राहुल बोले, कर्नाटक में भ्रष्टाचार पर भाजपा से कोई मुकाबला नहीं, उसे लोगों ने नकारा
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में कर्नाटक में उनकी सरकार और पूर्व की भाजपा सरकार के बीच ‘कोई मुकाबला’ नहीं है। लोगों ने भगवा पार्टी की सरकार को नकार दिया है।
राहुल ने ट्विटर पर कर्नाटक में कांग्रेस और भाजपा सरकार (2008-2013) के कामकाज की तुलना की। इस दौरान उन्होंने आंकड़ों के जरिये यह समझाने की प्रयास किया कि हर मामले में उनकी सरकार का शासन बेहतर रहा।
राहुल ने दो अलग-अलग ग्राफिक्स ट्वीट किए। साथ ही कहा, कर्नाटक में जब भ्रष्टाचार की बात होती हो ये ग्राफिक्स दिखाते हैं कि कोई मुकाबला नहीं है। इन ग्राफिक्स में दावा किया गया है कि देश में रोजगार देने के मामले में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार सबसे आगे हैं।
अन्न भाग्य योजना से चार करोड़ लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। रामथाल मरोल एशिया का सबसे बड़ी ड्रिप सिंचाई परियोजना है। दुनिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा पार्क का निर्माण भी पार्टी द्वारा गया है। उनकी सरकार ने 22 लाख किसानों के 8,165 करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए हैं।
भाजपा कैशलेस भ्रष्टाचार में माहिर
वहीं दूसरे ग्राफिक्स में दिखाया गया है कि भाजपा के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा डिनोटिफिकेशन घोटाले में जेल जा चुके हैं। विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा ऑपरेशन कमला भगवा पार्टी के शासन के दौरान ही सामने आया।
भाजपा कैशलेस भ्रष्टाचार में माहिर है। वह चेक से घूस लेती है। उसके राज्य में मंत्री रहे कृष्णैया शेट्टी जमीन कब्जाने के आरोप में जेल गए। वहीं रेड्डी बंधुओं ने भी 35,000 करोड़ के खनन घोटाले में जेल की हवा खाई। ग्राफिक्स में पूछा गया है, कौन बेहतर है? कांग्रेस का 2013-18 का शासन या भाजपा की 2008-13 तक की सरकार। आंकड़े खुद बोल रहे हैं।
एक अन्य ग्राफिक्स में दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के शासनकाल में 53 लाख नौकरियों का सृजन हुआ, वहीं भाजपा के शासन के समय 26.64 लाख नौकरियां ही दी गईं। कांग्रेस ने जहां किसानों को 12,000 करोड़ रुपये का कर्ज दिया वहीं 42.3 किलोमीटर का ‘नम्मा मेट्रो’ का काम पूरा किया। वहीं भाजपा ने सिर्फ 6,560 करोड़ रुपये का कर्ज दिया, जबकि 6.7 किमी मेट्रो का निर्माण किया।
भाजपा ने 15 अमीर उद्योगपतियों को दे दिया 90 फीसदी पैसा
नीरव मोदी ने किसी को नौकरी नहीं दी। उसने 35,000 करोड़ रुपये लिए और देश छोड़कर भाग गया। यह पैसा आपके जैसे छोटे उद्योग करने वालों को दिया जा सकता था। आपकी फैक्टरी से हजारों लोगों को काम मिलता है। रेड्डी बंधुओं ने भी 35,000 करोड़ चुरा लिए। इससे आप कुछ और हजार नौकरियां पैदा कर सकते थे।