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Rajasthan Election: गहलोत का चलेगा जादू या होगी भाजपा की वापसी, राजस्थान में किन मुद्दों पर होगा चुनाव? जानें

Mon, 09 Oct 2023 12:42 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Mon, 09 Oct 2023 12:42 PM IST
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सार
Rajasthan Election 2023: आज राजस्थान के विधानसभा चुनावों का एलान हो गया। इससे पहले भाजपा-कांग्रेस समेत लगभग सभी दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। राजस्थान में चुनाव के लिए सत्ताधारी कांग्रेस के दिग्गज नेता चुनावी कार्यक्रम कर रहे हैं। भाजपा भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जरिए चुनावी बिगुल फूंक चुकी है।
 
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Rajasthan Election 2023: Poll issues cm faces and political equations of state
Rajasthan Election 2023 - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

आज राजस्थान समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों का आज एलान होने गया। राजस्थान में 23 नवंबर को चुनाव कराया जाएगा जबकि वहीं नतीजे तीन दिसंबर को आएंगे।



पांच चुनावी राज्यों में से राजस्थान समेत दो राज्य ऐसे हैं, जहां वर्तमान में कांग्रेस की सरकार है। लिहाजा पार्टी अपनी सत्ता को बरकरार रखने के लिए ताकत झोंक रही है। वहीं भाजपा, आप, सपा, बसपा भी चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति क्या है? मुख्यमंत्री पद के चेहरे कौन-कौन से हैं? चुनाव प्रचार में बड़े चेहरे कौन-कौन से हैं? चुनाव के बड़े मुद्दे क्या हैं? किन-किन के बीच मुकाबला है? इस बार 2018 के मुकाबले समीकरण कितने अलग हैं? आइए विस्तार से समझते हैं...

Rajasthan Election 2023
Rajasthan Election 2023 - फोटो : AMAR UJALA

राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति क्या है?
इस चुनाव में कांग्रेस के सामने अपनी सत्ता विरोधी लहर को कम कर सरकार बचाने की चुनौती होगी। वहीं, भाजपा एक बार फिर राज्य की सत्ता में आने की कोशिश करेगी। इससे पहले राज्य में इन दिनों चुनावी सरगर्मी काफी तेज हो चली है। सभी दल चुनाव से ऐन पहले एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। इस बीच विधानसभा चुनाव के लिए विपक्षी पार्टी भाजपा ने उम्मीदवारों के चयन के लिए मैराथन बैठकें की हैं। जल्दी ही पार्टी उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है। वहीं कांग्रेस और आप का केंद्रीय नेतृत्प भी अपनी-अपनी सूची को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। 



वर्तमान में राजस्थान के सियासी समीकरण की बात करें तो इस वक्त 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 107, भाजपा के 70 और 22 अन्य हैं। वहीं उदयपुर सीट वरिष्ठ भाजपा नेता गुलाबचंद कटारिया के इस्तीफे के कारण इसी साल फरवरी महीने में खाली हो गई थी जब उन्हें असम का राज्यपाल नियुक्त कर दिया गया।

बता दें कि 2018 के चुनाव के बाद 200 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस की 99, भाजपा की 77 सीटें थीं। छह सीटें बसपा और 20 अन्य के खाते में गई थीं। बाद में बसपा के सभी विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए थे। 

भाजपा-कांग्रेस
भाजपा-कांग्रेस - फोटो : Social Media

मुख्यमंत्री पद के चेहरे कौन?
कांग्रेस राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के चेहरे के साथ ही चुनाव में उतर सकती है। प्रदेशभर में सड़कों पर लगाए गए होर्डिंग्स और पोस्टर्स में सिर्फ यह दिखाने की कोशिश हो रही है कि गहलोत ही इस चुनाव में सबसे अहम हैं। हालांकि, राहुल और प्रियंका ने पहले सचिन पायलट समेत अन्य नेताओं से सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बातें कही थीं। चुनाव के बाद ही सीएम चेहरे को लेकर निर्णय लेने का आश्वासन भी नेतृत्व की ओर से दिया गया था। 

वहीं राज्य की मुख्य विपक्षी भाजपा के रुख की बात करें तो वह इस चुनाव में सामूहिक नेतृत्व के जरिए जनता के सामने जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी चुनावी रैली में इस बात पर जोर दिया कि भाजपा कमल के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि, समय-समय पर खबरें आती रही हैं कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सीएम पद की रेस में हो सकते हैं। भाजपा अक्सर सरप्राइज देने के लिए भी जानी जाती रही है और कोई नया चेहरा सामने कर सकती है। 

