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Rajasthan Crisis: पायलट पर कांग्रेस दो कदम आगे एक कदम पीछे, पार्टी प्रभारी बोले- ईश्वर सचिन को सद्बुद्धि दे
Thu, 16 Jul 2020 02:38 AM IST
अवधेश कुमार
अनूप वाजपेयी, अमर उजाला, नई दिल्ली
अनूप वाजपेयी, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Thu, 16 Jul 2020 02:38 AM IST
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सचिन पायलट (फाइल फोटो)
- फोटो : ट्विटर
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कांग्रेस सचिन पायलट को लेकर दो कदम आगे बढ़ती है तो एक कदम पीछे हट जाती है। पार्टी ने दो दिनों के दौरान सचिन पायलट और समर्थक विधायकों के खिलाफ प्रक्रिया के तहत उनकी विधानसभा की सदस्यता छीनने का नोटिस भी भेज दिया है, लेकिन यह भी कह रही है कि दरवाजे खुले हैं। दरअसल, कांग्रेस नेतृत्व कतई नहीं चाहता कि सचिन पायलट को लेकर भाजपा को कोई मौका दिया जाए। जयपुर में एक ओर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुट ताबड़तोड़ हमले कर रहा है और सदस्यता छीनने का नोटिस दे रहा है तो वहीं, दूसरी ओर राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला उन्हें घर वापसी का न्योता दे रहे हैं।
वहीं, राहुल गांधी की ओर से पायलट को मनाने के प्रयास के साथ उनकी ओर कड़ा संदेश भी सामने आया। उन्होंने कहा कि जिसे जाना है जाएगा, पार्टी छोड़कर जाने वालों से डरने की जरूरत नहीं है। राहुल की छात्र संगठन एनएसयूआई के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में उन्होंने पायलट के संदर्भ में कहा कि पार्टी छोड़कर जाने वालों से घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे लोग युवा पीढ़ी के लिए रास्ते खाली कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि बैठक में राहुल ने कहा जिसे जाना है वह जाएगा। हालांकि, राहुल की इस प्रतिक्रिया पर एनएसयूआई की प्रभारी रुचि गुप्ता ने कहा कि ये संगठन की अंदरूनी बैठक थी। जिसमें युवा से जुडे़ मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक को लेकर चल रही खबरें आधारहीन हैं।
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वहीं, राहुल गांधी की ओर से पायलट को मनाने के प्रयास के साथ उनकी ओर कड़ा संदेश भी सामने आया। उन्होंने कहा कि जिसे जाना है जाएगा, पार्टी छोड़कर जाने वालों से डरने की जरूरत नहीं है। राहुल की छात्र संगठन एनएसयूआई के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में उन्होंने पायलट के संदर्भ में कहा कि पार्टी छोड़कर जाने वालों से घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे लोग युवा पीढ़ी के लिए रास्ते खाली कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि बैठक में राहुल ने कहा जिसे जाना है वह जाएगा। हालांकि, राहुल की इस प्रतिक्रिया पर एनएसयूआई की प्रभारी रुचि गुप्ता ने कहा कि ये संगठन की अंदरूनी बैठक थी। जिसमें युवा से जुडे़ मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक को लेकर चल रही खबरें आधारहीन हैं।
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गहलोत की बयानबाजी से कांग्रेस नेतृत्व की नाराजगी
इससे पहले जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया के सामने आकर सचिन पायलट पर भाजपा के जाल में फंसकर खरीद फरोख्त के आरोप लगाए और व्यक्तिगत टिप्पणियां भी कीं। बताया जा रहा है कि गहलोत की खुलकर की गई बयानबाजी पर कांग्रेस नेतृत्व नाराज है। इस तरह की खबरें आने के ठीक बाद पर्यवेक्षक बनकर गए रणदीप सिंह सुरजेवाला सामने आए और कहा कि अगर सचिन पायलट और अन्य विधायक भाजपा में नहीं जा रहे हैं तो हरियाणा की भाजपा की खट्टर सरकार के चंगुल से बाहर आए। घर के दरवाजे खुले हैं। अशोक गहलोत के तीखे आरोप और घर के दरवाजे खुले होने के आमंत्रण के बाद सचिन पायलट अपने घर से निकल कर हरियाणा के मानेसर के होटल पहुंचे, जहां कांग्रेस के बागी विधायक रह रहे हैं।
शेखावत बोले, राजस्थान में अब बाड़ाबंदी की सरकार
राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि राजस्थान में लोकतंत्र की हत्या की कोशिश हुई है। गहलोत सरकार विश्वास खो चुकी है। विधायकों को जबरन अगवा कर बंधक बनाया गया। अब राजस्थान में बाड़ाबंदी कर सरकार चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट के जाने से राजस्थान की गहलोत सरकार उल्टी गिनती गिन रही है।
