{"_id":"62669aead02e4645d6120214","slug":"pm-narendra-modi-honoured-with-sanman-patra-from-takht-sachkhand-sri-hazur-sahib","type":"story","status":"publish","title_hn":"सम्मान: वीर बाल दिवस की घोषणा को लेकर सचखंड श्री हजूर साहिब ने पीएम मोदी के लिए की सम्मान की घोषणा, जानें पूरा मामला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सम्मान: वीर बाल दिवस की घोषणा को लेकर सचखंड श्री हजूर साहिब ने पीएम मोदी के लिए की सम्मान की घोषणा, जानें पूरा मामला
Mon, 25 Apr 2022 06:29 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 25 Apr 2022 06:29 PM IST
सार
प्रधानमंत्री मोदी को ये सम्मान साहिबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह की स्मृति में वीर बाल दिवस हर साल 26 दिसंबर को मनाने की घोषणा करने को लेकर दिया गया है।
विज्ञापन
पीएम मोदी।
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सचखंड श्री हजूर साहिब के सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया है। यह सिख संगत से अर्जित सम्मान और स्नेह को दर्शाता है। भाजपा नेता और मनजिंदर सिंह सिरसा ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है। गौरतलब है कि तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब सिख धर्म के 5 तख्तों में से एक है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री मोदी को ये सम्मान साहिबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह की स्मृति में वीर बाल दिवस हर साल 26 दिसंबर को मनाने की घोषणा करने को लेकर दिया गया है। वीर बाल दिवस गुरु गोविंद सिंह के चार छोटे साहिबजादों के बलिदान की याद में मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री द्वारा 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई है। यह वही दिन है, जब साहिबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार में जिंदा चुनवा दिया गया था।
विज्ञापन
यह नान्देड नगर में गोदावरी नदी के किनारे स्थित है। इसमें स्थित गुरुद्वारा 'सच खण्ड' कहलाता है। इस गुरुद्वारा का निर्माण 1832 और 1837 के बीच सिकंदर जाह, मीर अकबर अली खान सिकंदर जाह, आसिफ़ जाह तृतीय ने अपने मित्र महाराजा रणजीत सिंह के अनुरोध पर किया था।। यहीं पर सन 1708 में सिक्खों के दसवें तथा अंतिम गुरु गोविंद सिंह जी ने अपने प्रिय घोड़े दिलबाग के साथ अंतिम सांस ली थी।
विज्ञापन