विदेशों से आती थी पीपीई, अब एक महीने में हर दिन बनने लगीं 1.87 लाख
- देश में 107 कंपनियां बनाने लगी हैं पीपीई
- सरकार का लक्ष्य 2.22 करोड़ पीपीई का
- देश में नौ जगह हो रही है पीपीई की गुणवत्ता की जांच
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कोरोना वायरस को लेकर शुरूआत से ही पर्सनल प्रोटेक्टिव एक्वीपमेंट (पीपीई) सुर्खियों में है। कोरोना से पहले तक विदेशों से पीपीई और एन-95 मास्क भारत में आते थे लेकिन पिछले एक महीने में ही भारत हर दिन 1.87 लाख पीपीई बनाना शुरू कर दिया है। देश में इस वक्त 107 कंपनियां पीपीई बना रही हैं जबकि चार कंपनियों को एक दिन पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
केंद्र सरकार के अनुसार देश में पीपीई की आपूर्ति पर्याप्त बनाने के लिए 2.22 करोड़ का ऑर्डर दिया जा चुका है। इनमें से 1.42 करोड़ पीपीई का ऑर्डर घरेलु कंपनियों को दिया जा चुका है। अभी तक 17.37 लाख पीपीई की आपूर्ति इन कंपनियों से हो चुकी है। इसके अलावा अगले दो महीने में 1.15 करोड़ पीपीई की आपूर्ति होगी। 80 लाख पीपीई का आयात किया जाएगा।
अभी देश में नौ लैब में पीपीई की गुणवत्ता को जांचा जा रहा है। इसमें डीआरडीओ की तीन लैब हैं जबकि एक कोयम्बटूर में मौजूद है। इनके अलावा दिल्ली, आगरा, कोलकात्ता, चैन्ने में भी लैब शुरू हो चुकी हैं।
एम्पॉवर्ड ग्रुप तीन के चेयरमेन पीडी वाघेला ने बताया कि अभी तक केंद्र को 21 लाख पीपीई मिल चुके हैं जिनकी आपूर्ति राज्यों को हा ेचुकी है। जैसे जैसे कंपनियों से माल आ रहा है वैसे ही राज्यों तक आपूर्ति हो रही है।
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ऐसे समझें, कैसे एक महीने में बनने लगीं पीपीई
तारीख पीपीई (प्रति दिन)
30 मार्च 3312
06 अप्रैल 11,027
13 अप्रैल 31,270
20 अप्रैल 88,093
30 अप्रैल 1.86 लाख
(30 मार्च से पहले भारत में 85 हजार पीपीई सालाना विदेशों से होती थी सप्लाई।)