2014 से अबतक हुए कई बड़े आतंकी हमले, सेना को उठाना पड़ा है जबरदस्त नुकसान
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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाया है। अवंतीपोरा के गोरीपोरा इलाके में सुरक्षाबलों के काफिले पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ने आत्मघाती हमला किया। हमले में गुरूवार को सीआरपीएफ के 42 जवान शहीद हो गए। अन्य कई के घायल होने की सूचना है। घटना जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर दोपहर बाद सवा तीन बजे की है।
फिदायीन हमलावर ने विस्फोटक भरी कार को काफिले की बस से टकरा दिया, जिससे विस्फोट में बस के परखच्चे उड़ गए। बताया जा रहा है कि उरी अटैक के बाद यह पहला सबसे बड़ा आतंकी हमला है। हम आपको बताते हैं कि पिछले चार सालों में सुरक्षा बलों पर कब-कब हमले हुए।
गुरदासपुर हमला : आतंकियों ने पहले एक यात्री बस पर हमला किया था। उसके बाद उन्होंने दीनानगर थाने में घुसकर फायरिंग की। घटना जुलाई 2015 की है। तीन आतंकवादियों ने इस हमले को अंजाम दिया और इसमें 7 लोग मारे गए थे।
पठानकोट हमला : जनवरी 2016 में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने पठानकोट में वायु सेना के बेस पर हमला किया था। इस हमले में 3 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। जवाबी कार्रवाई में सेना ने चार आतंकवादियों को मार गिराया था।
उरी हमला : उरी में भारतीय सेना के ठिकाने पर किए गए हमले में 19 सैनिक शहीद हो गए थे। ये घटना 18 सितंबर 2016 में हुई थी। जवाबी कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने 4 आतंकवादियों को भी ढेर कर दिया था।
नगरोटा हमला : 29 नवंबर 2016 को नगरोटा में सेना की 16वीं कोर पर हमले में सेना के 7 जवान शहीद हो गए थे।
पुलवामा हमला : 26 अगस्त 2017 में पुलवामा में आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया। हमले में 8 सुरक्षाबल शहीद हो गए थे।
सुंजवान सैन्य कैंप हमला : जम्मू जिले के सुंजवान सैन्य कैंप पर आतंकियों के हमले में 6 जवान शहीद हो गए थे। घटना 10-11 फरवरी 2018 की है।
पुलवामा के अवंतीपोरा में हमला : जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी 2019 में आतंकियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाया। अवंतीपोरा के गोरीपोरा इलाके में सुरक्षाबलों के काफिले पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ने आत्मघाती हमला किया। हमले में गुरूवार को सीआरपीएफ के 42 जवान शहीद हो गए।