इससे पहले जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया के सामने आकर सचिन पायलट पर भाजपा के जाल में फंसकर खरीद फरोख्त के आरोप लगाए और व्यक्तिगत टिप्पणियां भी कीं। बताया जा रहा है कि गहलोत की खुलकर की गई बयानबाजी पर कांग्रेस नेतृत्व नाराज है। इस तरह की खबरें आने के ठीक बाद पर्यवेक्षक बनकर गए रणदीप सिंह सुरजेवाला सामने आए और कहा कि अगर सचिन पायलट और अन्य विधायक भाजपा में नहीं जा रहे हैं तो हरियाणा की भाजपा की खट्टर सरकार के चंगुल से बाहर आए। घर के दरवाजे खुले हैं। अशोक गहलोत के तीखे आरोप और घर के दरवाजे खुले होने के आमंत्रण के बाद सचिन पायलट अपने घर से निकल कर हरियाणा के मानेसर के होटल पहुंचे, जहां कांग्रेस के बागी विधायक रह रहे हैं।
शेखावत बोले, राजस्थान में अब बाड़ाबंदी की सरकार
राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि राजस्थान में लोकतंत्र की हत्या की कोशिश हुई है। गहलोत सरकार विश्वास खो चुकी है। विधायकों को जबरन अगवा कर बंधक बनाया गया। अब राजस्थान में बाड़ाबंदी कर सरकार चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट के जाने से राजस्थान की गहलोत सरकार उल्टी गिनती गिन रही है।
पायलट बोले, राजद्रोह के आरोप से आत्म-सम्मान को पहुंची ठेस
कांग्रेस के बागी नेता सचिन पायलट ने बुधवार को पहली बार अपनी बात सामने रखते हुए कहा, मैं भाजपा में शामिल नहीं होने जा रहा हूं। कुछ लोग मेरा नाम भाजपा से जोड़ रहे हैं। मेरी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। मैं भाजपा के किसी नेता से नहीं मिला हूं। करीब छह महीने में सिंधिया से भी नहीं मिला हूं। मैं अपने लोगों के लिए काम करना जारी रखूंगा। पायलट ने कहा कि राज्य पुलिस ने मुझे एक नोटिस दिया, जिसमें राजद्रोह के आरोप थे, जिससे मेरे आत्म-सम्मान को ठेस पहुंची।
एक इंटरव्यू में पायलट ने कहा, मैंने राजस्थान में कांग्रेस की वापसी के लिए कड़ी मेहनत की थी, लेकिन बाद में मेरी बात सुनी नहीं गई। मैं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से नाराज नहीं हूं। मैं चाहता था कि जनता से किए गए वादे पूरे किए जाएं। पायलट से जब पूछा गया कि आखिर उन्होंने बगावत क्यों की? पार्टी के अंदर चर्चा क्यों नहीं की? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर चर्चा का कोई मंच बचा ही नहीं था। राहुल गांधी ने जब से कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया, गहलोत और उनके साथियों ने मेरे खिलाफ मोर्चा खोल दिया। तभी से मेरे लिए आत्मसम्मान बचाना मुश्किल हो गया था। ये सत्ता नहीं बल्कि आत्म-सम्मान की बात थी।
कांग्रेस के बागी नेता सचिन पायलट ने बुधवार को पहली बार अपनी बात सामने रखते हुए कहा, मैं भाजपा में शामिल नहीं होने जा रहा हूं। कुछ लोग मेरा नाम भाजपा से जोड़ रहे हैं। मेरी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। मैं भाजपा के किसी नेता से नहीं मिला हूं। करीब छह महीने में सिंधिया से भी नहीं मिला हूं। मैं अपने लोगों के लिए काम करना जारी रखूंगा। पायलट ने कहा कि राज्य पुलिस ने मुझे एक नोटिस दिया, जिसमें राजद्रोह के आरोप थे, जिससे मेरे आत्म-सम्मान को ठेस पहुंची।
एक इंटरव्यू में पायलट ने कहा, मैंने राजस्थान में कांग्रेस की वापसी के लिए कड़ी मेहनत की थी, लेकिन बाद में मेरी बात सुनी नहीं गई। मैं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से नाराज नहीं हूं। मैं चाहता था कि जनता से किए गए वादे पूरे किए जाएं। पायलट से जब पूछा गया कि आखिर उन्होंने बगावत क्यों की? पार्टी के अंदर चर्चा क्यों नहीं की? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर चर्चा का कोई मंच बचा ही नहीं था। राहुल गांधी ने जब से कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया, गहलोत और उनके साथियों ने मेरे खिलाफ मोर्चा खोल दिया। तभी से मेरे लिए आत्मसम्मान बचाना मुश्किल हो गया था। ये सत्ता नहीं बल्कि आत्म-सम्मान की बात थी।
ईश्वर पायलट को दे सद्बुद्धि, भाजपा के मायावी जाल से बाहर निकलें
सचिन पायलट के लिए पार्टी के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। ईश्वर उनको सद्बुद्धि दे। उन्हें अपनी उनकी गलती समझ आए। मेरी प्रार्थना है कि भाजपा के मायावी जाल से वह बाहर निकल आएं। -अविनाश पांडे, राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी
सचिन पायलट के लिए पार्टी के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। ईश्वर उनको सद्बुद्धि दे। उन्हें अपनी उनकी गलती समझ आए। मेरी प्रार्थना है कि भाजपा के मायावी जाल से वह बाहर निकल आएं। -अविनाश पांडे, राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी