राज्यरानी एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के पीछे आतंकी हमले की आशंका
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मेरठ-लखनऊ राज्यरानी एक्सप्रेस शनिवार सुबह करीब आठ बजे रामपुर से दो किमी पहले कोसी नदी पुल के पास तेज धमाके के साथ पटरी से उतर गई। हादसे में ट्रेन के बारह कोचों में से 10 कोच पटरी से उतर गए। इसमें से एक कोच पलटकर एकदम उल्टा हो गया। हादसे से ट्रेन सवार यात्रियों में कोहराम मच गया। दुर्घटना में 65 यात्री घायल हो गए। गनीमत रही कि ट्रेन की स्पीड बेहद कम थी वरना कई जाने जा सकती थीं। हादसे के पीछे आतंकी साजिश की आशंका में एटीएस समेत तमाम एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि प्रारंभिक जांच में पटरी टूटी होने की बात सामने आई है।
मेरठ से लखनऊ जा रही राज्यरानी एक्सप्रेस (22454) शनिवार सुबह करीब आठ बजे कोसी पुल के निकट पोल संख्या 374/24 के पास पटरी से उतर गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि करीब 280 मीटर रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया। इसमें से करीब 260 मीटर के दायरे में रेल ट्रैक के स्लीपर भी पूरी तरह डैमेज हो गए। तेज झटके, धमाके और धूल के गुबार के साथ पटरी से उतरे डिब्बों में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। घबराए यात्री कोच से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे।
सूचना पर पहुंचे सीआरपीएफ, जीआरपी, आरपीएफ, रेलवे अफसरों व पुलिस-प्रशासनिक अफसरों ने घायलों को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचवाया। रेलवे ने डाउन लाइन पर रेल संचालन बंद कर दिया और दोपहर तक अप लाइन की ट्रेन भी कॉशन से गुजारी गईं। इसके बाद बरेली व मुरादाबाद से ट्रेनों का रूट चंदौसी होते हुए डायवर्ट कर दिया गया। वहीं बम डिस्पोजल स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड, एंटी सर्विलांस चेक टीम ने भी मौके पर पहुंच कर जांच की। राहत कार्य के लिए एनडीआरएफ की दो टीम भी मौके पर पहुंच गईं।
यात्रियों में मच गई चीख पुकार
ट्रेन ड्राइवर ने बताया कि तेज धमाका हुआ और फिर अचानक से ट्रेन पटरी से उतर गई। कोच पलट गए और यात्रियों में चीख पुकार मच गई। उधर, हादसे की सूचना पर अल्पसंख्यक कल्याण व सिंचाई राज्यमंत्री बलदेव औलख व राज्य मंत्री भूपेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए। डीआरएम प्रमोद कुमार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। शाम को घटनास्थल पर पहुंचे उत्तर रेलवे के जीएम आरके कुलश्रेष्ठ ने बताया कि जांच के लिए तीन सदस्यीय बोर्ड गठित किया गया है। आईजी बरेली विजय प्रकाश और आईजी आरपीएफ संजय किशोर ने भी मौका मुआयना करके मामले में अलग से जांच के आदेश दिए हैं।
प्रथमदृष्ट्या रेलवे व आरपीएफ अफसरों द्वारा पटरी के टूटने के कारण ट्रेन के डिरेलमेंट की बात कही गई है। हालांकि कोई भी अफसर घटना का स्पष्ट कारण जांच के बाद ही बताने की बात करते रहे। प्रदेश सरकार द्वारा तुरंत गंभीर घायलों को पचास हजार रुपये और मामूली घायलों को 25 - 25 हजार रुपये सहायता राशि दी गई है। दोपहर करीब दो बजे राज्यमंत्री बलदेव औलख द्वारा जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों को सहायता राशि के चेक दिए गए।
क्या कहा किसने...
कोट वन-
मामले की जांच के लिए हेड क्वार्टर से तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। अभी हादसे के कारण के बारे में ठीक -ठीक नहीं कह सकते हैं लेकिन प्राथमिक पड़ताल में पटरी टूटी होने की बात सामने आई है। - आरके कुलश्रेष्ठ, जीएम उत्तर रेलवे।
घायलों को अस्पताल भेजने व सुरक्षित यात्रियों को रोडवेज बस से उनके गंतव्य तक भेजा गया। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। सबसे पहले ट्रैक की मरम्मत कर लाइन चालू करने की कोशिश की जा रही है।
--प्रमोद कुमार, डीआरएम-नार्दन रेलवे
कोट टू--
हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पहला फोकस ट्रैक की मरम्मत व रेल यातायात सुचारु करना है।
संजय किशोर, आईजी आरपीएफ