{"_id":"5aeae24a4f1c1b9e098b7dda","slug":"president-ram-nath-kovind-will-not-present-film-awards-to-all-many-winners-plan-to-be-absent","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"NFA समारोह विवाद: 'फिल्म बनाने में सालों लगते हैं, पुरस्कार के लिए 1 min नहीं निकाल सकते राष्ट्रपति'","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
NFA समारोह विवाद: 'फिल्म बनाने में सालों लगते हैं, पुरस्कार के लिए 1 min नहीं निकाल सकते राष्ट्रपति'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 03 May 2018 07:49 PM IST
विज्ञापन
राम नाथ कोविंद
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से पुरस्कृत होने वाले 70 से ज्यादा विजेताओं ने कथित तौर पर गुरुवार को नई दिल्ली में होने वाले समारोह से दूर रहने का फैसला किया है। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा सभी विजेताओं को व्यक्तिगत रूप से पुरस्कार वितरण करने में असमर्थता जताने के विरोध में ये फैसला लिया गया है।
फिल्म समारोह निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक चैतन्य प्रसाद को विजेताओं ने एक चिट्ठी लिखकर कहा है कि उनका कदम "बहिष्कार" नहीं, बल्कि राष्ट्रपति के फैसले पर उनकी निराशा की अभिव्यक्ति है।
उधर स्मृति इरानी के हाथ से पुरस्कार लेने का बहिष्कार कर रहे एक फिल्म मेकर मेघदूत ने कहा है कि राष्ट्रपति को हमें वह पुरस्कार प्रस्तुत करना चाहिए जो हमारा अधिकार है। यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा देने की परंपरा है। उन्होंने अपने बयान में ये भी कहा कि राष्ट्रपति को पुरस्कार देने में एक मिनट लगता है।
विज्ञापन
पहले यह घोषणा की गई थी कि कोविंद 137 विजेताओं में से 11 में पुरस्कार पेश करेंगे क्योंकि पुरस्कार वितरण के स्थल विज्ञान भवन में पूरे समारोह के दौरान उपस्थित नहीं रह सकेंगे। इस घोषणा ने बाद विजेताओं के बीच काफी निराशा पैदा हो गई। बुधवार को पुरस्कार समारोह के अभ्यास स्थल पर पहुंचीं सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने इस मसले पर अपनी बात रखी लेकिन वे पूरी तरह सफल नहीं हो सकीं।
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मराठी फिल्म निर्देशक प्रकाश ओक ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, "हम अपमानित महसूस कर रहे हैं। करीब 75 विजेताओं ने समारोह के बहिष्कार की धमकी दी है।"
विज्ञापन
फिल्म समारोह निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक चैतन्य प्रसाद को विजेताओं ने एक चिट्ठी लिखकर कहा है कि उनका कदम "बहिष्कार" नहीं, बल्कि राष्ट्रपति के फैसले पर उनकी निराशा की अभिव्यक्ति है।
विज्ञापन
उधर स्मृति इरानी के हाथ से पुरस्कार लेने का बहिष्कार कर रहे एक फिल्म मेकर मेघदूत ने कहा है कि राष्ट्रपति को हमें वह पुरस्कार प्रस्तुत करना चाहिए जो हमारा अधिकार है। यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा देने की परंपरा है। उन्होंने अपने बयान में ये भी कहा कि राष्ट्रपति को पुरस्कार देने में एक मिनट लगता है।
विज्ञापन
President should present us the award that is our right. It is a tradition of President giving the award. It takes years to make a film. And it takes a minute for the President to present the award: Meghnath, Filmmaker on not accepting #NationalFilmAwards pic.twitter.com/s81jtBN4w0
— ANI (@ANI) May 3, 2018
पहले यह घोषणा की गई थी कि कोविंद 137 विजेताओं में से 11 में पुरस्कार पेश करेंगे क्योंकि पुरस्कार वितरण के स्थल विज्ञान भवन में पूरे समारोह के दौरान उपस्थित नहीं रह सकेंगे। इस घोषणा ने बाद विजेताओं के बीच काफी निराशा पैदा हो गई। बुधवार को पुरस्कार समारोह के अभ्यास स्थल पर पहुंचीं सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने इस मसले पर अपनी बात रखी लेकिन वे पूरी तरह सफल नहीं हो सकीं।
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मराठी फिल्म निर्देशक प्रकाश ओक ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, "हम अपमानित महसूस कर रहे हैं। करीब 75 विजेताओं ने समारोह के बहिष्कार की धमकी दी है।"
राष्ट्रपति भवन ने कहा- आश्चर्यचकित हैं
स्मृति ईरानी
- फोटो : PTI
पुरस्कार वितरण समारोह के आखिरी वक्त में कुछ विजेताओं द्वारा विरोध के देखते हुए राष्ट्रपति भवन ने कहा है कि राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद सभी पुरस्कार समारोह में अधिकतम एक घंटे तक उपस्थित रहते हैं और यह जानकारी सूचना प्रसारण मंत्रालय को दे दी गई थी।
राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने कहा, "राष्ट्रपति सभी पुरस्कार समारोह और दीक्षांत समारोह में अधिकतम एक घंटे के लिए शिरकत करते हैं। पदभार संभालने के बाद से यह उनका प्रोटोकॉल रहा है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को यह जानकारी इसे कई हफ्ते पहले दे दी गई थी और मंत्रालय को यह तब से पता है। राष्ट्रपति भवन समारोह से कुछ घंटों पहले उठे इन सवालों से आश्चर्यचकित है।"
देश भर से कलाकारों ने फिल्म समारोह निदेशालय, भारत के राष्ट्रपति के कार्यालय और सूचना और प्रसारण मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर अपनी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने लिखा है कि आखिरी वक्त पर उन्हें ये सूचना मिलने पर "निराशा" हुई है कि राष्ट्रपति केवल 11 पुरस्कार वितरित करेंगे। बाकी लोगों को सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी के द्वारा पुरस्कार दिए जाएंगे।
राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने कहा, "राष्ट्रपति सभी पुरस्कार समारोह और दीक्षांत समारोह में अधिकतम एक घंटे के लिए शिरकत करते हैं। पदभार संभालने के बाद से यह उनका प्रोटोकॉल रहा है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को यह जानकारी इसे कई हफ्ते पहले दे दी गई थी और मंत्रालय को यह तब से पता है। राष्ट्रपति भवन समारोह से कुछ घंटों पहले उठे इन सवालों से आश्चर्यचकित है।"
देश भर से कलाकारों ने फिल्म समारोह निदेशालय, भारत के राष्ट्रपति के कार्यालय और सूचना और प्रसारण मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर अपनी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने लिखा है कि आखिरी वक्त पर उन्हें ये सूचना मिलने पर "निराशा" हुई है कि राष्ट्रपति केवल 11 पुरस्कार वितरित करेंगे। बाकी लोगों को सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी के द्वारा पुरस्कार दिए जाएंगे।