फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Private sector foray into coal mining after Coal block auction

कोयला खनन में निजी क्षेत्र का प्रवेश, कोल इंडिया की नए क्षेत्रों में कदम रखने की तैयारी

Sat, 26 Dec 2020 05:52 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 26 Dec 2020 05:52 PM IST
विज्ञापन
Private sector foray into coal mining after Coal block auction
कोयला ब्लॉक

कोयला क्षेत्र में वर्ष 2020 महत्वपूर्ण बदलाव का साक्षी रहा। नीतिगत सुधारों के तहत इस वर्ष एक ओर जहां निजी क्षेत्र को वाणिज्यिक कोयला उत्खनन में प्रवेश देने के लिए कोयला ब्लॉकों की पहली नीलामी हुई। वहीं इस क्षेत्र में फिलहाल एकाधिकार रखने वाली कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने 2021 में कोयला खनन के अलावा अन्य कारोबारों में दाखिल होने की तरफ कदम बढ़ाया।

विज्ञापन


कोरोना महामारी भी बनी प्रमुख वजह
कोरोना वायरस महामारी संकट और इससे निपटने के लिए लोगों को घर से निकलने पर कड़ी सार्वजनिक रोक से कोयला बाजार में मांग वर्ष के दौरान नरम रही। सरकार ने इस दौरान कोयला उत्खनन और विपणन में निजी कंपनियों को प्रवेश देने के लिए 19 कोयला प्रखंडों की नीलामी की। 
विज्ञापन


वर्ष 2020 में देश में कोयले की मांग पिछले वर्ष से पांच प्रतिशत कम रहने का अनुमान है। विश्लेषकों का अनुमान है कि 2021 में इस क्षेत्र में मांग की कमजोरी की चुनौती बनी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


2021 में भी इस क्षेत्र में चुनौती
विश्लेषकों का अनुमान है कि 2021 में इस क्षेत्र में मांग की कमजोरी की चुनौती बनी रहेगी। बाजार में भविष्य में प्रतिस्पर्धा की स्थिति और स्वच्छ ऊर्जा पर जोर के बीच सरकारी कंपनी सीआईएल कारोबार के विविधीकरण की तैयारी में है।

कोयला सचिव अनिल कुमार जैन ने कहा कि 2021 में हमारा प्रयास होगा कि कोल इंडिया (सीआईएल) कोयला उत्खनन के अलावा दूसरे प्रकार के कारोबार में भी जाए। यह (सीआईएल) कोयला उत्खनन के इतर दूसरे क्षेत्रों में बड़ा निवेश करेगी। इससे कंपनी को खनिज ईंधन के कारोबार की दुनिया से निकलने की तैयारी का अच्छा अवसर मिलेगा।

इस कदम से 7,000 करोड़ रुपये राजस्व मिलने का अनुमान

जैन ने कहा कि कोल इंडिया नवीकरणीय ऊर्जा, एल्युमीनियम और स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश करने वाली है। उन्होंने कहा कि सीआईएल ने ढाई लाख करोड़ रुपये की निवेश योजनाएं तैयार कर रखी है। उन्होंने कहा कि इन 19 कोयला प्रखंडों के चालू होने पर इनसे हर साल सरकार को 7,000 करोड़ रुपये राजस्व मिलने का अनुमान है। साथ ही 69,000 से अधिक लोगों को नौकरी भी मिलेगी।

कुछ प्रखंड निजी क्षेत्र में अडाणी, वेदांता, हिंडालको और जिंदल (जिंदल पावर) समूहों की कंपनियों को गए हैं। कोयले वाणिज्यक उत्खनन में निजी उद्यमियों को प्रवेश देने के लिए कानून में संशोधन किया गया है तथा सरकार ने कारोबार सुगमता और पर्यावरण संरक्षण के नए प्रावधान किए हैं। खनिज कारोबार अनुमति नियमावली 1960 में संशोधन की जरूरत को भी पूरा किया गया।

2025 तक भारत में कोयले की सबसे अधिक खपत
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) का कहना है कि 2025 तक भारत में कोयले की खपत बढने की सबसे अधिक संभावना है। उसके अनुसार देश में इस्पात , बिजली और सीमेंट की मांग बढने से कोयले की मांग बढ़ेगी।अनुमान है कि 2021 में कोल इंडिया का उत्पादन में 3.8 प्रतिशत बढ़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed