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रजनीकांत से अब भी कायम है भाजपा की उम्मीद, मनाने में जुटी पार्टी
हिमांशु मिश्र / नई दिल्ली
Updated Tue, 02 Jan 2018 03:40 AM IST
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अभिनेता रजनीकांत की राजनीतिक दल का गठन कर तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उतरने की घोषणा के बावजूद भाजपा उनसे नाउम्मीद नहीं हुई है। पार्टी फिलहाल रजनीकांत को संभवत: फरवरी में होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव में अपने समर्थन में प्रचार करने के लिए राजी करने की कोशिश में जुटी है।
राजनीति में आने के एलान के दौरान आध्यात्मिक राजनीति की रजनी की घोषणा को पार्टी खुद के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देख रही है। अगर रजनीकांत ने कर्नाटक चुनाव में प्रचार करने पर हामी भरी तो लगातार बदल रही तमिलनाडु की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव हो सकता है।
रजनीकांत ने अलग पार्टी बना कर सियासी पारी खेलने की घोषणा तो कर दी है, मगर उन्होंने अब तक पार्टी का गठन नहीं किया है। तमिलनाडु में दशकों से पैर जमाने की कोशिश कर रही भाजपा कई बार उन्हें पार्टी में शामिल होने का न्योता दे चुकी है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक फिलहाल पार्टी में रजनीकांत का अध्याय बंद नहीं हुआ है। पार्टी की कोशिश उनसे कर्नाटक चुनाव में अपने पक्ष में प्रचार कराने की है। रजनी अगर हां कहते हैं कि इसका असर तमिलनाडु की राजनीति पर भी पड़ेगा। गौरतलब है कि रजनीकांत मराठी भाषी हैं, जिनका जन्म कर्नाटक में हुआ था।
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पढ़ें- रजनीकांत ने कमल हासन से पूछा- कैसे होती है राजनीति, जवाब मिला- मेरे साथ आओ तो सिखाऊं
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राजनीति में आने के एलान के दौरान आध्यात्मिक राजनीति की रजनी की घोषणा को पार्टी खुद के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देख रही है। अगर रजनीकांत ने कर्नाटक चुनाव में प्रचार करने पर हामी भरी तो लगातार बदल रही तमिलनाडु की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव हो सकता है।
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रजनीकांत ने अलग पार्टी बना कर सियासी पारी खेलने की घोषणा तो कर दी है, मगर उन्होंने अब तक पार्टी का गठन नहीं किया है। तमिलनाडु में दशकों से पैर जमाने की कोशिश कर रही भाजपा कई बार उन्हें पार्टी में शामिल होने का न्योता दे चुकी है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक फिलहाल पार्टी में रजनीकांत का अध्याय बंद नहीं हुआ है। पार्टी की कोशिश उनसे कर्नाटक चुनाव में अपने पक्ष में प्रचार कराने की है। रजनी अगर हां कहते हैं कि इसका असर तमिलनाडु की राजनीति पर भी पड़ेगा। गौरतलब है कि रजनीकांत मराठी भाषी हैं, जिनका जन्म कर्नाटक में हुआ था।
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यह हो सकता है समीकरण
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द्रविड़ राजनीति का केंद्र रहे तमिलनाडु में भाजपा अन्नाद्रमुक से तालमेल की दिशा में आगे बढ़ी थी। इस क्रम में पार्टी के प्रयास से दोनों धड़ों का विलय हुआ। हालांकि बाद में पीएम की द्रमुक प्रमुख करुणानिधि से मुलाकात से नए सियासी समीकरण बनते दिखे। अब रजनीकांत की एंट्री के बाद भाजपा उनकी पार्टी से तालमेल की दिशा में आगे बढ़ सकती है, क्योंकि नेतृत्व के अभाव में द्रमुक और अन्नाद्रमुक में भारी अराजकता है।
तमिल संगठन ने किया विरोध
अभिनेता रजनीकांत के राजनीति में प्रवेश का एक तमिल संगठन ने विरोध किया है। संगठन ने रजनीकांत के गैर तमिल मूल का जिक्र करते हुए कहा है कि तमिलनाडु में ‘इस माटी का सपूत’ ही शासन कर सकता है। नाम तमिझर पार्टी के प्रमुख सीमान ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी रजनीकांत का विरोध करेगी। वैसे प्रदेश की बड़ी पार्टियां अन्नाद्रमुक और द्रमुक ने रजनीकांत के गैर तमिल मूल को लेकर उनका विरोध नहीं किया है। सीमान ने कहा है कि शिवाजी राव गायकवाड़ उर्फ रजनीकांत का जन्म 12 दिसंबर 1950 को कर्नाटक में हुआ था और उनका तमिलनाडु में कोई काम नहीं है। प्रदेश के लिए इस माटी के लाल अपनी योजना के अनुसार काम कर रहे हैं।
तमिल संगठन ने किया विरोध
अभिनेता रजनीकांत के राजनीति में प्रवेश का एक तमिल संगठन ने विरोध किया है। संगठन ने रजनीकांत के गैर तमिल मूल का जिक्र करते हुए कहा है कि तमिलनाडु में ‘इस माटी का सपूत’ ही शासन कर सकता है। नाम तमिझर पार्टी के प्रमुख सीमान ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी रजनीकांत का विरोध करेगी। वैसे प्रदेश की बड़ी पार्टियां अन्नाद्रमुक और द्रमुक ने रजनीकांत के गैर तमिल मूल को लेकर उनका विरोध नहीं किया है। सीमान ने कहा है कि शिवाजी राव गायकवाड़ उर्फ रजनीकांत का जन्म 12 दिसंबर 1950 को कर्नाटक में हुआ था और उनका तमिलनाडु में कोई काम नहीं है। प्रदेश के लिए इस माटी के लाल अपनी योजना के अनुसार काम कर रहे हैं।