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PM Janman: 'जिनको कभी किसी ने पूछा नहीं उनको मोदी पूछता भी है और पूजता भी', लाभार्थियों से बोले प्रधानमंत्री

Mon, 15 Jan 2024 03:19 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Mon, 15 Jan 2024 03:19 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के एक लाख लाभार्थियों को पहली किस्त जारी करने के बाद वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के 10 साल गरीबों को समर्पित रहे हैं।

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PM Modi SAID GOVERNMENT schemes must reach all eligible beneficiaries
PM Modi - फोटो : ANI

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि त्रेता युग में राजा राम की कथा हो या आज की राज-कथा, यह गरीब, वंचित और जनजातीय लोगों के कल्याण के बिना संभव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ हमारी सरकार लगातार काम कर रही है और इसी का फल है कि जिनको कभी किसी ने पूछा नहीं, उनको मोदी आज पूछता भी है और पूजता भी है।

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प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के एक लाख लाभार्थियों को पहली किस्त जारी करने के बाद वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के 10 साल गरीबों को समर्पित रहे हैं।
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त्रेता में राजा राम की कथा हो या...
उन्होंने कहा, ‘त्रेता में राजा राम की कथा हो या आज की राज-कथा बिना गरीब, बिना वंचित, बिना वनवासी भाई-बहनों के कल्याण के संभव ही नहीं है। इसी सोच के साथ हम लगातार काम कर रहे हैं। हमने 10 साल गरीबों को समर्पित किए। गरीबों को चार करोड़ से अधिक पक्के घर बनाकर दिए। जिनको कभी किसी ने पूछा नहीं, उनको मोदी आज पूछता भी है और पूजता भी है।’
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प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थियों को 540 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई। इस दौरान लाभार्थियों ने रसोई गैस कनेक्शन, बिजली, पाइप से पानी और आवास सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के बाद अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के बारे में बताया।

प्रधानमंत्री ने संवाद के दौरान कहा, ‘हमारी सरकार का प्रयास है कि कोई भी उसकी कल्याणकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहे।’

श्रीराम की कथा माता शबरी के बिना संभव नहीं
अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि इन दिनों उन्होंने भी 11 दिन व्रत-अनुष्ठान का एक संकल्प किया हुआ है। इस दौरान वे श्री राम का ध्यान और स्मरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘जब आप प्रभु राम का स्मरण करेंगे तो माता शबरी की याद आना बहुत स्वाभाविक है। श्रीराम की कथा माता शबरी के बिना संभव ही नहीं है।'

उन्होंने कहा कि अयोध्या से जब राम निकले थे तब तो वह राजकुमार थे। लेकिन राजकुमार राम, मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में हमारे सामने आए क्योंकि माता शबरी हो, केवट हो, निषाद राज हो... न जाने कौन-कौन से लोग... जिनके सानिध्य ने राजकुमार राम को प्रभु राम बना दिया। 

योजना के लाभ से कोई नहीं छूटेगा 
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाएं अति पिछड़े जनजातीय लोगों तक पहुंचे, यही पीएम-जनमन महाअभियान का उद्देश्य है। उन्होंने कहा, ‘सरकार पूरी ताकत लगा रही है कि हमारे अति पिछड़े जनजातीय भाई-बहनों तक सरकार की हर योजना जल्द से जल्द पहुंचे। मेरा कोई अति पिछड़ा भाई-बहन अब सरकार की योजना के लाभ से छूटेगा नहीं।’

उन्होंने कहा कि सिर्फ दो महीने में ही पीएम-जनमन अभियान ने वह लक्ष्य हासिल करने शुरू कर दिए हैं जो पहले कभी कोई नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की भावी पीढ़ियों को अब किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े, इसके लिए उनकी सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘पहले सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही चलती रहती थी और असली लाभार्थियों को पता ही नहीं चलता था। जिनको पता चल भी जाता था तो उनको कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। अब पीएम-जनमन महाअभियान में हमारी सरकार ने ऐसे सभी नियम बदल दिए हैं, जिससे आपको परेशानी होती हो।’

पिछले साल शुरू की थी पीएम-जनमन
गौरतलब है, पिछले वर्ष 15 नवंबर को पीएम-जनमन की शुरुआत समाज के सबसे कमजोर जनजातीय समूहों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण के लिए की गई थी। पीएम-जनमन का बजट लगभग 24,000 करोड़ रुपये का है और इसमें नौ मंत्रालयों के माध्यम से 11 महत्वपूर्ण पहलों को शामिल किया गया है।


इसका उद्देश्य सबसे कमजोर जनजातीय समूहों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इनमें सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, बिजली, सडक और संचार जैसी सुविधा तथा टिकाऊ आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना शामिल है।

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