#नोटबंदी 18वां दिन: मोदी सरकार के फैसले से ऐसे फायदा उठा रहीं चीनी कंपनियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले से चीन की वित्तीय प्रोद्योगिकी कंपनियों को फायदा होता दिख रहा है। यह बात आपको बेतुकी लग सकती है, लेकिन तथ्यों पर गौर करें तो चीन की कंपनी अलीबाबा की पेटीएम में 40 फीसदी की भागेदारी से फायदा उसे भी पहुंच रहा है।
दरअसल, नोटबंदी के चलते शहरी और कस्बाई क्षेत्रों में लोग ई-पेमेंट कंपनियों का खरीददारी करने के लिए खूब सहारा ले रहे हैं, जो कि अपने ई-वॉलेट के जरिए रुपयों का भुगतान करा देती हैं। मसलन, कैशलैस पेमेंट के चलते ई-पेमेंट कराने वाली कंपनियों की बल्ले-बल्ले है।
चीन अलीबाबा की हिस्सेदारी स्नैपडील के मालिकाना हक वाली ई-वालेट कंपनी फ्रीचार्ज में भी है।
वहीं, साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की खबर के मुताबिक ई-वॉलेट कंपनी मोबिक्विक और ऑक्सीजन भी चीनी निवेश तलाश रही हैं।
नोटबंदी के बाद 1000 फीसदी बढ़ी पेटीएम की ग्रोथ
फिलहाल देश में ई-पेमेंट की सबसे लीडिंग कंपनी पेटीएम है जिसकी नोटबंदी के बाद ग्रोथ 1000 फीसदी बढ़ी है। आंकड़ों के मुताबिक हर दिन पेटीएम से करीब 1.2 अरब डॉलर की करीब 70 लाख ट्रांजेक्शन की जा रही हैं। दूसरी ई-पेमेंट कंपनियों के टर्नओवर में भी खासा इजाफा हो रहा है।
पेटीएम की ही वन97 कम्यूनिकेशन्स में अलीबाबा ने 680 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश कर 40 फीसदी की हिस्सेदारी बनाई है। वहीं, मोबिक्विक में ताइवान और हॉन्गकॉन्ग ने निवेश किया और जल्द ही चीनी निवेश भी हो सकता है। लाजमी है कि भारत सरकार के नोटबंदी के फैसले से फायदा चीन भी उठा रहा है।
इससे उन लोगों को यह जानकर जरूर धक्का लगेगा, जिन्होंने चीनी सामान के बहिष्कार की मुहिम में योगदान दिया।