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वित्त मंत्रालय के बाद विदेश मंत्रालय है राष्ट्रपति का 'दूसरा प्रेम'
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Thu, 07 Apr 2016 09:18 AM IST
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राष्ट्रपति ने बताया अपने दूसरे प्रेम के बारे में
- फोटो : PTI
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दो बार बतौर विदेश मंत्री देश की सेवा करने वाले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि वित्त मंत्रालय के बाद विदेश मंत्रालय शायद उनका ‘दूसरा प्रेम’ है। वह राष्ट्रपति भवन में भारतीय विदेश सेवा के साल 2014 और 2015 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों से बातचीत कर रहे थे।
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि विदेश सेवा के कई अफसरों के साथ बौद्धिक बातचीत की कई मीठी यादें हैं। उन्होंने कहा कि वे दो बार विदेश मंत्री रहे और मंत्रालय के कामकाज का लुत्फ उठाया।
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राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति ने कहा कि वित्त मंत्रालय में उन्होंने सबसे ज्यादा लंबे समय तक काम किया, उसके बाद विदेश मंत्रालय ही शायद उनका दूसरा प्रेम था। उन्होंने विदेश सेवा के अधिकारियों को भारत की कहानी दुनिया के सामने लाने वाले प्रवक्ता, व्याख्याकार और कथावाचक करार दिया।
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