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बारिश से बुरा हाल: गुजरात के राजकोट और जामनगर में 3 लोगों की मौत, सीएम भूपेंद्र पटेल ने लोगों की हरसंभव मदद के निर्देश दिए
Mon, 13 Sep 2021 07:57 PM IST
स्वप्निल शशांक
नेशनल डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
नेशनल डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 13 Sep 2021 07:57 PM IST
सार
लोगों को रेस्क्यू करने के लिए एनडीआरएफ की टीम तैनात की गई है। इसके साथ ही एयरफोर्स की मदद से भी लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है। इस काम के लिए 4 हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं।
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एनडीआरएफ ने जामनगर के कालावाड में रेस्क्यू करते हुए 31 लोगों की जान बचाई।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
गुजरात के राजकोट और जामनगर में पिछले कई घंटों से हो रही बारिश के कारण बुरा हाल है। इन दोनों जगहों पर बारिश की वजह से अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। कई गांवों में जलभराव की वजह से लोग छत पर मदद के इंतजार में बैठे हैं। गुजरात के नए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जामनगर में भारी बारिश को लेकर राज्य के मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर बैठक की। सीएम पटेल ने अधिकारियों से बाढ़ में फंसे लोगों को हरसंभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
हालात का जायजा लेने जामनगर पहुंचे सीएम पटेल ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में जाकर प्रभावितों से मुलाकात भी की।
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हालात का जायजा लेने जामनगर पहुंचे सीएम पटेल ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में जाकर प्रभावितों से मुलाकात भी की।
Gujarat CM Bhupendra Patel visits flood-affected areas in Jamnagar pic.twitter.com/9BaulBsSPn
— ANI (@ANI) September 14, 2021
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मौके पर एनडीआरएफ की टीम तैनात
जामनगर और आसपास के इलाकों में नदियां उफान पर हैं। कई लोग फंसे हुए हैं। ऐसे में टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के मुताबिक, सोमवार को 10 घंटे के अंदर राजकोट और जामनगर में भारी बारिश देखने को मिली। राजकोट के लोधिका तालुका में 435 मिलिमीटर, राजकोट तालुका में 305 मिलिमीटर, धोराजी में 202 मिलिमीटर, कोटदासगंज में 190 मिलिमीटर और गोंदल में 162 मिलिमीटर बारिश हुई। वहीं, जामनगर के कालावाड में 348 मिलिमीटर और जुनागढ़ के विसावदार तालुका में 364 मिलिमीटर बारिश हुई।
इतना ही नहीं जामनगर में 35 गांवों से संपर्क भी टूट गया है। लोगों को रेस्क्यू करने के लिए एनडीआरएफ की टीम को तैनात किया गया है। इसके साथ ही एयरफोर्स की मदद से लोगों को रेस्क्यू भी किया जा रहा है। इस काम के लिए 4 हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं। एनडीआरएफ ने जामनगर के कालवाड से से अब तक 30 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर लिया है।
इतना ही नहीं जामनगर में 35 गांवों से संपर्क भी टूट गया है। लोगों को रेस्क्यू करने के लिए एनडीआरएफ की टीम को तैनात किया गया है। इसके साथ ही एयरफोर्स की मदद से लोगों को रेस्क्यू भी किया जा रहा है। इस काम के लिए 4 हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं। एनडीआरएफ ने जामनगर के कालवाड से से अब तक 30 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर लिया है।
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राजकोट में बारिश से बाढ़ जैसे हालात
जामनगर के अलावा राजकोट के भी कई इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हैं। जिला कलेक्टर ने मूसलाधार बारिश के कारण स्कूल और कॉलेजों में एक दिन की छुट्टी की घोषणा कर दी है।
तेज बहाव में बह गई गाड़ी
जामनगर में लगातार हो रही बारिश से हुए जलभराव में एक गाड़ी पानी में बह गई। बहाव तेज होने के कारण उसे रेस्क्यू करने की कोशिश नहीं की गई। इसके अलावा करीब 3 गांव के लोग चारों ओर पानी होने के कारण फंस गए थे। सोमवार को सीएम पटेल ने जिला कलेक्टर से जल्द से जल्द रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा करने कहा था। उनके निर्देश के बाद प्रशासन एक्टिव हुआ और लोगों को निकालने का काम जारी है।
कारोबारी और ड्राइवर कार समेत नदी में बहे
राजकोट के छापरा गांव के पेस पेलिकन ग्रुप के मालिक किशनभाई शाह आई-20 कार समेत नदी में बह गए। कार में उनका ड्राइवर भी था। दोनों का तलाश के लिए नेवी की मदद मांगी गई है। राजकोट के कलेक्टर अरुण महेश बाबू के अनुसार नेवी की एक टीम पोरबंदर से रवाना हो गई है। जानकारी के अनुसार, 50 वर्षीय किशनभाई शाह साेमवार दोपहर अन्य साथी और ड्राइवर के साथ कार से फैक्ट्री के लिए रवाना हुए थे। कार आणंदपर-छपरा गांव के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान पुलिया पर पानी बहने के बावजूद कार नहीं रोकी गई, जिससे कार पानी में फंस गई। कार से किशनभाई का परिचित किसी तरह बाहर आ गया, लेकिन इसी दौरान कार बह गई।