बेंगलुरु: पीएफ निकालने के नियम पर विरोध उग्र, तोड़फोड़ और आगजनी
पीएफ निकालने संबंधी नए नियम से लोग इतने खफा हैं कि इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। बेंगलुरु के कपड़ा उद्योग के श्रमिकों की तरफ से किए जा रहे प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया।
वहां पर काफी पथराव किया गया और साथ ही कई वाहनों में आग भी लगा दी। पीएफ निकालने को लेकर आए नए नियम के विरोध में सोमवार को हजारों प्रदर्शनकारी मैसूर-बेंगलुरु हाईवे पर उतर आए और हाईवे को ब्लॉक कर दिया।
इसके चलते भयंकर जाम भी लग गया। वहां से आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने तो इसकी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर शेयर की और अपनी परेशानी बताई।
क्या है नियम
नए नियम के हिसाब से नौकरी से निकाले जाने या छोड़ दिए जाने के बाद भी कोई भी कर्मचारी पीएफ की पूरी रकम नहीं निकाल सकता है। इसके तहत कर्मचारी सिर्फ अपनी ओर से जमा किए गए पीएफ के हिस्से को निकाल सकता है।
पूरे पैसे निकालने के लिए कर्मचारी की उम्र 58 साल पूरी होनी आवश्यक है। कपड़ा उद्योग के श्रमिक इसी का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि 40 साल की उम्र के बाद अक्सर काम मिलना मुश्किल हो जाता है और निजी कंपनियों में नौकरी कभी भी जा सकती है।
ऐसे में प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस नियम को बदला जाना चाहिए, क्योंकि इससे परेशानी बढ़ेगी। आपको बता दें कि ये नया नियम 1 मई से लागू हो रहा है।