नागरिकता: विरोध प्रदर्शन में रेलवे को 80 करोड़ का नुकसान, उपद्रवियों से होगी वसूली
- रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने कहा, नुकसान की भरपाई के लिए आरोपियों की पहचान करवाएंगे
- यूपी सरकार शुरू कर चुकी है इस तरह की कार्रवाई
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उत्तर प्रदेश सरकार से सीख लेते हुए भारतीय रेलवे ने भी नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन में सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने वाले प्रदर्शनकारियों से अपने नुकसान की वसूली का निर्णय लिया है। रेलवे बोर्ड अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने सोमवार को बताया कि इन प्रदर्शनों में शुरुआती आकलन में करीब 80 करोड़ रुपये का नुकसान सामने आया है। विस्तृत आकलन में आंकड़ा बढ़ सकता है। नुकसान की भरपाई के लिए प्रदर्शनों के दौरान तोड़फोड़ और हिंसा करने वालों की पहचान करवाई जाएगी।
देशभर में नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में बसें जलाई गई थीं, ट्रेनें ट्रैक पर रोकी गई थीं और स्टेशनों सहित कई स्थानों पर सार्वजनिक संपत्तियों को तोड़ा व जलाया गया था। कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बोर्ड अध्यक्ष यादव ने बताया कि पूर्वोत्तर फ्रंटियर रेलवे की 80 करोड़ रुपये की संपत्तियों को नष्ट किया गया। अकेले पूर्वी रेलवे को करीब 70 करोड़ का नुकसान हुआ है।
जिन लोगों ने संपत्ति को तोड़ा, आग लगाई और हिंसा की, उनसे यह रकम वसूली जाएगी। सूत्रों के अनुसार भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 151 के तहत रेल संपत्ति को नुकसान का हर्जाना वसूला जाएगा। इसके तहत अधिकतम सात वर्ष कारावास की सजा का भी प्रावधान है। हर्जाने की वसूली के लिए रेलवे अदालत की शरण ले सकता है। हालांकि बोर्ड अध्यक्ष ने साफ नहीं किया कि प्रदर्शनकारियों की पहचान कैसे होगी, लेकिन यूपी में इसी प्रकार की कार्रवाई के लिए वीडियो क्लिप और सीसीटीवी फुटेज का उपयोग हो रहा है।
पश्चिम बंगाल में ज्यादा हुआ था नुकसान
नागरिकता कानून को लेकर प्रदर्शनों के दौरान पश्चिम बंगाल में रेलवे को काफी नुकसान हुआ था।
- संकरैल रेलवे स्टेशन का टिकट काउंटर जलाया गया था।
- सुजनीपारा रेलवे स्टेशन को तोड़ा गया था।
- कृष्णपुर रेलवे स्टेशन पर कई ट्रेनों में आग लगा दी गई थी।
- मालदा में हरिशचंद्रपुर स्टेशन भी तोड़ा गया था।
- असम में भी कई ट्रेनें कैंसिल होने से रेलवे को नुकसान हुआ था।
रेल मंत्री ने की थी कार्रवाई की मांग
अब रेलवे इन सभी मामलों में अब तक गिरफ्तार लोगों से नुकसान का हर्जाना वसूल करने जा रही है। इससे पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि कानून व्यवस्था प्रदेश सरकार का विषय है, वे इस पर काम कर रहे हैं। ऐसे में वसूली भी की जाएगी।