राहुल गांधी ने गिनाए ये 7 नाम, कहा- इन्हें किसी ने नहीं मारा, वे खुद मर गए
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राहुल ने सोहराबुद्दीन के साथ ही हरेन पांड्या, कौसर बी और जस्टिस लोया की मौत का भी जिक्र किया और कहा कि "वे अपने आप मर गए।"
कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्विटर पर कहा, "किसी की हत्या नहीं हुई...हरेन पांड्या, तुलसीराम प्रजापति, जस्टिस लोया, प्रकाश थोम्ब्रे, श्रीकांत खांडालकर, कौसर बी, सोहराबुद्दीन शेख... ये अपने आप मर गए।"
NO ONE KILLED...
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 22, 2018
Haren Pandya.
Tulsiram Prajapati.
Justice Loya.
Prakash Thombre.
Shrikant Khandalkar.
Kauser Bi.
Sohrabuddin Shiekh.
THEY JUST DIED.
गौरतलब है कि सीबीआई की एक विशेष अदालत ने गैंगेस्टर सोहराबुद्दीन शेख, उसकी पत्नी कौसर बी और उसके सहयोगी तुलसी प्रजापति की कथित फर्जी मुठभेड़ में हत्या के मामले में 22 आरोपियों को साक्ष्यों के आभाव में शुक्रवार को बरी कर दिया था।
कौन थे मारे गए लोग
बता दें कि गुजरात के गृहमंत्री रह चुके हरेन पंड्या की 26 मार्च 2003 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब गुजरात में नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री थे। इस घटना में आरोपी रहे सोहराबुद्दीन शेख को बाद में 2005 में पुलिस ने मुठभेड़ में मार दिया। जज बीएच लोया सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस की सुनवाई कर रहे थे। लोया की 2015 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।जबकि इसी केस से जुड़े वकील श्रीकांत की भी 29 नवंबर 2015 को संदिग्ध हालात में मृत पाए गए थे। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया था कि वकील श्रीकांत को अदालत की बिल्डिंग से फेंक कर मारा गया था।
वहीं सोहराबुद्दीन और तुलसीराम प्रजापति दोनों मूल रूप से उज्जैन के रहनेवाले थे। दोनों ही अपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे। तुलसीराम प्रजापति को 18 साल की उम्र में 1997 में पहली बार गिरफ्तार किया गया था। और 28 साल की उम्र में गुजरात में पुलिस ने मुठभेड़ में उसे मारा।
जज बोले- मैं दुखी हूं
इस बहुचर्चित मामले में इसी महीने रिटायर हो रहे जज एसजे शर्मा ने अपने फैसले में कहा, "2005 के मुठभेड़ मामलों में साजिश और हत्या का जुर्म साबित करने के लिए पेश सबूत और गवाह संतोषजनक नहीं हैं। अदालत के सामने पेश किए गए सबूत किसी भी आरोपी की भूमिका की पुष्टि नहीं करते।" जज ने मामले में किसी को सजा नहीं देने की अदालत की अक्षमता पर अफसोस जाहिर किया।सोहराबुद्दीन मामले में क्या-क्या हुआ?
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष के करीब 92 गवाह मुकर गए। इस महीने की शुरूआत में आखिरी दलीलें पूरी किए जाने के बाद सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश एस जे शर्मा ने कहा था कि वह 21 दिसंबर को फैसला सुनाएंगे। ज्यादातर आरोपी गुजरात और राजस्थान के कनिष्ठ स्तर के पुलिस अधिकारी हैं।
अदालत ने सीबीआई के आरोपपत्र में नामजद 38 लोगों में 16 को सबूत के अभाव में पहले ही आरोपमुक्त कर दिया था। इनमें अमित शाह, राजस्थान के तत्कालीन गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया, गुजरात पुलिस के पूर्व प्रमुख पी सी पांडे और गुजरात पुलिस के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी डीजी वंजारा शामिल हैं।