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300वें शहीदी दिवस पर बोले मोदी, किसानों की आर्थिक आजादी के पक्षधर थे बंदा सिंह बहादुर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 03 Jul 2016 07:16 PM IST
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- फोटो : ani
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सिख योद्धा बाबा बंदा सिंह बहादुर की 300वें शहीदी दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों की आर्थिक आजादी के पक्षधर थे। गुरु गोबिंद सिंह जी से प्रेरणा लेने के बाद उन्होंने एक योद्धा के गुणों को आत्मसात किया और सामाजिक बदलवा के लिए नई यात्रा शुरू की। आज बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के 300वें शहीदी दिवस पर मैं उनकी बहादुरी और बलिदान को नमन करता हूं।
शहीदी दिवस के कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि बंदा सिंह बहादुर का जिस दौर में जन्म हुआ था उस समय देश समाजिक, आर्थिक और राजनितिक उथल-पुथल से गुजर रहा था। मोदी ने कहा कि बाबा बंदा सिंह महान योद्धा होने के साथ-साथ संवेदनशील भी थे। उनका त्याग और बलिदान अमूल्य है।
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शहीदी दिवस के कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि बंदा सिंह बहादुर का जिस दौर में जन्म हुआ था उस समय देश समाजिक, आर्थिक और राजनितिक उथल-पुथल से गुजर रहा था। मोदी ने कहा कि बाबा बंदा सिंह महान योद्धा होने के साथ-साथ संवेदनशील भी थे। उनका त्याग और बलिदान अमूल्य है।
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बंदा सिंह बहादुर के समय में गरीबों और अल्पसंख्यकों ने खुद को सुरक्षित महसूस किया
पीएम मोदी ने बाबा बंदा सिंह बहादुर पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया
- फोटो : ani
पीएम मोदी ने कहा है कि बाबा बंदा सिंह बहादुर जी केवल महान योद्धा नहीं थे, वह आम लोगों के प्रति संवेदनशील थे। बाबा बंदा सिंह बहादुर जी को समझना हो तो टैगोर पर उनकी लिखी कविता को पढ़िए। बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के समय में गरीबों और अल्पसंख्यकों ने खुद को सुरक्षित महसूस किया। बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के समय में पहली बार किसानों को अधिकार मिले और आम आदमी ने खुद को सशक्त महसूस किया।
पीएम मोदी ने बाबा बंदा सिंह बहादुर पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया। मोदी ने अपने भाषण का अंत 'वाहे गुरु दी खालसा वाहे गुरु दी फतेह' से किया। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी मौजूद थे
पीएम मोदी ने बाबा बंदा सिंह बहादुर पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया। मोदी ने अपने भाषण का अंत 'वाहे गुरु दी खालसा वाहे गुरु दी फतेह' से किया। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी मौजूद थे