{"_id":"5a8d85c34f1c1bf07b8b889f","slug":"rahul-gandhi-becoming-hero-from-zero-in-ten-months","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"10 महीने में जीरो (पप्पू) से हीरो बनने की राह पर चल निकले राहुल गांधी","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
10 महीने में जीरो (पप्पू) से हीरो बनने की राह पर चल निकले राहुल गांधी
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 22 Feb 2018 06:16 AM IST
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राहुल गांधी
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राजनीति में कब किसके सितारे गर्दिश में हों और कब चमक जाएं, कहा नहीं जा सकता। आज से करीब 11 महीने पहले उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ ने यूपी के सीएम पद की शपथ ली थी। इसके 7 दिन पहले परिणाम आने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को राजनीति का पप्पू करार दे दिया गया था। आज कांग्रेस गदगद है। उसके पास नया राहुल गांधी के नाम का अध्यक्ष है।
नये अध्यक्ष की जनसभा में भीड़ उमड़ रही है। इतना ही नहीं पार्टी के नेताओं को लगने लगा है कि राहुल गांधी के बढ़ रहे प्रभाव से भाजपा का आलाकमान परेशान होने लगा है। सोनिया गांधी की कोटरी के एक प्रभावशाली नेता तो यहां तक कहते हैं कि राहुल के उभार से सत्ता पक्ष को अब भय दिखने लगा है।
फिलवक्त कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकार मार्च के तीसरे सप्ताह में दिल्ली में आयोजित प्लेनरी सेशन के आयोजन में व्यस्त हैं। सबकी निगाहें इस प्लेनरी सेशन पर हैं। कांग्रेस के नेताओं को इसका पूरा आभास है कि 16, 17 और 18 मार्च का पार्टी प्लेनरी सेशन उन्हें कांग्रेस नई कार्यसमिति और संगठन में होने वाले बदलाव एहसास कराएगा। सत्र के समाप्त होने के बाद जल्द ही सबकुछ अमल में भी आ जाएगा।
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राहुल गांधी के कार्यालय के करीबी सूत्र का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष की व्यस्तता काफी बढ़ गई है। हर दिन आने फोन, मिलने के लिए समय मांगने वालों की संख्या में कई गुणा का इजाफा हुआ है। ई-मेल की संख्या भी बढ़ गई है। इतना ही नही कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड पर पसरा रहने वाला सन्नाटा भी छंट रहा है।
सबकुछ 10 महीने से भी कम समय में
राहुल गांधी की कोटरी में मानी जाने वाली सुष्मिता देव पार्टी अध्यक्ष की तारीफ करते नहीं थकती। सुष्मिता ने कहा कि राहुल जी ने गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के क्रम में खुलकर बोलना शुरू किया। बस इसके बाद से हर बदलाव जमीन पर साफ दिखना शुरू हो गया। सुष्मिता देव नें बताया गुजरात चुनाव प्रचार के क्रम में वह दो-तीन बार पहले हो आई थी। तब उम्मीद की यह किरण नहीं दिखाई दे रही थी।
लेकिन तत्कालीन कांग्रेस उपाध्यक्ष के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने के बाद वहां के लोगों के भीतर डर भागने लगा। बस सबकुछ धीरे-धीरे बदल गया। यूपी में कांग्रेस की राजनीति में अहम स्थान रखने बनारस के पूर्व सांसद राजेश मिश्रा के अनुसार उन्हें कुछ कहने की जरूरत नहीं है। इसका जवाब कांग्रेस अध्यक्ष की यूपी में कहीं भी होने वाली जनसभा ही दे देगी। राजेश मिश्रा कहते हैं कि काफी कुछ बदल चुका है। कांग्रेस नई उर्जा के साथ लोकसभा चुनाव के लिए तैयार खड़ी है।
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नये अध्यक्ष की जनसभा में भीड़ उमड़ रही है। इतना ही नहीं पार्टी के नेताओं को लगने लगा है कि राहुल गांधी के बढ़ रहे प्रभाव से भाजपा का आलाकमान परेशान होने लगा है। सोनिया गांधी की कोटरी के एक प्रभावशाली नेता तो यहां तक कहते हैं कि राहुल के उभार से सत्ता पक्ष को अब भय दिखने लगा है।
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फिलवक्त कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकार मार्च के तीसरे सप्ताह में दिल्ली में आयोजित प्लेनरी सेशन के आयोजन में व्यस्त हैं। सबकी निगाहें इस प्लेनरी सेशन पर हैं। कांग्रेस के नेताओं को इसका पूरा आभास है कि 16, 17 और 18 मार्च का पार्टी प्लेनरी सेशन उन्हें कांग्रेस नई कार्यसमिति और संगठन में होने वाले बदलाव एहसास कराएगा। सत्र के समाप्त होने के बाद जल्द ही सबकुछ अमल में भी आ जाएगा।
