PM: राहुल गांधी ने पीएम मोदी की अपील को बताया नाकामी, भड़के केंद्रीय मंत्री; याद दिलाई 1962 में नेहरू की अपील
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की बचत और ईंधन कम उपयोग की अपील राष्ट्रीय हित में है। उन्होंने 1962 चीन युद्ध और लाल बहादुर शास्त्री के दौर का उदाहरण देकर त्याग और जनभागीदारी को जरूरी बताया।
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उनकी टिप्पणी को लेकर हमला बोला। राहुल गांधी ने वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच ईंधन की खपत कम करने और विदेश यात्रा से बचने के प्रधानमंत्री की अपील को विफलता का प्रमाण बताया था। सिंह ने राहुल गांधी की आलोचना पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या 1962 के चीन युद्ध के दौरान जवाहरलाल नेहरू भी विफल थे, जब नागरिकों से सोने का योगदान मांगा गया था।
ऊर्जा संकट के बीच लोगों से मांग मदद
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अमेरिका-ईरान संघर्ष से उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट के मद्देनजर नागरिकों से ईंधन की खपत कम करने और विदेश यात्रा से बचने की अपील की थी। इस पर राहुल गांधी ने कहा था कि पिछले बारह वर्षों में देश को ऐसी स्थिति में ला दिया गया है कि जनता को अब बताया जा रहा है कि क्या खरीदना है और क्या नहीं, कहां जाना है और कहां नहीं।
राहुल गांधी ने की पीएम के अवाहन की आलोचना
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, कल मोदी जी ने जनता से त्याग करने का आह्वान किया - सोना न खरीदें, विदेश यात्रा न करें, पेट्रोल कम इस्तेमाल करें, उर्वरक और खाना पकाने का तेल कम करें, मेट्रो लें और घर से काम करें। ये सलाह के शब्द नहीं हैं, ये विफलता का प्रमाण हैं।
गिरिराज सिंह ने याद दिलाया नेहरू के समय 1962 का युद्ध
इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा, शायद राहुल गांधी देश का इतिहास नहीं जानते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक सफल राजनेता हैं। उन्होंने आगे कहा, मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि क्या 1962 के चीन युद्ध के दौरान जवाहरलाल नेहरू विफल थे? उस समय लोगों से सोना दान करने को कहा गया था क्योंकि देश में कमी थी। सिंह ने जोर दिया कि जब भी राष्ट्र के लिए आह्वान किया गया है, लोगों ने बलिदान दिया है। यदि प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात कही है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
ऐतिहासिक संदर्भ और तुलना
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी के बयान को देश के इतिहास की अज्ञानता बताया। उन्होंने 1962 के चीन युद्ध का उदाहरण दिया। उस समय देश में संसाधनों की कमी थी। लोगों से सोने का योगदान मांगा गया था। सिंह ने सवाल किया कि क्या उस समय के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भी विफल माना जाना चाहिए था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल का भी जिक्र किया, जब खाद्य पदार्थों की कमी के कारण लोगों से उपवास रखने की अपील की गई थी।
ऊर्जा संकट और जनभागीदारी
सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी लोगों से सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी, और करोड़ों लोगों ने इसका पालन किया। उन्होंने गरीब महिलाओं को एलपीजी सिलिंडर उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया। केंद्रीय मंत्री ने जोर दिया कि राष्ट्र के आह्वान पर जनता ने हमेशा त्याग और योगदान किया है। उन्होंने वर्तमान में गैस की कमी का हवाला देते हुए कहा कि लोगों को स्थिति के अनुकूल ढलना चाहिए। सिंह ने बताया कि वह स्वयं पिछले पांच वर्षों से इंडक्शन स्टोव का उपयोग कर रहे हैं और दूसरों से भी इसे अपनाने की अपील करते हैं।