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PM Modi Ukraine Visit: पीएम मोदी कल जाएंगे यूक्रेन, मॉस्को-कीव के बीच सीधे मध्यस्थता नहीं करेगा भारत

Mon, 19 Aug 2024 06:58 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Mon, 19 Aug 2024 06:58 PM IST
सार

PM Modi Ukraine Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21-23 अगस्त तक पोलैंड और कीव के दौरे पर जा सकते हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार 1991 में यूक्रेन के आजाद होने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा होगा।

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PM Modi to be on an official visit to Ukraine on 23rd August, PM Modi Ukraine visit
पीएम मोदी इसी हफ्ते जाएंगे यूक्रेन - तन्मय लाल, सचिव (पश्चिम) - फोटो : ANI

विस्तार

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 अगस्त को युद्धग्रस्त यूक्रेन जाएंगे और राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ वार्ता करेंगे। रूस के साथ जारी जंग के बीच पीएम मोदी की यह यूक्रेन की पहली यात्रा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत यूक्रेन संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान ढूंढने में योगदान देने को तैयार है।
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विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम), तन्मय लाल ने सोमवार को पीएम के यूक्रेन और पोलैंड दौरे की जानकारी देते हुए बताया कि यूक्रेन से पहले पीएम 21 और 22 अगस्त को पोलैंड दौरे पर रहेंगे।  लाल ने कहा कि भारत हमेशा से यूक्रेन में संघर्ष को सुलझाने के लिए कूटनीति और बातचीत की वकालत करता रहा है। यूक्रेन में जारी संघर्ष चर्चा का हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि भारत के रूस और यूक्रेन के साथ स्वतंत्र संबंध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी यूक्रेन दौरे से पहले पोलैंड जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि पीएम संभवत: 21 को पोलैंड रवाना होंगे। फरवरी 2022 में रूस के आक्रमण की शुरुआत के बाद से यह किसी वरिष्ठ भारतीय नेता की पहली यात्रा होगी। साथ ही 1991 में यूक्रेन के आजाद होने के बाद से यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा होगा।
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भारत रूस-यूक्रेन के बीच प्रत्यक्ष मध्यस्थता निभाने का उत्सुक नहीं
पिछले महीने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ फोन पर हुई बातचीत में राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के चीफ ऑफ स्टाफ एंड्री यरमक ने कहा था कि मोदी यूक्रेन में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि सूत्रों ने बताया कि भारतीय पक्ष दोनों युद्धरत देशों के बीच किसी भी प्रत्यक्ष मध्यस्थता की भूमिका के लिए उत्सुक नहीं है। मध्यस्थता के बजाय उसने संकेत दिया है कि वह दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुंचा सकता है। हालांकि विदेश मंत्रालय से इस मामले पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।
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स्थायी समाधान का समर्थन करेगा भारत
भारत ने यूक्रेन में रूस की कार्रवाई की सार्वजनिक रूप से निंदा करने से परहेज किया है और संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन से संबंधित अधिकांश प्रस्तावों के खिलाफ मतदान किया है या उनसे दूर रहा है। नई दिल्ली ने लगातार कहा है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष में बातचीत और कूटनीति ही आगे बढ़ने का रास्ता है। वह स्थायी समाधान खोजने के उद्देश्य से किए जाने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करेगा।

नुकसान को नियंत्रित करना भी मकसद : विशेषज्ञ
भारतीय विश्लेषकों का कहना है कि पीएम मोदी की कीव यात्रा का मकसद मॉस्को के दौरे से हुए नुकसान को नियंत्रित करना है। उनके दौरे के समय ही यूक्रेन की राजधानी कीव में बच्चों के एक अस्पताल पर घातक हमला हुआ था। इसके चलते यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की समेत कई पश्चिमी देशों के नेताओं ने पीएम की आलोचना की थी। पीएम मोदी ने 8-9 जुलाई को मास्को की यात्रा की थी। इस दौरान परमाणु ऊर्जा से लेकर चिकित्सा तक के क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार पर सार्थक बातचीत की थी। बच्चों के अस्पताल पर रूस के हमले पर पीएम मोदी ने पुतिन से कहा था कि मासूम बच्चों की मौत दुखद और भयावह है। 

यूक्रेन से लगातार हो रही थी बात पीएम के रूस दौरे के बाद शीर्ष भारतीय राजनयिकों ने अपने यूक्रेनी समकक्षों के साथ नियमित रूप से बातचीत की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूक्रेन के दिमित्रो कुलेबा को फोन करके द्विपक्षीय संबंधों को और विकसित करने पर चर्चा की है। इससे पहले पीएम ने जून में इटली में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान जेलेंस्की से मुलाकात की थी और व्यापार तथा संबंधों के विस्तार पर चर्चा की। 
 

यूक्रेन ने कहा था, पीएम मोदी शांति स्थापना में निभा सकते हैं महत्वपूर्ण भूमिका
पिछले महीने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ फोन पर हुई बातचीत में राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के चीफ ऑफ स्टाफ एंड्री यरमक ने कहा था कि मोदी यूक्रेन में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि भारतीय पक्ष दोनों युद्धरत देशों के बीच किसी भी प्रत्यक्ष मध्यस्थता की भूमिका के लिए उत्सुक नहीं है। मध्यस्थता के बजाय उसने संकेत दिया है कि वह दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुंचा सकता है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे मध्यस्थता नहीं करेंगे लेकिन उन्होंने कहा है कि वे संदेश दे सकते हैं। हालांकि विदेश मंत्रालय से इस मामले पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।
 

