भाजपा के हिन्दुत्व से नहीं डरते राहुल गांधी
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भाजपा की ताकत बनने वाला हिन्दुत्व का एजेंडा अब कांग्रेस को काफी ताकत देने लगा है। कांग्रेस के नेता इसका श्रेय गुजरात चुनाव प्रचार में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल द्वारा शुरू की गई पहल को दे रहे हैं। कांग्रेस की नेता सुष्मिता देव का मानना है कि जहां लोगों को भाजपा की कथनी, करनी का फर्क समझ में आ गया है, वहीं हिन्दुत्व को लेकर भी सच्चाई सामने आने लगी है। पार्टी के आईटी सेल से जुड़े रोहन गुप्ता का मानना है कि गुजरात में भाजपा ने जमकर हिन्दुत्व का कार्ड खेला, लेकिन वह चला ही नहीं। गुप्ता के अनुसार यही स्थिति कर्नाटक में भी है।
भाजपा हर तरह के प्रयोग कर चुकी है, लेकिन वहां उसका हिन्दुत्व का एजेंडा खड़ा नहीं हो पा रहा है। रोहन गुप्ता इसका श्रेय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पांच साल के शासन, प्रचार की रणनीति और उनकी छवि को दे रहे हैं। राहुल गांधी ने कर्नाटक चुनाव प्रचार में भी लगातार मठ, मंदिर में जाना जारी रखा है। सिद्धारमैया ने वीरशैव लिंगायत को अलग अल्पसंख्यक धर्म का दर्जा देने की सिफारिश तक की। बताते हैं इसके कारण राज्य में भाजपा का हिन्दुत्व का एजेंडा कांग्रेस पार्टी के लिए कोई बड़ी चुनौती नहीं बन पा रहा है।
राहुल गांधी जाएंगे कैलाश मानसरोवर
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कैलाश मानसरोवर जाएंगे। इसका ऐलान खुद उन्होंने रविवार 29 अप्रैल को राम लीला मैदान में आयोजित जन आक्रोश रैली में किया है। बतौर राहुल गांधी वह कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद 10-15 दिन की छुट्टी लेकर वहां जाना चाहते हैं। राहुल गांधी ने यह घोषणा ऐसे ही नहीं की है। कांग्रेस अध्यक्ष करीब दो-तीन साल से लगातार कोई न कोई बहाने बता रहे हैं कि वह (कांग्रेस अध्यक्ष) शिव भक्त हैं। पिछले साल उ.प्र. विधानसभा चुनाव से पहले तालकटोरा स्टेडिम में आयोजित पार्टी के कार्यक्रम में संबोधन के दौरान उन्होंने भगवान शिव में अपनी आस्था दिखाई थी।
गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सोमनाथ मंदिर समेत कई शिवालय के दर्शन किए थे। कैलाश मानसरोवर भगवना शिव और पार्वती का निवास स्थान माना जाता है। हिन्दुओं, खासकर सनातन धर्म को मानने वालों में इस तीर्थ स्थल के प्रति गहरी आस्था है। कभी देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर नेहरू ने भी कैलाश मानसरोवर की यात्रा की थी। इसलिए राहुल गांधी की इस यात्रा का भी एक खास मकसद है।
कांग्रेस अध्यक्ष दे रहे हैं संदेश
कैलाश मानसरोवर की यात्रा की इच्छा जताकर कांग्रेस अध्यक्ष एक संदेश देते नजर आ रहे हैं। उनके कार्यालय से जुड़े एक सदस्य का कहना है कि राहुल गांधी दिखावे के लिए धार्मिक नहीं है बल्कि उनकी धर्म में आस्था है। वह धर्म के मूल्य, मान्यता, परंपरा का सम्मान करते हुए इसके अनुयायी हैं। बिना भाजपा का नाम लिए सूत्र का कहना है कि उनका हिन्दुत्व अलग है। वह लोगों को बांटता है। वह अयोध्या में राम मंदिर के नाम पर सत्ता में आते हैं और राम मंदिर के मुद्दे को ही भूल जाते हैं। वह (भाजपा) इसे केवल अपने राजनीतिक हितों के लिए याद करते हैं। कांग्रेस यह दिखावा नहीं करती।
क्या भाजपा के हिन्दुत्व को चुनौती दे पाएंगे कांग्रेस अध्यक्ष
इस मुद्दे पर कांग्रेस के नेता अभी कुछ नहीं बोलना चाहते। पार्टी के दो महासचिवों का मानना है कि कांग्रेस कभी भी भाजपा के हिन्दुत्व का मुकाबला नहीं कर सकती। उनका हिन्दुत्व वहीं है जो उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ मुख्यालय (आरएसएस) बताता है। पार्टी के एक नेता एसवी रमणी का कहना है कि हमें आरएसएस और भाजपा के हिन्दुत्व से कोई तुलना नहीं करनी है क्योंकि उनका हिन्दुत्व भारतीय वेद, शास्त्र, परंपरा से मेल नहीं खाता। रमणी कहते हैं कि इसलिए हमें इसमें कोई प्रतियोगिता नहीं करनी है। फैसला देश की जनता को लेना है और हमें सिर्फ अपने धर्म में आस्था बनाए रखकर अपना काम करना है।