सार्क सम्मेलन में नहीं जाएंगे मोदी, तीन देशों का मिला साथ
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उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान को विश्व समुदाय में अलग-थलग करने की कूटनीतिक कवायद के तहत भारत ने उसे एक और तगड़ा झटका दिया है। भारत ने मंगलवार का साफ कर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्लामाबाद में दक्षिण एशियाई सहयोग संगठन (सार्क) की बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे।
भारत की इस पहल में अफगानिस्तान, भूटान और बांग्लादेश का भी साथ मिला, जिन्होंने 9 और 10 नवंबर को होने वाले सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेने से मना कर दिया है। सार्क के अध्यक्ष देश नेपाल को संदेश भेज कर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच नवंबर में होने वाली सार्क की 19वीं बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिस्सा नहीं लेंगे।
पाकिस्तान ने भारत के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उसे पड़ोसी देश की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। विदेश मंत्रालय के संदेश में कहा गया है, ‘मौजूदा तनावपूर्ण हालात को देखते हुए भारत इसमें हिस्सा लेने इस्लामाबाद नहीं जाएगा।
अफगानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान भी नहीं जाएंगे पाक !
हालांकि भारत क्षेत्रीय सहयोग, संपर्क बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन महसूस करता है कि इसके लिए आतंक मुक्त माहौल का होना जरूरी है। इस क्षेत्र में बढ़ते आतंकवादी हमलों और एक देश द्वारा आंतरिक मामलों में बढ़ते हस्तक्षेप को देखते हुए सार्क सम्मेलन की सफलता के लिए अनुकूल माहौल नहीं है।’
सूत्रों के मुताबिक, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान ने भी पाकिस्तान की मेजबानी वाले इस सम्मेलन में हिस्सा लेने से मना कर दिया है। सार्क के नियमों के मुताबिक अब यह सम्मेलन रद्द होना तय हो गया है क्योंकि किसी एक राष्ट्र प्रमुख की अनुपस्थिति में सम्मेलन नहीं हो सकता है। विदेश सचिव एस. जयशंकर द्वारा दस दिन के अंदर दूसरी बार पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब कर सौंपने के ठीक बाद भारत ने सार्क में नहीं जाने का फैसला किया।
इस बीच, इस्लामाबाद में पाकिस्तान ने भारत के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान को भारतीय प्रवक्ता के ट्वीट से इस फैसले की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि हमें इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को आतंकवादी राष्ट्र और आतंकवादियों की पनाहगाह घोषित करने की पुरजोर कोशिश कर रहा है।