राहुल गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह।
राहुल गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह। - फोटो : अमर उजाला

चुनाव प्रचार के चेहरे कौन?
कांग्रेस के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ-साथ प्रियंका गांधी और राहुल गांधी प्रदेश में काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही पार्टी के प्रमुख नेता मल्लिकार्जुन खरगे, सचिन पायलट, गोविन्द सिंह डोटासरा भी चुनावी कार्यक्रमों में नजर आ रहे हैं। इससे पहले कांग्रेस चुनाव समिति में पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव, पीएल पूनिया और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के नाम शामिल किए गए थे।

दूसरी ओर भाजपा ने पार्टी के चुनाव प्रचार के लिए पीएम मोदी को उतारा है। चेहरा न होने के बावजूद खुद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे दौरे कर रही हैं। वहीं गजेंद्र सिंह शेखावत, सतीश पुनिया, सीपी जोशी, अर्जुन राम मेघवाल जैसे नेता भी चुनावी कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे हैं। 

चुनाव के बड़े मुद्दे क्या हैं? 
इस चुनाव में मौजूदा सरकार के सामने बेरोजगारी जैसा बड़ा मुद्दा है। पिछले कुछ समय में विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। दिसंबर 2022 में राजस्थान द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, जिसकी जांच ईडी कर रही है। प्रदेश में स्थिति इतनी बिगड़ी कि पेपर लीक की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार को नकल विरोधी कानून बनाना पड़ा। 

उधर भाजपा लगातार इन मुद्दों को अपने कार्यक्रमों में उठा रही है। हाल ही में चित्तौड़गढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के युवाओं से वादा करते हुए कहा था एक-एक पेपर लीक माफिया का पाताल में जाकर फैसला करूंगा।  एक भी पेपर लीक माफिया को छोड़ा नहीं जाएगा। 

राज्य में महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर भी विपक्ष हमेशा हमलावर रहा है। पीएम समेत तमाम भाजपा नेता चुनावी कार्यक्रमों इन मुद्दे को उठा रहे हैं। 

इस बीच महिला वोटर को साधने के लिए कांग्रेस सरकार ने इसी साल एक अप्रैल को सस्ती दर पर प्रतिमाह एक सिलेंडर देने के लिए इंदिरा गांधी गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना शुरू की थी। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार की ओर से उज्ज्वला योजना के कनेक्शनधारी परिवारों को प्रति गैस सिलेण्डर 410 रुपए की सब्सिडी दी जाती है। वहीं, बीपीएल गैस कनेक्शनधारकों को प्रति गैस सिलेंडर 610 रुपए की सब्सिडी मिलती है।

इसके अलावा 10 अगस्त को चिरंजीवी परिवारों की महिला मुखियाओं को निःशुल्क स्मार्टफोन वितरण शुरू किया गया था। पहले चरण में 40 लाख महिलाओं और छात्राओं को स्मार्टफोन बांटे जाने की योजना है।

वहीं भाजपा आगामी चुनाव के लिए महिला आरक्षण को सामने रख रही है। इसके अलावा आप ने राजस्थान में भी 10 चुनावी गारंटियां घोषित की हैं। इसमें महिलाओं, युवाओं, आदिवासियों और किसानों से जुड़े मुद्दे रखे गए हैं।

किनके-किनके बीच मुकाबला है?
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच होने की उम्मीद है। इसके अलावा आप, सपा, बसपा और  राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी जैसे दल भी अपना दावा कर रहे हैं। 

Rajasthan Election 2023
Rajasthan Election 2023 - फोटो : AMAR UJALA

पिछली बार कब हुए थे चुनाव?
राजस्थान विधानसभा के लिए चुनाव सात दिसंबर को हुए थे जबकि परिणाम 11 दिसंबर को घोषित हुए। अलवर की रामगढ़ सीट छोड़कर बाकी 199 सीटों पर मतदान हुआ। रामगढ़ सीट पर बसपा के प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह के निधन के कारण चुनाव स्थगित हो गया था। इस चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को पटखनी देते हुए 99 सीटें जीतीं। 

इसके साथ ही प्रदेश में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन का रिवाज कायम रहा। भाजपा को 73, मायावती की पार्टी बसपा को छह तो अन्य को 20 सीटें मिलीं। कांग्रेस को बहुमत के लिए 101 विधायकों की जरूरत थी। कांग्रेस ने निर्दलियों और अन्य की मदद से जरूरी आंकड़ा जुटा लिया। इसके साथ ही राज्य की सत्ता में वापसी की और अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बने।

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