भारत-अफगानिस्तान के बीच शहतूत डैम पर हुआ समझौता, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने जताया आभार
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मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति गनी ने शिखर सम्मेलन स्तरीय वार्ता की। कोरोना काल की वजह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस बैठक में दोनों देशों के बीच एक समझौता किया गया, जिसमें भारत काबुल नदी पर शहतूत बांध का निर्माण करेगा।
इस बांध के जरिए वहां लोगों को स्वच्छ पेय जल और सिंचाई के पानी की सुविधा मिल जाएगी। इसके लिए भारत और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें इस बात की खुशी है कि शहतूत बांध से काबुल के लोगों को पीने के लिए साफ पानी और सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।
वहीं बैठक में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा कि भारत ने इस महत्वपूर्ण समय में कोरोना टीका की पांच लाख खुराक हमें देना...किसी उपहार से कम नहीं है। अफगानिस्तान राष्ट्रपति गनी ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी को वैक्सीन के साथ जल के इस उपहार के लिए शुक्रिया अदा करता हूं।
Your decision to provide us with 5,00,000 doses of the vaccine at this critical time... there could not be a greater gift: Afghanistan President Ashraf Ghani https://t.co/kX3d9ZLzq1 pic.twitter.com/zCZkC95E5k
— ANI (@ANI) February 9, 2021
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले करीब दो दशकों से भारत-अफगानिस्तान विकास के प्रमुख साझेदारों में रहा है, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे अनेक सेक्टरों में हमारी ये योजनाएं फैली हैं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि चाहे दवाइयां हो या पीपीई किट या भारत में बनी वैक्सीन की सप्लाई, हमारे लिए अफगानिस्तान की आवश्यकता महत्वपूर्ण रही है और रहेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान सिर्फ जियोग्राफी से ही नहीं बल्कि इतिहास और संस्कृति से भी आपस में जुड़े हुए हैं और एक दूसरे को प्रभावित करते हैं। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति गनी ने कहा कि भारत अफगानिस्तान के विकास में सच्चा साझेदार है। अफगानिस्तान को भारत की विकास सहायता हमारे परिदृश्य पर अंकित है। दोनों ही देश अपने क्षेत्र को आतंकवाद से मुक्त देखना चाहते हैं।
कोई भी बाहरी ताकत दोनों देशों की दोस्ती को नहीं तोड़ सकती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि कोई भी बाहरी ताकत अफगानिस्तान के विकास या भारत-अफगानिस्तान दोस्ती को रोक नहीं सकती। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नजदीकी पड़ोसी और मजबूत रणनीतिक साझेदार होने के नाते भारत और अफगानिस्तान इस क्षेत्र को आतंकवाद और चरमपंथ से मुक्त देखना चाहते हैं।
अफगानिस्तान में निर्दोष नागरिकों, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने सहित बढ़ती हिंसा की घटनाओं पर उन्होंने चिंता व्यक्त की और कहा कि युद्ध की स्थिति को समाप्त करने के लिए भारत वहां व्यापक युद्धविराम का समर्थन करता है।
उन्होंने कहा कि हर अफगान भाई और बहन को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि भारत आपके साथ खड़ा है। आपके धैर्य, साहस और संकल्प की यात्रा के हर कदम पर, भारत आपके साथ रहेगा। कोई भी बाहरी ताकत अफगानिस्तान के विकास को, या भारत-अफगानिस्तान दोस्ती को रोक नहीं सकती।
गनी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि अफगानिस्तान में शांति बहाली में दिक्कत नहीं होगी जब राजनीतिक दल और उनके तालिबानी समर्थक वास्तविक राजनीतिक समाधान को गले लगाएंगे। उनका निशाना पाकिस्तान की ओर था।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद का एक पूरा तंत्र है और विनाशकारी ताकतें क्षेत्र के भविष्य के लिए खतरा हैं। प्रधानमंत्री ने युद्धग्रस्त देश की विकास यात्रा में पूरा सहयोग का आश्वासन भी दिया।