जन औषधि दिवस: पीएम मोदी बोले- अब लोगों को कम दामों में मिलती हैं महंगी दवाइयां, कई शहरों में इसके स्टोर उपलब्ध
प्रधानमंत्री जन औषधि योजना साल 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित एक खास योजना है। इस योजना में सरकार द्वारा उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां बाजार के दामों से कम रुपये में उपलब्ध कराती हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जनऔषधि दिवस के मौके पर जन औषधि केंद्रों के मालिकों से बात की। उन्होंने इस दौरान जन औषधि योजना के फायदे गिनवाए। पीएम मोदी ने कहा कि ये सस्ती होने के साथ-साथ गुणवत्ता में भी अच्छी है। पीएम मोदी ने कहा कि मध्यम वर्ग की आमदनी का बड़ा हिस्सा दवाओं पर खर्च होता है। यदि दवाएं सस्ती हों तो सभी का लाभ होगा। इसलिए मध्यम वर्ग को इस योजना से फायदे होंगे। वहीं पीएम मोदी से एक महिला लाभार्थी ने कहा कि पहले मुझे दवाएं खरीदने में 1500-1600 रुपये का खर्च आता था, और अब इस योजना के साथ मेरी कीमत 250-300 रुपये के बीच है।
जन-औषधि केंद्र पर तन और मन दोनों की दवाइयां मिलती हैं: पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि जन-औषधि केंद्र तन को औषधि देते हैं, मन की चिंता को कम करने वाली भी औषधि हैं और धन को बचाकर जन-जन को राहत देने वाले केंद्र भी हैं। दवा का पर्चा हाथ में आने के बाद लोगों के मन में जो आशंका होती थी कि, पता नहीं कितना पैसा दवा खरीदने में खर्च होगा, वो चिंता कम हुई है।
आज देश में 8,500 से ज्यादा जन औषधि केंद्र खुले हैं: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आज देश में 8,500 से ज्यादा जन औषधि केंद्र खुले हैं। ये केंद्र अब केवल सरकारी स्टोर नहीं, बल्कि सामान्य मानवी के लिए समाधान केंद्र बन रहे हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि इस वित्तीय वर्ष में जन औषधि केंद्रों के जरिए 800 करोड़ रुपये से ज्यादा की दवाएं बिकी हैं। इसी साल जन औषधि केंद्र के जरिए गरीब को, मध्यम वर्ग को करीब 5,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है। अब तक करीब कुल 13,000 करोड़ रुपये की बचत लोगों को हुई है।
गंभीर बीमारियों की दवाइयों की कीमत पर भी नियंत्रण
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने कैंसर, टीबी, डायबिटीज, हृदयरोग जैसी बीमारियों के इलाज के लिए जरूरी 800 से ज्यादा दवाइयों की कीमत को भी नियंत्रित किया है।
प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में आधी सीटों पर सरकारी के बराबर ही फीस
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने तय किया है कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में आधी सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेज के बराबर ही फीस लगेगी।
- Prasar Bharati News Services (@pbns_india) 7 Mar 2022
महिलाओं के लिए 1 रुपये में सेनेटरी नेपकीन भी उपलब्ध
महिलाओं के लिए 1 रुपये में सेनेटरी नेपकीन भी इन केंद्रों पर मिल रहे हैं। 21 करोड़ से ज्यादा सेनेटरी नेपकीन की बिक्री ये दिखाती है कि जन औषधि केंद्र कितनी बड़ी संख्या में महिलाओं का जीवन आसान कर रहे हैं।
हमारा लक्ष्य देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज खोलने का
पीएम मोदी ने कहा कि हमारा लक्ष्य देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज खोलने का है। भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को निरंतर मजबूत कर रही है। आजादी के इतने दशकों के बाद भी देश में केवल एक एम्स था, लेकिन आज देश में 22 एम्स है।
जन औषधि केंद्रों से दवाई खरीदने पर भारी बचत
पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में क्रियाशील 8,683 प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों के माध्यम से 1,451 सस्ती दवाएं और 240 सर्जिकल उपकरण उपलब्ध करा रही है मोदी सरकार। जन औषधि केंद्रों से दवाई खरीदने पर उपभोक्ताओं को 50 फीसदी से 90 फीसदी तक की बचत होती है।