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राहुल गांधी के कार्यालय के करीबी सूत्र का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष की व्यस्तता काफी बढ़ गई है। हर दिन आने फोन, मिलने के लिए समय मांगने वालों की संख्या में कई गुणा का इजाफा हुआ है। ई-मेल की संख्या भी बढ़ गई है। इतना ही नही कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड पर पसरा रहने वाला सन्नाटा भी छंट रहा है।
सबकुछ 10 महीने से भी कम समय में
राहुल गांधी की कोटरी में मानी जाने वाली सुष्मिता देव पार्टी अध्यक्ष की तारीफ करते नहीं थकती। सुष्मिता ने कहा कि राहुल जी ने गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के क्रम में खुलकर बोलना शुरू किया। बस इसके बाद से हर बदलाव जमीन पर साफ दिखना शुरू हो गया। सुष्मिता देव नें बताया गुजरात चुनाव प्रचार के क्रम में वह दो-तीन बार पहले हो आई थी। तब उम्मीद की यह किरण नहीं दिखाई दे रही थी।
लेकिन तत्कालीन कांग्रेस उपाध्यक्ष के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने के बाद वहां के लोगों के भीतर डर भागने लगा। बस सबकुछ धीरे-धीरे बदल गया। यूपी में कांग्रेस की राजनीति में अहम स्थान रखने बनारस के पूर्व सांसद राजेश मिश्रा के अनुसार उन्हें कुछ कहने की जरूरत नहीं है। इसका जवाब कांग्रेस अध्यक्ष की यूपी में कहीं भी होने वाली जनसभा ही दे देगी। राजेश मिश्रा कहते हैं कि काफी कुछ बदल चुका है। कांग्रेस नई उर्जा के साथ लोकसभा चुनाव के लिए तैयार खड़ी है।
त्रिपुरा, मेघालय और कर्नाटक
Rahul Gandhi
त्रिपुरा, मेघालय और कर्नाटक में चुनाव प्रचार चल रहा है। भाजपा ने कर्नाटक में पूरी ताकत झोंक रखी है। उसे त्रिपुरा और मेघालय में भी बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है। लेकिन कांग्रेस पार्टी के नेताओं की उम्मीद कई गुणा बढ़ गई है। पार्टी के नेता बीके हरिप्रसाद का कहना है कि जनता फैसला करने के लिए तैयार बैठी है। वह भाजपा की तरह लंबे चौड़े दावे नहीं करना चाहते हैं।
वहां के मुख्यमंत्री सिद्धारमैय्या और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की जनसभाओं में उमड़ रही भीड़ ही बहुत कुछ बयां कर रही है। 25, 26, 27 फरवरी को राहुल गांधी तीन दिन के लिए कर्नाटक जा रहे हैं। इस दौरान वह बेलगाम में पहली जनसभा करेंगे और आखिरी दिन धारवाड़ में रहेंगे। कांग्रेस आश्वस्त हैं इस दौरान मिलने वाला जनसमर्थन विपक्षी दल भाजपा की परेशानी बढ़ा देगा।
क्यों चमके राहुल गांधी?
राजनीति में यही होता है। जब सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरती तो लोकतंत्र अगले विकल्प पर सोचने लगता है। पार्टी के रणनीतिकारों में गिने जाने वाले कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता जब इस अंदाज में जवाब देते हैं तो उनके चेहरे जीत की मुस्कान साफ दिखाई देती है।
लेकिन यह पूछने पर कि राहुल गांधी के सिवा सड़क से संसद तक की राजनीति करने वाली इंदिरा गाधी की पार्टी के अन्य नेताओं इसमें कितना योगदान है तो वह चुप्पी साध लेते हैं।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम का मोदी सरकार की लोकप्रियता घटने के सवाल पर जवाब सधा हुआ होता है। चिदंबरम कहते हैं कि मोदी सरकार भारतीय अर्थव्यवस्था के बेसिक्स नहीं जानती। जिस तरह से केन्द्र सरकार ने नोटबंदी, जीएसटी पर निर्णय लिए हैं उसने भारतीय अर्थव्यवस्था को बहुत पीछे धकेल दिया है।
इसका असर आम लोगों, कारोबारी, व्यवसायी समेत सभी वर्ग पर पड़ा है। देश की विकास की रफ्तार कम हुई है। इसके अवामा मोदी सरकार ने दावे बहुत किया, लेकिन किसी भी मोर्चे पर किसी वादे को पूरा नहीं कर पा रही है।
वहां के मुख्यमंत्री सिद्धारमैय्या और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की जनसभाओं में उमड़ रही भीड़ ही बहुत कुछ बयां कर रही है। 25, 26, 27 फरवरी को राहुल गांधी तीन दिन के लिए कर्नाटक जा रहे हैं। इस दौरान वह बेलगाम में पहली जनसभा करेंगे और आखिरी दिन धारवाड़ में रहेंगे। कांग्रेस आश्वस्त हैं इस दौरान मिलने वाला जनसमर्थन विपक्षी दल भाजपा की परेशानी बढ़ा देगा।
क्यों चमके राहुल गांधी?
