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पंजाब जेल ब्रेकः फिर सुर्खियों में कैराना, पुराना है आतंकी कनेक्शन

Mon, 28 Nov 2016 05:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 28 Nov 2016 05:59 AM IST
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Punjab Jail break, Again Kairana in spotlight
पुलिस के हत्थे चढ़ा पलविंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
पंजाब की नाभा जेल से खूंखार कैदियों को भगाने वाले पलविंदर की गिरफ्तारी के बाद फिर से कैराना सुर्खियों में आ गया है। पाकिस्तान से नकली करेंसी, अवैध हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी का रास्ता कैराना को बनाया हुआ था। कैराना का इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा और हामिदा उर्फ फैमीदा इस नेटवर्क को चलाते रहे हैं।
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अक्तूबर में ही कैराना के नामित सभासद फरहत खान को दिल्ली पुलिस ने आईएसआई के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा कि अब पलविंदर की गिरफ्तारी सामने आ गई। इससे पूर्व कांधला क्षेत्र के गंगेरू का रहने वाला इसराइल पाकिस्तान से लौटते समय अटारी बॉर्डर पर स्टील के कंटेनर में पांच पिस्टल और मैगजीन के साथ दबोचा गया था। 
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वहीं, कैराना में अपनी मां के साथ आया पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के जिला जंग सदर का रहने वाला नवेद 2015 में लापता हो गया था। उसका आज तक कोई सुराग नहीं लग सका है। इसके अलावा थाना भवन के मदीना कालोनी में काफी समय तक रहा बांग्लादेशी यासीन 23 जून 2015 को परिवार सहित फरार हो गया था। 
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यासीन ने यहां रहते हुए अपना राशन कार्ड बनवा लिया था। तभी खुलासा हुआ था कि यासीन बांग्लादेशी है। उसके बारे में भी पुलिस और खुफिया इकाइयों कोई जानकारी नहीं जुटा सकीं। 

बेखौफ था पलविंदर, खुले रखे थे कार में हथियार
नाभा जेल से आतंकियों को भगाने वाला पलविंदर सिंह पिंदा बेखौफ होकर पानीपत की ओर से कैराना की तरफ घुसा। उसने कार में एसएलआर और बंदूकें भी पिछली सीट पर एकदम खुली रखी थीं, जैसे उसे पूरा भरोसा था कि चेकिंग में कहीं पकड़ा ही नहीं जाएगा। इससे यह बात भी जाहिर होती है कि पानीपत-कैराना मार्ग को बदमाश अपना सुरक्षित मार्ग मान चुके हैं।

दरअसल, कैराना यूपी की सीमा पर है, जहां से महज चार किमी की दूरी पर यमुना पुल आता है और उसके बाद हरियाणा राज्य की सीमा शुरू हो जाती है। यमुना पुल पर चेकिंग महज दिखावा होती है, क्योंकि अक्सर शराब माफिया भी इन चेकपोस्टों को पार करके शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और अन्य जिलों में पहुंच जाते हैं। ट्रकों और छोटे वाहनों में शराब की तस्करी की जाती है, पर चेकपोस्ट पर धरपकड़ नहीं हो पाती। 


कहने को पुलिस ने पानीपत रोड यमुना नदी पुल के चेकपोस्ट पर सीसीटीवी भी लगाए हुए हैं, मगर उनका भी कोई फायदा नहीं हो रहा है। इतना ही नहीं कई बार बदमाश भी वारदातों को अंजाम देने के बाद भागने के लिए इसी रास्ते को चुनते रहे हैं। जाहिर है कि यह रास्ता बदमाशों के लिए सुरक्षित होता जा रहा है।
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