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लेह के दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 14 कॉर्प्स कमांडर के साथ बातचीत, जवाबी कार्रवाई के निर्देश
Sun, 05 Jul 2020 11:51 AM IST
Tanuja Yadav
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sun, 05 Jul 2020 11:51 AM IST
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PM Modi in Leh
- फोटो : AmarUjala
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लेह के दौरे के दौरान सेना के नीमू हेडक्वार्टर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह से बातचीत की। हालांकि भारत ने फैसला लिया है कि अगले दस दिन तक पूर्वी लद्दाख पर चीन का सेना को हटाने और मुक्त करने के वादे पर निगरानी की जाएगी और उसी के बाद कोई एक्शन लिया जाएगा।
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सेना के कमांडर और सरकार दोनों इस बात से वाकिफ हैं कि चीन के सेना हटाने वाले वादे की जमीनी सच्चाई क्या है। गलवां घाटी पर पीपुल्स लिबरेशन पार्टी की तैनाती नदी में पानी का स्तर बढ़ने की वजह से बाधित हो गई है। एक वरिष्ठ सेना कमांडर का कहना है कि हमारे पास सैटेलाइट फोटो है जो बता रहे हैं कि गलवां नदी में पानी का स्तर बढ़ने से पीएलए के पांच किलोमीटर तक फैले टेंट पानी में डूब गए हैं।
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अधिकारी ने बताया कि इस समय बर्फ तेजी से पिघल रही है और नदी के किनारे तैनाती खतरनाक हो सकती है। हालांकि चीन की सेना दिखावे के लिए सेना को हटाने का काम कर रही है लेकिन गलवां, गोगरा, हॉट स्प्रिंग्स और पैंगोंग त्सो में पीएलए की मौजूदा स्थिति लंबे समय के लिए नहीं टिक सकती हैं।
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पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारतीय सेना की पूरी तैनाती और अगले बुधवार तक भारतीय नौसेना की तरफ से स्टील के मजबूत नावों भी आ जाएंगी। इन नावों को मुंबई से लेह ले जाया जाएगा और सी-17 जैसे भारी ट्रांसपोर्टर का इस्तेमाल किया जाएगा। ये नाव चीन की भारी भरकम नाव का सामना करेंगी।
चीन और भारत के बीच में अबतक तीन बार सेना के कमांडर स्तर पर और दो बार कूटनीतिक स्तर पर बातचीत हो चुकी है और अगले दस दिन खतरनाक बताए जा रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि शांति बरकरार रखने के लिए चीन की पीएलए सैनिकों को हटाने का काम करेगी।
नीमू हेडक्वार्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पीएलए के सैनिकों की तैनाती के बारे में जानकारी दी गई, इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी को उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी के चार लड़ाकू इलाकों की स्थिति के बारे में भी जानकारी दी। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह से बात की और उन्हें साफ-साफ निर्देश दिए।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत अपनी ओर से कोई भी सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा लेकिन 3,488 किलोमीटर के वास्तविक रेखा नियंत्रण पर चीन की ओर से हुई किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब जरूर देगा। पूर्वी लद्दाख में हमारे जवान काफी बेहतर स्थिति में हैं और हम पूरी तरह से पीएलए के हटने का इंतजार करेंगे और ये केवल कोई सांकेतिक निष्कासन नहीं होगा बल्कि कुछ वाहनों और सैनिकों को भी हटाया जाएगा।
प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान संपूर्ण सेना, सीडीसी जनरल विपिन रावत, सेना के प्रमुख मनोज नरावणे, जनरल जोशी और जनरल सिंह ने लद्दाख स्थिति पर बातचीत की। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री के पास भारतीय सेना, वायुसेना और आईटीबीपी की आलोचना करने के लिए शब्द नहीं है लेकिन पूर्ण प्रशंसा और पूर्ण समर्थन के वादे के साथ सैनिकों का मनोबल बढ़ाया है।