{"_id":"5af606fc4f1c1beb408b4952","slug":"prime-minister-modi-give-five-t-formula-for-nepal-people","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पीएम ने कहा, भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति में नेपाल सबसे ऊपर, पांच ‘टी’ पर दिया जोर","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
पीएम ने कहा, भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति में नेपाल सबसे ऊपर, पांच ‘टी’ पर दिया जोर
ब्यूरो, अमर उजाला, जनकपुर
Updated Sat, 12 May 2018 02:58 AM IST
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नेपाल की दो दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान मोदी ने दोनों देशों के विकास के लिए पांच ‘टी’ ट्रेडिशन, ट्रेड, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपोर्ट को सबसे जरूरी बताया। भारत के शहर जयनगर और नेपाल के जनकपुर के बीच रेल निर्माण इस वर्ष पूरा होने की बात कहते हुए मोदी ने कहा कि बिहार के रक्सौल होते हुए काठमांडू को रेल मार्ग से जोड़ने का काम भी तेजी से चल रहा है। आज मोदी नेपाल में एक पनबिजली परियोजना की नींव भी रखेंगे। वह जनकपुर जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।
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नेपाल की समृद्धि और खुशहाली चाहता है भारत
मोदी ने कहा कि नेपाल भारत से जलमार्ग के जरिये जुड़ेगा। यह परियोजना नेपाल के सामाजिक, आर्थिक परिवर्तन के लिए ही नहीं कारोबार के लिए भी अहम है। नेपाल और भारत के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात कहते हुए मोदी ने कहा की तकनीक के बिना आज के दौर मे विकास संभव नहीं है। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के ‘समृद्धि नेपाल, सुखी नेपाल’, और ‘सबका साथ, सबका विकास’ अभियान को जोड़ते हुए मोदी ने कहा कि भारत भी नेपाल की समृद्धि और खुशहाली चाहता है।
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भारतीय क्षेत्र के विकास का फायदा नेपाल को भी
स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत आज विश्व के पांच देशों में एक है। मोदी ने कहा कि पड़ोसी देश के लिए उपग्रह अंतरिक्ष में भेजने का वादा पिछले साल पूरा किया गया है। नेपाल से सटे पूर्व भारतीय क्षेत्र के विकास के लिए विशेष ध्यान देने की बात कहते हुए कहा की सीमावर्ती भारतीय क्षेत्र का विकास होने से सीमावर्ती नेपाली क्षेत्र को भी फायदा मिलेगा।
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मोदी को पहनाईं 121 किलो की तीन माला
जनकपुर के बारह विघा मैदान में नागरिक अभिनंदन के दौरान प्रदेश नंबर दो के मुख्यमंत्री लाल बाबू राउत ने मोदी का स्वागत 121 किलो की तीन मालाएं पहनाकर किया। कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि भारत सरकार कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दे रही है। दोनों देशों को जल, थल, वायु और अंतरिक्ष के जरिये आपस में जुड़ना है। भारत नेपाल के स्थायी विकास का साझेदार है। हमारी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति में नेपाल सबसे ऊपर है।
नेपाल के रक्षा मंत्री ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत
मोदी एयर इंडिया के विशेष विमान से जनकपुर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद सीधे जानकी मंदिर पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत नेपाल सरकार के रक्षा मंत्री ईश्वर पोखरेल और प्रदेश नंबर दो के मुख्यमंत्री लालबाबू राउत ने किया था ।
मोदी ने लिखी मन की पुरानी इच्छा पूरी होने की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनकपुर मंदिर की आने की बहुत पुरानी इच्छा पूरी होनी की बात आगंतुक पुस्तिका में लिखी। उन्होंने लिखा कि भारत और नेपाल की जनता के मन में विशेष महत्व रखने वाले इस तीर्थ स्थल की यात्रा मेरे लिए यादगार अनुभव है। मै अपने भव्य स्वागत के लिए नेपाल सरकार और जनकपुर की जनता का आभारी हूं। उन्होंने अंत में ‘जय सिया राम’ लिखा।
बुद्ध का रास्ता चुनने के लिए नेपाल को दी बधाई
मोदी ने कहा कि यह समय संस्कार, शिक्षा, शांति, सुरक्षा और समृद्धि की पंचवटी की मिलकर रक्षा करने का है। वहीं उन्होंने कहा कि विकास की पहली शर्त लोकतंत्र होती है। नेपाल लोकतांत्रिक प्रणाली को महत्व दे रहा है। आज से दस साल पहले नेपाल के जवानों ने बुलेट छोड़ बैलट का रास्ता चुना। बुद्ध के रास्ते को चुनने के लिए उन्होंने नेपाल को बधाई दी।
नेपाल आने वाले पहले पीएम बने मोदी
नरेंद्र मोदी जनकपुर जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनसे पहले तीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह, प्रणब मुखर्जी और नीलम संजीव रेड्डी ने जनकपुर मंदिर में षोडश पूजन किया है। शनिवार को मोदी नेपाल के मस्तंग जिले में मुक्तिनाथ मंदिर भी जाएंगे।
पनबिजली परियोजना का शिलान्यास करेंगे
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरे में दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते होंगे। इनमें हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट सबसे अहम है। मोदी इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे। इससे 900 मेगावाट बिजली पैदा होगी। इसके 5 साल में पूरा होने की उम्मीद है। नेपाल सरकार ने हाल में भारतीय कंपनी को बिजली उत्पादन का लाइसेंस भी दिया है। इसी प्रोजेक्ट में पिछले दिनों विस्फोट भी हो गया था।
बुद्ध का रास्ता चुनने के लिए नेपाल को दी बधाई
मोदी ने कहा कि यह समय संस्कार, शिक्षा, शांति, सुरक्षा और समृद्धि की पंचवटी की मिलकर रक्षा करने का है। वहीं उन्होंने कहा कि विकास की पहली शर्त लोकतंत्र होती है। नेपाल लोकतांत्रिक प्रणाली को महत्व दे रहा है। आज से दस साल पहले नेपाल के जवानों ने बुलेट छोड़ बैलट का रास्ता चुना। बुद्ध के रास्ते को चुनने के लिए उन्होंने नेपाल को बधाई दी।
नेपाल आने वाले पहले पीएम बने मोदी
नरेंद्र मोदी जनकपुर जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनसे पहले तीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह, प्रणब मुखर्जी और नीलम संजीव रेड्डी ने जनकपुर मंदिर में षोडश पूजन किया है। शनिवार को मोदी नेपाल के मस्तंग जिले में मुक्तिनाथ मंदिर भी जाएंगे।
पनबिजली परियोजना का शिलान्यास करेंगे
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरे में दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते होंगे। इनमें हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट सबसे अहम है। मोदी इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे। इससे 900 मेगावाट बिजली पैदा होगी। इसके 5 साल में पूरा होने की उम्मीद है। नेपाल सरकार ने हाल में भारतीय कंपनी को बिजली उत्पादन का लाइसेंस भी दिया है। इसी प्रोजेक्ट में पिछले दिनों विस्फोट भी हो गया था।