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वेटिंग टिकट कंफर्म होने के चांस बढ़े, जल्द हर ट्रेन में होंगी 22 बोगियां
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Wed, 03 Jan 2018 12:21 PM IST
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भारतीय रेल
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जल्द हर ट्रेन में 22 कोच ही होंगे। चाहे वह किसी भी रूट पर क्यों न चले। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेलवे जल्द हर रूट पर चलने वाली ट्रेनों में कोच की संख्या के मानक तय करने जा रहा है। हर ट्रेन में जनरल, स्लीपर और एसी कोच की संख्या भी तय होगी। फिर किसी भी ट्रेन को किसी भी रूट पर चलाना संभव होगा।
रेलमंत्री के मुताबिक 22 कोच वाली ट्रेन के लिए प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाई जाएगी और अन्य जरूरी बदलाव भी किए जाएंगे। इसके लिए इंजीनियरिंग विभाग काम कर रहा है। अभी रेल कोच दो तरह के होते हैं, आईसीएफ और एलएचबी। ट्रेन में कोच की संख्या 12, 16, 18, 22 और 26 होती है। यह मांग पर निर्भर करता है, लेकिन इससे रेलवे एक ट्रेन की जगह दूसरी को किसी रूट पर नहीं भेज पाता है। खासकर जब ट्रेन ज्यादा लेट हो रही हो।
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक कोच बराबर होने पर किसी भी रूट पर किसी भी ट्रेन को भेजना संभव होगा। इससे ट्रेन आने और उसे यात्रा के लिए तैयार करने के लिए इंतजार नहीं करना होगा। इस प्रयोग के लिए रेलवे ने पहले चरण में 300 ट्रेनों और उनके मार्ग को चुना है। ये ज्यादातर व्यस्त मार्ग वाली ट्रेनें हैं। जुलाई में इन ट्रेनों के समय में बदलाव किया जाएगा। इस प्रयोग की सफलता के बाद इसे सभी ट्रेनों में लागू किया जाएगा।
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रेलमंत्री के मुताबिक 22 कोच वाली ट्रेन के लिए प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाई जाएगी और अन्य जरूरी बदलाव भी किए जाएंगे। इसके लिए इंजीनियरिंग विभाग काम कर रहा है। अभी रेल कोच दो तरह के होते हैं, आईसीएफ और एलएचबी। ट्रेन में कोच की संख्या 12, 16, 18, 22 और 26 होती है। यह मांग पर निर्भर करता है, लेकिन इससे रेलवे एक ट्रेन की जगह दूसरी को किसी रूट पर नहीं भेज पाता है। खासकर जब ट्रेन ज्यादा लेट हो रही हो।
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रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक कोच बराबर होने पर किसी भी रूट पर किसी भी ट्रेन को भेजना संभव होगा। इससे ट्रेन आने और उसे यात्रा के लिए तैयार करने के लिए इंतजार नहीं करना होगा। इस प्रयोग के लिए रेलवे ने पहले चरण में 300 ट्रेनों और उनके मार्ग को चुना है। ये ज्यादातर व्यस्त मार्ग वाली ट्रेनें हैं। जुलाई में इन ट्रेनों के समय में बदलाव किया जाएगा। इस प्रयोग की सफलता के बाद इसे सभी ट्रेनों में लागू किया जाएगा।
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रेलवे में भर्ती का समय घटाया जाएगा
रेलवे की भर्ती प्रक्रिया को दो साल से घटाकर आठ से नौ माह में सीमित करने का फैसला लिया गया है।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक रेल में दो लाख भर्तियां होनी हैं। सभी 16 जोन के महानिदेशकों ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहनी से अनुरोध किया है कि दो साल तक चलने वाली लंबी भर्ती प्रक्रिया में कटौती की जाए।
इसके बाद भर्ती प्रक्रिया की समय सीमा आठ से नौ महीने करने का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। यह अंतिम चरण में है। रेलवे ने सभी विभागों से बीस जनवरी प्रस्ताव तैयार करने को कहा है।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक रेल में दो लाख भर्तियां होनी हैं। सभी 16 जोन के महानिदेशकों ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहनी से अनुरोध किया है कि दो साल तक चलने वाली लंबी भर्ती प्रक्रिया में कटौती की जाए।
इसके बाद भर्ती प्रक्रिया की समय सीमा आठ से नौ महीने करने का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। यह अंतिम चरण में है। रेलवे ने सभी विभागों से बीस जनवरी प्रस्ताव तैयार करने को कहा है।