{"_id":"574751704f1c1bd2406915c5","slug":"prime-minister-announced-the-doctor-retirement-age","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पीएम के ऐलान से पहले ही यूपी में 65 की आयु में डॉक्टर हो रहे रिटायर","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
पीएम के ऐलान से पहले ही यूपी में 65 की आयु में डॉक्टर हो रहे रिटायर
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 27 May 2016 01:11 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉक्टरों की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष करने की बात कही है, लेकिन प्रदेश के चिकित्सक पहले से ही इस सुविधा के दायरे में हैं।
सपा सरकार ने तकरीबन दो वर्ष पहले ही शिक्षा संवर्ग यानी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत डॉक्टरों की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष कर दी थी। इससे पहले यह आयु सीमा 62 वर्ष निर्धारित थी।
उधर, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के तहत आने वाले डॉक्टरों की रिटायरमेंट आयु अभी 60 वर्ष ही है। लेकिन इस संवर्ग के विशेषज्ञ चिकित्सकों को 5 वर्ष की री-ज्वाइनिंग की सुविधा दी जा रही है। इसके तहत विशेषज्ञ चिकित्सक 65 वर्ष तक अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सपा सरकार ने तकरीबन दो वर्ष पहले ही शिक्षा संवर्ग यानी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत डॉक्टरों की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष कर दी थी। इससे पहले यह आयु सीमा 62 वर्ष निर्धारित थी।
विज्ञापन
उधर, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के तहत आने वाले डॉक्टरों की रिटायरमेंट आयु अभी 60 वर्ष ही है। लेकिन इस संवर्ग के विशेषज्ञ चिकित्सकों को 5 वर्ष की री-ज्वाइनिंग की सुविधा दी जा रही है। इसके तहत विशेषज्ञ चिकित्सक 65 वर्ष तक अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
विज्ञापन
शिक्षा संवर्ग के चिकित्सकों के सेवाकाल का हो चुका है विस्तार
री- ज्वाइनिंग पाने वाले चिकित्सकों को परामर्शदाता का पद दिया जाता है जो लेवल - 3 का कहलाता है। री-ज्वाइनिंग पाने वाले चिकित्सकों को उसी वेतन क्रम पर ज्वाइन कराया जाता है, जिस पर वह रिटायर हुए हैं।
उदाहरण के लिए यदि रिटायरमेंट से पहले चिकित्सकों का अंतिम वेतन 1.70 लाख रुपये प्रतिमाह था और उसे अब 80 हजार रुपये पेंशन दी जा रही है तो पेंशन के साथ ही सरकार 90 हजार रुपया री ज्वाइन करने पर मानदेय के तौर पर प्रतिमाह देगी। इसके अतिरिक्त भत्ते पूर्ववत ही रहते हैं।
उप्र में शिक्षा संवर्ग वाले चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की आयु पहले से ही 65 वर्ष है। पीएमएस संवर्ग वाले चिकित्सक अभी तक 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों को सरकार 5 वर्ष के लिए री-ज्वाइनिंग दी जा रही है। - डॉ. एनके गुप्ता, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल मेरठ
उदाहरण के लिए यदि रिटायरमेंट से पहले चिकित्सकों का अंतिम वेतन 1.70 लाख रुपये प्रतिमाह था और उसे अब 80 हजार रुपये पेंशन दी जा रही है तो पेंशन के साथ ही सरकार 90 हजार रुपया री ज्वाइन करने पर मानदेय के तौर पर प्रतिमाह देगी। इसके अतिरिक्त भत्ते पूर्ववत ही रहते हैं।
उप्र में शिक्षा संवर्ग वाले चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की आयु पहले से ही 65 वर्ष है। पीएमएस संवर्ग वाले चिकित्सक अभी तक 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों को सरकार 5 वर्ष के लिए री-ज्वाइनिंग दी जा रही है। - डॉ. एनके गुप्ता, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल मेरठ