PM Modi UAE Visit: पीएम मोदी दुबई रवाना, विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे
MEA: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आज शाम दुबई के लिए रवाना हो गए हैं। वह कल शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और फिर कल शाम भारत लौट आएंगे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार की शाम संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए रवाना हो गए हैं। वह विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। इसके अलावा, वह तीन उच्च स्तरीय साइड लाइन कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे, जिनमें से दो भारत की सहभागिता से आयोजित किए जाएंगे।
इससे पहले विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने गुरुवार को यहां पीएम मोदी की यूएई यात्रा पर एक विशेष मीडिया ब्रीफिंग की। इस दौरान उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रीन क्रेडिट पहल से जुड़े एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।
क्वात्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आज शाम दुबई जाएंगे, जो संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा सम्मेलन (यूएनएफसीसीसी) के 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (कॉप 28) का एक उच्च स्तरीय खंड है। आज शाम रवाना होने के बाद वह कल शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और फिर कल शाम भारत लौट आएंगे।
उन्होंने आगे कहा, 'प्रधानमंत्री विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में अपना संबोधन देंगे। कॉप-28 में संबोधन के अलावा प्रधानमंत्री तीन उच्च-स्तरीय साइड लाइन कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे, जिनमें से दो भारत की सहभागिता से आयोजित किए जा रहे हैं। पहला उच्च स्तरीय कार्यक्रम ग्रीन क्रेडिट्स पहल का शुभारंभ है, जिसे भारत और यूएई द्वारा आयोजित किया जा रहा है।'
पर्यावरण मंत्रालय ने दो पहल शुरू की हैं जो जलवायु परिवर्तन के लिए भारत के सक्रिय दृष्टिकोण का संकेत देती हैं और 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 'लाइफ' (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) आंदोलन को आगे बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा, ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी) और इकोमार्क स्कीम नामक पहलों का उद्देश्य पर्यावरण के संरक्षण के लिए अनुकूल पारंपरिक प्रथाओं को प्रोत्साहित करना है।
क्वात्रा ने पर्यावरण मंत्रालय की पिछले महीने की अधिसूचना का हवाला दिया और कहा कि ग्रीन क्रेडिट पहल, ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम पर आधारित है। उन्होंने कहा, यह मूल रूप से बंजर और खराब भूमि और नदी जलग्रहण क्षेत्रों पर वृक्षारोपण के लिए ग्रीन क्रेडिट के मुद्दे की कल्पना करता है, ताकि उनकी जीवन शक्ति को बहाल किया जा सके।
पीएम मोदी भारत और स्वीडन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित उच्च स्तरीय कार्यक्रम में भी भाग लेंगे।