ताह पुलिस ने दीप सिद्धू, जुगराज सिंह, गुरजोत सिंह और गुरजंत सिंह के बारे में सूचना देने वालों को एक लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की थी। इसके अलावा पुलिस ने जजबीर सिंह, बूटा सिंह, सुखदेव सिंह और इकबाल सिंह के बारे में सूचना देने वालों के लिए 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की थी।
बता दें कि केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की किसान संगठनों की मांग के समर्थन में 26 जनवरी को किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली थी। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ हिंसक झड़पें हुई थीं और कुछ प्रदर्शनकारी लाल किले तक पहुंच गए थे। उन्होंने लाल किला की प्राचीर पर किसान संगठनों के झंडे और धार्मिक झंडा फहराया था।