भारत बातचीत और कूटनीति का करता रहा है समर्थन
भारत ने यूक्रेन में रूस की कार्रवाई की सार्वजनिक रूप से निंदा करने से परहेज किया है और संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन से संबंधित अधिकांश प्रस्तावों के खिलाफ मतदान किया है या उनसे दूर रहा है। नई दिल्ली ने लगातार कहा है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष में बातचीत और कूटनीति ही आगे बढ़ने का रास्ता है। वह स्थायी समाधान खोजने के उद्देश्य से किए जाने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करेगा।
 

पीएम मोदी ने रूस को दी थी नसीहत
भारतीय विश्लेषकों का कहना है कि पीएम मोदी की कीव यात्रा का मकसद मॉस्को के दौरे से हुए नुकसान को नियंत्रित करना है। उनके दौरे के समय ही यूक्रेन की राजधानी कीव में बच्चों के एक अस्पताल पर घातक हमला हुआ था। इसके चलते यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की समेत कई पश्चिमी देशों के नेताओं ने पीएम की आलोचना की थी। पीएम मोदी ने 8-9 जुलाई को मास्को की यात्रा की थी। इस दौरान पुराने-सदाबहार मित्र भारत और रूस ने परमाणु ऊर्जा से लेकर चिकित्सा तक के क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार और सहयोग को बढ़ावा देने पर सार्थक बातचीत की थी। बच्चों के अस्पताल पर रूस के हमले पर पीएम मोदी ने पुतिन से कहा था कि मासूम बच्चों की मौत दुखद और भयावह है। उन्होंने नई दिल्ली का यह रुख दोहराया कि मास्को और कीव को बातचीत तथा कूटनीति के जरिये अपने संघर्ष को सुलझाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि इस संकट का युद्ध के मैदान में समाधान संभव नहीं है।

जी-7 में जेलेंस्की ने पीएम से की थी मुलाकात
पीएम के रूस दौरे के बाद शीर्ष भारतीय राजनयिकों ने अपने यूक्रेनी समकक्षों के साथ नियमित रूप से बातचीत की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूक्रेन के दिमित्रो कुलेबा को फोन करके द्विपक्षीय संबंधों को और विकसित करने पर चर्चा की है। इससे पहले पीएम ने जून में इटली में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान जेलेंस्की से मुलाकात की थी और व्यापार तथा संबंधों के विस्तार पर चर्चा की। फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से दोनों नेताओं ने कई बार फोन पर भी बात की है।

यूक्रेन ने पुनर्निर्माण में भारत से मांगी मदद
यूक्रेन ने युद्ध से तबाह अपनी अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण में नई दिल्ली से मदद मांगी है और जनवरी में भारत में होने वाले व्यापार शिखर सम्मेलन में भारतीय कंपनियों से निवेश का निमंत्रण दिया है।

पीएम मोदी के यूक्रेन और पोलैंड का कार्यक्रम
  • पीएम मोदी यूक्रेन की राजधानी कीव में करीब सात घंटे रहेंगे।
  • पीएम मोदी 10 घंटे का ट्रेन का सफर करेंगे- पीएम मोदी पोलैंड से कीव तक ट्रेन से यात्रा करेंगे। जानकारी के मुताबिक वापसी की यात्रा भी लगभग इतनी ही लंबी होगी।
  • पीएम मोदी 45 साल बाद पोलैंड का दौरा करने वाले पहले प्रधानमंत्री होंगे। पीएम मोदी 21 और 22 अगस्त को पोलैंड के दौरे पर रहेंगे।

आजादी के बाद पोलैंड जाने वाले पहले पीएम बनेंगे
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पीएम मोदी की यात्रा का विवरण जल्द साझा किया जाएगा। साथ ही यह भी कहा कि पीएम पोलैंड भी जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, पीएम 21 से 23 अगस्त तक दोनों देशों की यात्रा पर जा सकते हैं। पीएम पहले पोलैंड जाएंगे और वह 23 अगस्त को यूक्रेन की संक्षिप्त यात्रा पर जा सकते हैं। फरवरी 2022 में रूस के आक्रमण की शुरुआत के बाद से यह किसी वरिष्ठ भारतीय नेता की पहली यात्रा होगी। साथ ही 1991 में यूक्रेन के आजाद होने के बाद से यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा होगा।
 



समुद्री रक्षा साझेदारी बढ़ाएंगे भारत-रूस
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सोमवार को रूस की नौसेना के प्रमुख एडमिरल अलेक्जेंडर मोइसेव के साथ वार्ता की, जिसमें द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापक चर्चा हुई। एडमिरल मोइसेव इन दिनों भारत की यात्रा पर हैं। इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के मुख्यालय ने कहा कि इस दौरान समुद्री सुरक्षा बढ़ाने, रणनीतिक सहयोग को गहरा करने और दोनों देशों के बीच एक मजबूत रक्षा साझेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में आपसी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया। बता दें कि भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के पोत आईएनएस तबर को पिछले माह रूस के सेंट पीटर्सबर्ग भेजा गया था, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते समुद्री सुरक्षा संबंधों को दर्शाता है। पोत ने यहां 328वीं रूसी नौसेना दिवस परेड समारोह में भाग लिया। नौसेना ने कहा था कि आईएनएस तबर की यात्रा का उद्देश्य दीर्घकालिक मित्रता को मजबूत करना और समुद्री संबंधों को मजबूत करने के नए रास्ते तलाशना था। 
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