नोटबंदी की वर्षगांठ पर सरकार कर सकती है बड़ा धमाका, PM मोदी ने दिए संकेत
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘बेनामी’ संपत्तियों के खिलाफ जोरदार हमले का संकेत देते हुए कहा है कि कांग्रेस इसकी आशंका में काफी चिंतित नजर आ रही है क्योंकि सरकार की इस कड़ी कार्रवाई में उसके नेताओं की संपत्तियों को बख्शा नहीं जाएगा। शनिवार को हिमाचल के कांगड़ा में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस को जमकर लताड़ लगाई।
मंडी जिले के सुंदरनगर की रैली में पीएम ने कहा कि नोटबंदी के खिलाफ कांग्रेस का अभियान जनता को भ्रमित करने के लिए था ताकि बेनामी संपत्तियों के खिलाफ उनकी सरकार की बड़ी कार्रवाई से पहले उनके खिलाफ माहौल बनाया जा सके।
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उन्होंने कहा, ‘समय आ गया है जब गरीबों को वह सब कुछ लौटाया जा सके जो उनसे लूटा गया था। मैं ऐसे हालात पैदा करने जा रहा हूं कि कांग्रेस के नेताओं के लिए अपनी बेनामी संपत्तियों को हासिल करना मुश्किल हो जाएगा।’
कांग्रेस की दीमक से तुलना
नोटबंदी की पहली वर्षगांठ को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाने के कांग्रेस के फैसले पर चुटकी लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वास्तव में विपक्षी पार्टियों के लिए यह ‘काला धन दिवस’ है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेताओं से उन्होंने जानकारी जुटाने की कोशिश की तो पता चला कि उनमें से कइयों के 500 रुपये को नोटों से भरे बैग तो कुछेक के 1000 रुपये के नोटों से भरे बैग धरे के धरे रह गए।
इस बीच, उनकी सरकार ने बेनामी कानून पारित कर दिया है। कांग्रेस को इस बात की फिक्र है कि मोदी जल्दी ही इस मोर्चे पर भी नतीजे देने लगेंगे। कांग्रेस के जिन नेताओं ने अपने ड्राइवरों और रसोइयों के नाम पर जमीन, फ्लैट और दुकानें खरीद रखी हैं, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।
वे ऐसे सभी लोगों से कहना चाहेंगे कि नेताओं की किसी भी बेनामी संपत्ति को वापस न करें। यह जनता का पैसा है और उनसे लूटा गया है। इसलिए, अब उसे जन कल्याण में लगाया जाएगा।
इससे पहले कांगड़ा के चंबी में आयोजित रैली में उन्होंने कांग्रेस की दीमक से तुलना करते हुए कहा कि ऐसी पार्टी का सफाया करने के लिए भाजपा को 9 नवंबर के चुनाव में दो तिहाई बहुमत से जिताएं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद गरीब और मध्य वर्ग के लोग अपने-अपने काम में जुट गए हैं लेकिन बेइमान लोग उनसे नाराज हैं और उनसे बदला लेना चाहते हैं।