अफसरों और मंत्रियों संग पीएम मोदी ने की बैठक, भारी बहुमत के लिए जताया आभार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर भारत सरकार के सचिवों के साथ बैठक कीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर भारत सरकार के सचिवों के साथ बैठक की है।। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मौजूद थे। पीएम मोदी ने बैठक के दौरान कहा कि सभी मंत्रालयों को 'ईज ऑफ लिविंग' में सुधार के लिए ध्यान देना चाहिए।
पीएम मोदी ने हाल में संपन्न हुए आम चुनाव में भारी बहुमत के लिए, मंत्रियों समेत सभी अधिकारियों की पूरी टीम को पिछले पांच वर्षों में कड़ी मेहनत, कल्पना की गई योजनाओं और जमीन पर उत्कृष्ट परिणाम मिलने पर सभी को इसका श्रेय दिया।
PM Modi met Secretaries of GoI at his residence today. PM said,"Recent General Elections were marked by pro-incumbency, for which credit must go to entire team of officials,which worked hard, conceived schemes, &delivered excellent results on the ground, over the last five years" pic.twitter.com/xpvBolCh7j
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 10, 2019
चुनाव की तैयारियां
सूत्रों के मुताबिक शाह ने अपने निवास पर बुलाई बैठक में मुख्यमंत्रियों से कहा था कि सभी लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के पक्ष में बने वातावरण को बनाए रखने की रूपरेखा तैयार करें। शाह ने कहा था कि केंद्र की महत्वाकांक्षी योजनाओं मसलन उज्वला, मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य बीमा के लाभार्थियों के साथ पहली बार मत डालने वाले युवाओं से लगातार संपर्क बनाए रखने की रूपरेखा तैयार करें।बता दें कि यह तय हो चुका है कि इस साल के अंत में होने वाले तीन राज्यों हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव में राज्य सरकार के खिलाफ एंटी इंकम्बेंसी को थामने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ही भाजपा का चेहरा होंगे। पहले ही तीनों राज्यों की कोरग्रुप की बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने नाराज कार्यकर्ताओं को हर हाल में मनाने और स्थानीय मुद्दों का हल निकालने के लिए तीनों राज्यों की सरकार और संगठन को एक महीने का समय दिया है।
खासतौर पर लोकसभा चुनाव में हरियाणा में मिली जबर्दस्त जीत के बावजूद दिग्गज मंत्रियों की सीटों पर पिछड़ने और सरकार के कई प्रमुख चेहरों की सीटों पर अपेक्षित बढ़त नहीं मिलने पर चिंता जाहिर की गई थी।