{"_id":"5b3af09e4f1c1b4a358b457b","slug":"police-team-investigating-the-alleged-sexual-abuse-of-a-nun-by-catholic-bishop","type":"story","status":"publish","title_hn":"केरल यौन शोषण केस: कैथोलिक बिशप को मिला समन, 13 बार रेप करने के मामले में होगी पूछताछ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
केरल यौन शोषण केस: कैथोलिक बिशप को मिला समन, 13 बार रेप करने के मामले में होगी पूछताछ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Updated Tue, 03 Jul 2018 09:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जालंधर के कैथोलिक बिशप फ्रैंको मुलक्कल द्वारा एक नन के साथ यौन शोषण करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने बिशिप के खिलाफ समन जारी किया है। जिसके तहत आरोपी को जालंधर से पूछताछ के लिए केरल भेजा जाएगा।
पुलिस ने नन के बयान को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज कर लिया है। जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। बता दें कि नन ने बिशप के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। मामले में कोट्टायम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने सोमवार को पुलिस के आवेदन पर विचार किया और बयान रिकॉर्ड करने के लिए चांगनास्त्री न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपा है।
बता दें कि केरल में एक नन ने कैथोलिक चर्च के बिशप के खिलाफ दुराचार का केस दर्ज करवाया है। नन का आरोप है कि बिशप ने 13 बार उसका यौन शोषण किया। आरोपी बिशन जालंधर स्थित डायोसीस कैथोलिक चर्च में कार्यरत है। कोट्टायम जिला पुलिस प्रमुख को दी गई अपनी शिकायत में नन ने आरोप लगाया कि रोमन कैथलिक चर्च के जालंधर धर्मप्रदेश के बिशप ने चार साल पहले पास के एक कस्बे में कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया। बिशप फ्रैंको मुक्कल शिरोमणि अकाली दल की लीडरशिप के काफी निकट माने जाते हैं।
विज्ञापन
44 वर्षीय नन का आरोप है कि साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ शिकायत की गई तो चर्च ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसे पुलिस की मदद लेनी पड़ी। नन ने कहा है कि 2014 में जिले के कुरावलंगड़ क्षेत्र में एक अनाथालय के नजदीक एक गेस्ट हाउस में पहली बार उसका यौन शोषण किया गया।
पीड़ित नन पंजाब में डायोसीस कैथोलिक चर्च के तहत चलने वाले एक संस्थान में काम करती थी। इस संस्थान के मुखिया बिशप फ्रैंको मुलक्कल (54) ही हैं। नन से जुड़े करीबी सूत्रों के मुताबिक, उसने केरल के तत्कालीन चर्च प्रमुख कार्डिनल मार जॉर्ज अलेनचेरी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन चर्च की तरफ से कोई कदम नहीं उठाए जाने पर उसे पुलिस में शिकायत दर्ज करानी पड़ी।
वहीं, बिशप मुलक्कल ने भी कोट्टयम पुलिस में नन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि वह नन का तबादला दूसरे संस्थान में कर रहे थे, लेकिन उसने यह आदेश मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की, तो नन बदला लेने के मकसद से उन्हें झूठे आरोपों में फंसा रही है।
बिशप मुलक्कल का यह भी आरोप है कि तबादले का आदेश वापस नहीं लेने पर नन के परिवार वालों ने भी उन्हें रेप के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी दी थी। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच डीसीपी रैंक के एक अधिकारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
पुलिस ने नन के बयान को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज कर लिया है। जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। बता दें कि नन ने बिशप के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। मामले में कोट्टायम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने सोमवार को पुलिस के आवेदन पर विचार किया और बयान रिकॉर्ड करने के लिए चांगनास्त्री न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपा है।
विज्ञापन
बता दें कि केरल में एक नन ने कैथोलिक चर्च के बिशप के खिलाफ दुराचार का केस दर्ज करवाया है। नन का आरोप है कि बिशप ने 13 बार उसका यौन शोषण किया। आरोपी बिशन जालंधर स्थित डायोसीस कैथोलिक चर्च में कार्यरत है। कोट्टायम जिला पुलिस प्रमुख को दी गई अपनी शिकायत में नन ने आरोप लगाया कि रोमन कैथलिक चर्च के जालंधर धर्मप्रदेश के बिशप ने चार साल पहले पास के एक कस्बे में कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया। बिशप फ्रैंको मुक्कल शिरोमणि अकाली दल की लीडरशिप के काफी निकट माने जाते हैं।
विज्ञापन
44 वर्षीय नन का आरोप है कि साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ शिकायत की गई तो चर्च ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसे पुलिस की मदद लेनी पड़ी। नन ने कहा है कि 2014 में जिले के कुरावलंगड़ क्षेत्र में एक अनाथालय के नजदीक एक गेस्ट हाउस में पहली बार उसका यौन शोषण किया गया।
पीड़ित नन पंजाब में डायोसीस कैथोलिक चर्च के तहत चलने वाले एक संस्थान में काम करती थी। इस संस्थान के मुखिया बिशप फ्रैंको मुलक्कल (54) ही हैं। नन से जुड़े करीबी सूत्रों के मुताबिक, उसने केरल के तत्कालीन चर्च प्रमुख कार्डिनल मार जॉर्ज अलेनचेरी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन चर्च की तरफ से कोई कदम नहीं उठाए जाने पर उसे पुलिस में शिकायत दर्ज करानी पड़ी।
वहीं, बिशप मुलक्कल ने भी कोट्टयम पुलिस में नन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि वह नन का तबादला दूसरे संस्थान में कर रहे थे, लेकिन उसने यह आदेश मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की, तो नन बदला लेने के मकसद से उन्हें झूठे आरोपों में फंसा रही है।
बिशप मुलक्कल का यह भी आरोप है कि तबादले का आदेश वापस नहीं लेने पर नन के परिवार वालों ने भी उन्हें रेप के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी दी थी। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच डीसीपी रैंक के एक अधिकारी कर रहे हैं।