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आरबीआई ने बैंकों से 100 फीसदी वृद्धिशील सीआरआर बनाए रखने को कहा
एजेंसी/ मुंबई
Updated Sun, 27 Nov 2016 04:13 AM IST
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RBI
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उच्च मूल्यों के नोटों की विमुद्रीकरण के बाद बैंकिंग प्रणाली में तरलता में वृद्धि को अवशोषित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने शनिवार से एक पखवाड़े के लिए 100 फीसदी वृद्धिशील नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) बनाए रखने की शुरुआत की है।
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सीआरआर जमा राशियों का हिस्सा है, जिसे बैंकों को आरबीआई में रखना आवश्यक है। वर्तमान में यह 4 फीसदी है। आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार 16 सितंबर और 11 नवंबर के बीच एनडीटीएल (निवल मांग और मियादी देयताओं) में वृद्धि पर अनुसूचित बैंकों को 100 फीसदी वृद्धिशील सीआरआर को बनाए रखना चाहिए और यह 26 नवंबर 2016 से शुरू होकर एक पखवाड़े तक प्रभावी रहेगा।
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अनुमान के मुताबिक यह 3.5 लाख करोड़ रुपये हो सकता है। आरबीआई ने कहा कि व्यवस्था में अतिरिक्त तरलता के निकास के लिए आरबीआई की तरलता प्रबंधन ढांचे के भीतर वृद्धिशील सीआरआर एक अस्थायी उपाय के तौर पर इस फैसले की समीक्षा 9 दिसंबर या इससे पहले की जाएगी।
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हालांकि नियमित सीआरआर 4 प्रतिशत के दर पर बने रहेंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि 500 रुपये और 1000 रुपये मूल्यों के बैंक नोटों की कानूनी निविदा स्थिति की वापसी की शुरुआत 9 नवंबर 2016 से शुरू हुई।