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पुणे पुलिस ने डीएस कुलकर्णी के भाई मकरंद को किया गिरफ्तार, देश से भागने की कोशिश में थे
Tue, 13 Aug 2019 02:51 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 13 Aug 2019 02:51 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
मुंबई हवाई अड्डे से पुणे पुलिस ने डीएसके समूह के डीएस कुलकर्णी के भाई मकरंद कुलकर्णी को उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह देश से भागने की कोशिश कर रहे थे। उनपर 2000 करोड़ रुपये से अधिक के डीएसके ग्रुप के हजारों निवेशकों को ठगने का आरोप है। पुलिस ने मकरंद के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था जो तब से फरार थे जब से उनकी अग्रिम जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि मकरंद को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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2017 में एक निवेशक की शिकायत के आधार पर डीएस कुलकर्णी जिसे कि डीएसके के नाम से भी जाना जाता है उनके, उनकी पत्नी हेमंती और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। वर्तमान में 15 लोग नामजद हैं। 10 लोगों को गिरफ्तार करके उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। जिन 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है उनमें डीएसके और उनकी पत्नी हेमंती भी शामिल हैं जो पुणे की यरवदा केंद्रीय जेल में बंद हैं।
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पुणे पुलिस के पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध और आर्थिक अपराध) संभाजी कदम ने कहा, 'मकंरद कुलकर्णी के खिलाफ जारी किए गए लुकआउट सर्कुलर की वजह से उन्हें मंगलवार सुबह हवाई अड्डे के कर्मचारियों ने हिरासत में ले लिया। वह अमेरिका जाने की कोशिश कर रहे थे। हमने टीम को उन्हें गिरफ्तार करने के लिए भेजा और अब उन्हें पुणे की अदालत में पेश किया जाएगा। वह मामले के नामजद आरोपियों में से एक है।'
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पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने दो तरह की योजनाओं की जांच की है। जिसके माध्यम से डीएसके समूह ने निवेशकों से पैसा लिया था और उनके साथ कथित धोखाधड़ी की। एक सावधि जमा (फिक्सड डिपॉजिट) योजना थी। जिसमें जमाकर्ताओं से पैसों के बदले में उन्हें मासिक, त्रैमासिक या संचयी रिटर्न और परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद मूल राशि देने का वादा किया गया था।
दूसरी योजना आढ़ी घर, नंतर पैसे (पहले मकान लो फिर पैसे चुकाओ) नाम से था। जिसके तहत शुरू में फ्लैटों के कुल मूल्य का एक निश्चित हिस्सा ग्राहकों से लिया जाता था और संपत्ति के अधिकार दिए जाने तक ग्राहकों के बैंक ऋण पर ईएमआई का भुगतान करने का वादा करता था। 2018 में गिरफ्तारी से पहले पुणे में एक प्रेस कांफ्रेस करते हुए कुलकर्णी ने पुलिस द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया था।