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पीएम बोले- जिंदगी में नमक की तरह है योग,पढ़िए PM मोदी का पूरा भाषण
amarujala.com- presented by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 21 Jun 2017 10:14 AM IST
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पीएम बोले- जिंदगी में नमक की तरह है योग,पढ़िए मोदी का पूरा भाषण
- फोटो : ANI
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के बीच लखनऊ के रमाबाई पार्क में पीएम नरेंद्र मोदी भारी बारिश के बावजूद कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे। पीएम ने योग को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। पीएम ने कार्यक्रम की शुरूआत में कहा कि लखनऊ की धरती पर सभी योग प्रेमियों को प्रणाम। भारी बारिश के बीच योग को बल देने का ये प्रयास अभिनंदनीय है।
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पीएम ने कहा कि योग की वजह से पूरा विश्व जुड़ा है। हमें योग से जीवन जीने की कला सीखने को मिलती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर देते हुए कहा कि आज योग लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने ये भी कहा कि मन को स्थिर रखने में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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यही वजह है कि पूरे विश्व में योग टीचर्स की मांग बढ़ी है। योग शरीर, मन और बुद्धि को जोड़ता है। पीएम ने कहा कि योग से शरीर के अंगों में जागरूकता आती है। पीएम ने कहा कि जैसे जीवन में नमक जरूरी है वैसे ही योग को जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। अपनी दिनचर्या में से 50 से 60 मिनट तक योग किया जा सकता है।
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पीएम ने कहा, फिटनेस से ज्यादा वेलनेस का महत्व है। आज योग के सामने दुनिया में कहीं भी सवालिया निशान नहीं हैं।
योग करने के तरीके में बहुत बदलाव देखने को मिले हैं। योग में उत्तरोत्तर विकास और विस्तार होता रहा है। इसलिए इस महत्वपूर्ण अवसर पर मैं लोगों को योग को जीवन बनाने का आग्रह करता हूं। हम योग में मास्टर बने न बनें पर अभ्यासु बन सकते हैं।
जब हम पहली बार योग करते हैं तो अहसास होता कि शरीर के बहुत से अंग हैं जिनकी ओर हमारा ध्यान नहीं गया। योग करने पर पता चलता है कि ये अंग सुसुप्त पड़े थे उनमें चेतना आने लगी है।
मैं योग को बड़ी सरल भाषा में समझाता हूं। नमक सबसे सस्ता होता है लेकिन खाने में नमक न हो तो स्वाद बिगड़ जाता है बल्कि शरीर के रचना में उसकी जरूरत को कोई नकार नहीं सकता। एकमात्र नमक से जीवन नहीं चल सकता है पर जीवन में नमक न होने से काम नहीं चलेगा।
योग को जीवन में नमक की तरह जरूरी बनाएं। उन्होंने कहा कि जीरो कॉस्ट से स्वास्थ्य अच्छा रखने का तरीका योग ही है।
बता दें कि 2014 में योग के लिए भारत ने यूएन में प्रस्ताव रखा था। दुनिया के 193 में से 175 देशों ने भारत के प्रस्ताव को मान्यता दी थी। 2015 से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई थी। साल 2017 में विश्व में तीसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है।