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इस तरह किया जाता है विधानसभा स्पीकर का चुनाव
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 06 Nov 2018 12:32 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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नवंबर-दिसंबर में पांच राज्यों के विधासभा चुनाव होने हैं। ये राज्य हैं मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना। इन राज्यों के नतीजे 11 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। जब भी किसी प्रदेश में चुनाव होते हैं और नई सरकार बनती है तो विधानसभा में सबसे पहला काम होता है अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन करना, आमतौर पर सत्ताधारी पार्टी या गठबंधन का कोई विधायक ही स्पीकर होता है। आइए आपको बताते हैं कि किस तरह होता है विधानसभा में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव...
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सबसे वरिष्ठ सदस्य को स्पीकर चुना जाता है और ध्वनिमत से विधायक अपनी स्वीकृति देते हैं। स्पीकर का काम विधानसभा की कार्रवाई को संचालित करना होता है। वह संविधान के नियमों के मुताबिक सदन संचालित करता है। जब स्पीकर मौजूद नहीं होता है तो उपाध्यक्ष सदन संचालित करता है। सभी सदस्य स्पीकर का सम्मान करते हैं और उनकी हर बात ध्यान से सुनते हैं।
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स्पीकर अगली सरकार के बनने तक इस पद पर रहता है। स्पीकर को पद से हटाने के लिए सदन में प्रस्ताव लाना होता है। इसके लिए 14 दिन पूर्व ही नोटिस दिए जाने का नियम है।
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