राजनीति में यही होता है। जब सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरती तो लोकतंत्र अगले विकल्प पर सोचने लगता है। पार्टी के रणनीतिकारों में गिने जाने वाले कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता जब इस अंदाज में जवाब देते हैं तो उनके चेहरे जीत की मुस्कान साफ दिखाई देती है।
लेकिन यह पूछने पर कि राहुल गांधी के सिवा सड़क से संसद तक की राजनीति करने वाली इंदिरा गाधी की पार्टी के अन्य नेताओं इसमें कितना योगदान है तो वह चुप्पी साध लेते हैं।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम का मोदी सरकार की लोकप्रियता घटने के सवाल पर जवाब सधा हुआ होता है। चिदंबरम कहते हैं कि मोदी सरकार भारतीय अर्थव्यवस्था के बेसिक्स नहीं जानती। जिस तरह से केन्द्र सरकार ने नोटबंदी, जीएसटी पर निर्णय लिए हैं उसने भारतीय अर्थव्यवस्था को बहुत पीछे धकेल दिया है।
इसका असर आम लोगों, कारोबारी, व्यवसायी समेत सभी वर्ग पर पड़ा है। देश की विकास की रफ्तार कम हुई है। इसके अवामा मोदी सरकार ने दावे बहुत किया, लेकिन किसी भी मोर्चे पर किसी वादे को पूरा नहीं कर पा रही है।
नया अध्यक्ष, नये नेता, नई चुनौती, नई जिम्मेदारी
राहुल गांधी
कांग्रेस पार्टी के एक पूर्व युवा मंत्री कांग्रेस में होने वाले बदलाव पर बिना चर्चा में आए कहना चाहते हैं, कि यह बदलाव महसूस किया जाना चाहिए। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भी बार-बार बदल रही पार्टी का संकेत दे रही हैं। पार्टी को नया अध्यक्ष मिल गया है। जल्द ही नई कांग्रेस कार्यसमिति और कई प्रदेशों में अद्यक्ष तथा कार्यकारिणी मिल जाएगी। नई दिल्ली में भाजपा ने अपने नये मुख्यालय भवन का उद्घाटन कर लिया है।
कांग्रेस पार्टी का भी मुख्यालय 9, कोटला रोड पर तेजी से तैयार किया जा रहा है। इस साल के अंत तक उसके तैयार हो जाने की उम्मीद है। नये साल में पार्टी नये भवन से कामकाज शुरू कर सकती है। नये साल में ही लोकसभा चुनाव प्रस्तावित है।
सूत्र का कहना है कि चुनौती हमें निश्चित रूप से नई जिम्मेदारी के पड़ाव पर लाकर खड़ा करेगी। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा, लेकिन कांग्रेस यह सब सफर अपने अनुभवी, वरिष्ठ नेताओं के साथ उनके मार्गदर्शन में तय करेगी।
कांग्रेस पार्टी का भी मुख्यालय 9, कोटला रोड पर तेजी से तैयार किया जा रहा है। इस साल के अंत तक उसके तैयार हो जाने की उम्मीद है। नये साल में पार्टी नये भवन से कामकाज शुरू कर सकती है। नये साल में ही लोकसभा चुनाव प्रस्तावित है।
सूत्र का कहना है कि चुनौती हमें निश्चित रूप से नई जिम्मेदारी के पड़ाव पर लाकर खड़ा करेगी। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा, लेकिन कांग्रेस यह सब सफर अपने अनुभवी, वरिष्ठ नेताओं के साथ उनके मार्गदर्शन में तय करेगी।