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मोदी ने वैज्ञानिकों से विध्वंसक प्रौद्योगिकी के उदय पर नजर रखने को कहा

Wed, 04 Jan 2017 01:06 AM IST
एजेंसी/ तिरुपति
एजेंसी/ तिरुपति Updated Wed, 04 Jan 2017 01:06 AM IST
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PM Modi inaugurate 104th Indian Science Congress
- फोटो : ANI

मूलभूत विज्ञान से लेकर व्यावहारिक विज्ञान तक की विभिन्न शाखाओं को समर्थन देने और नवोन्मेष पर जोर देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों से विध्वंसक प्रौद्योगिकियों के उदय पर नजर रखने के लिए भी कहा।

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भारतीय विज्ञान कांग्रेस के 104वें सत्र के उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में मोदी ने ‘साइबर-फिजीकल तंत्रों के त्वरित वैश्विक उदय’ को एक ऐसा अहम क्षेत्र बताया, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। 
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उन्होंने कहा कि यह अभूतपूर्व चुनौतियां पेश कर सकता है और देश की युवा आबादी से मिलने वाले लाभ पर बुरा असर डाल सकता है। पीएम ने कहा , ‘लेकिन हम रोबोट विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल उत्पादन, वृहद आंकड़ा विश्लेषण, गहन अध्ययन, क्वांटम संचार और ‘इंटरनेट-ऑफ थिंग्स’ में अनुसंधान, प्रशिक्षण और कौशल के जरिए इसे बड़े अवसर के रूप में तब्दील कर सकते हैं।’ 
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2030 तक भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शीर्ष तीन देशों में शामिल होगा

PM Modi inaugurate 104th Indian Science Congress
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि इन प्रौद्योगिकियों का विकास करने और इनका दोहन सेवा एवं उत्पादन क्षेत्रों, कृषि, जल, ऊर्जा, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सुरक्षा, वित्तीय व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण में किए जाने की जरूरत है। पीएम ने कहा कि आज पेश आने वाली चुनौतियों की गति और स्तर अभूतपूर्व है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार वैज्ञानिक ज्ञान की विभिन्न शाखाओं को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। ये शाखाएं मूलभूत विज्ञान से लेकर व्यावहारिक विज्ञान तक हैं और इसमें नवोन्मेष पर खास जोर है। इनमें से कुछ अहम चुनौतियां स्वच्छ जल एवं ऊर्जा, भोजन, पर्यावरण, जलवायु, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे अहम क्षेत्रों से जुड़ी हैं। 

एससीओपीयूएस डेटाबेस में भारत को वैज्ञानिक प्रकाशनों के मामले में विश्व में छठे स्थान पर रखे जाने और चार प्रतिशत के वैश्विक औसत की तुलना में इसके लगभग 14 प्रतिशत की दर से वृद्धि करने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि वर्ष 2030 तक भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शीर्ष तीन देशों में शामिल होगा और यह दुनिया भर के सर्वश्रेष्ठ कुशल लोगों के पसंदीदा स्थानों में से एक होगा।
 

मोदी ने भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में की पूजा-अर्चना

PM Modi inaugurate 104th Indian Science Congress

मोदी ने भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में की पूजा-अर्चना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुमाला के नजदीक भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर में मंगलवार को पूजा-अर्चना की। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक रिवाज से उनकी अगवानी की और उन्हें मुख्य द्वार से मंदिर के गर्भगृह में ले गए। प्रधानमंत्री के साथ मंदिर के शीर्ष पदाधिकारी भी थे।

टीटीडी के अध्यक्ष चदलवाडा कृष्णमूर्ति ने बताया कि पीएम मेादी ने मंदिर के अंदर पवित्र स्वर्ण वेदिका और पवित्र स्वर्ण ध्वजस्तंभ पर पूजा की। वह करीब 20 मिनट मंदिर में रहे। प्रधानमंत्री ने श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय वार्षिक 104वें भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन किया और फिर सड़क मार्ग से मंदिर पहुंचे।

पूजा के बाद प्रधानमंत्री को पवित्र सिल्क कपड़े से सम्मानित किया गया और मंदिर के रंग मंडपम में उन्हें ‘लड्डू’ प्रसादम दिया गया। पुजारियों ने प्रधानमंत्री को दिव्य आशीर्वाद भी दिया। इस मौके पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन भी प्रधानमंत्री के साथ थे।  

वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने दूसरी बार इस मंदिर में पूजा-अर्चना की है। इससे पहले पिछले वर्ष 22 अक्तूबर को भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में आए थे। प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर तिरुपति और तिरुमाला में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

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