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बेंगलुरु: पीएफ निकालने के नियम पर विरोध उग्र, तोड़फोड़ और आगजनी

Tue, 19 Apr 2016 04:21 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 19 Apr 2016 04:21 PM IST
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protest against provident fund withdrawal become violent
प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को आग लगा दी - फोटो : ANI

पीएफ निकालने संबंधी नए नियम से लोग इतने खफा हैं कि इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। बेंगलुरु के कपड़ा उद्योग के श्रमिकों की तरफ से किए जा रहे प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया।

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वहां पर काफी पथराव किया गया और साथ ही कई वाहनों में आग भी लगा दी। पीएफ निकालने को लेकर आए नए नियम के विरोध में सोमवार को हजारों प्रदर्शनकारी मैसूर-बेंगलुरु हाईवे पर उतर आए और हाईवे को ब्लॉक कर दिया।
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इसके चलते भयंकर जाम भी लग गया। वहां से आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने तो इसकी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर शेयर की और अपनी परेशानी बताई।

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क्या है नियम

protest against provident fund withdrawal become violent
प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को तोड़ दिया - फोटो : ANI

नए नियम के हिसाब से नौकरी से निकाले जाने या छोड़ दिए जाने के बाद भी कोई भी कर्मचारी पीएफ की पूरी रकम नहीं निकाल सकता है। इसके तहत कर्मचारी सिर्फ अपनी ओर से जमा किए गए पीएफ के हिस्से को निकाल सकता है।

पूरे पैसे निकालने के लिए कर्मचारी की उम्र 58 साल पूरी होनी आवश्यक है। कपड़ा उद्योग के श्रमिक इसी का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि 40 साल की उम्र के बाद अक्सर काम मिलना मुश्किल हो जाता है और निजी कंपनियों में नौकरी कभी भी जा सकती है।

ऐसे में प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस नियम को बदला जाना चाहिए, क्योंकि इससे परेशानी बढ़ेगी। आपको बता दें कि ये नया नियम 1 मई से लागू हो रहा है।

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