स्टर्लिंग बायोटेक ग्रुप के मालिकों को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया हुई शुरू
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गुजरात के स्टर्लिंग बायोटेक ग्रुप के मालिकों को 8100 करोड़ रुपये के बैंक कर्ज घोटाले में भगोड़ा घोषित करने की तैयारी हो गई है। ईडी ने शुक्रवार को मनी लांड्रिंग कानून (पीएमएलए) की विशेष अदालत में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की धारा 4 के तहत स्टर्लिंग ग्रुप के प्रमोटर्स नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा, दीप्ति संदेसरा और हितेश पटेल को भगोड़ा घोषित किए जाने की अपील दाखिल की।
बता दें कि मोदी सरकार की तरफ से बड़े बैंक घोटालों और उनसे मिलते-जुलते आर्थिक अपराधों में सख्त कार्रवाई के लिए इसी साल भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम लागू किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में सक्रिय स्टर्लिंग ग्रुप के चारों प्रमोटर बैंकों के एक समूह से 8100 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर वापस नहीं करने के मामले में आपराधिक जांच से बचने के लिए देश से फरार हो गए थे।
संदेसरा परिवार के तीनों सदस्य इस समय नाइजीरिया में है, जहां उन्होंने क्रूड ऑयल में बड़े पैमाने पर निवेश किया हुआ है। पटेल के अमेरिका में होने की सूचना ईडी को अपने सूत्रों से मिली है। इन चारों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
7000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने के लिए चिह्नित
इस अधिकारी ने बताया कि ईडी ने नए कानून के तहत की जा रही कार्रवाई में बड़ोदा के इस व्यापारिक परिवार की भारत व विदेश में मौजूद करीब 7000 करोड़ रुपये की संपत्ति को तत्काल कुर्क करने की इजाजत भी विशेष अदालत से मांगी है। अदालत ने चारों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है।
बता दें कि ईडी इस मामले में अभी तक 4710 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच करने के अलावा करीब 15 लाख कागजात भी जब्त करते हुए अपने कब्जे में ले चुकी है। जांच के दौरान घोटाले में शामिल होने के लिए चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कर्ज दिलाने में बिचौलिया की भूमिका निभाने वाले दिल्ली के व्यापारी गगन धवन, कंपनी का निदेशक राजभूषण दीक्षित, आंध्र बैंक का पूर्व निदेशक अनूप गर्ग और गगन धवन का सहायक रंजीत मलिक शामिल है।
100 से ज्यादा कंपनियों के जरिए घुमाया पैसा
इस मामले में ईडी अभी तक पांच आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है, जिनमें से आखिरी आरोप पत्र इसी सप्ताह के शुरू में दाखिल किया गया था। ईडी के अनुसार, संदेसरा परिवार ने अमेरिका, यूएई, ब्रिटेन, ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स, मारीशस, बारबाडोस, पनामा और नाइजीरिया समेत दर्जन भर देशों में मौजूद 100 से ज्यादा कंपनियों के जरिए कई स्तर पर इधर से उधर घुमाकर बैंक से लिए गए हजारों करोड़ के कर्ज को मनी लांड्रिंग और साइफनिंग के जरिए देश से बाहर भेजा था। ईडी इस मामले में अज्ञात सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भी करीब 140 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने की जांच कर रही है।