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इन दो मंत्रालयों से बुरी तरह नाराज थे मोदी, इसलिए बदल डाली पूरी टीम

Thu, 07 Jul 2016 02:38 PM IST
हिमांशु मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 07 Jul 2016 02:38 PM IST
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pm modi changed the whole team of two ministry

मोदी मंत्रिमंडल में बड़े पैमाने पर हुआ बदलाव इसके विस्तार पर भारी पड़ा है। मंत्रियों को जिस बड़े पैमाने पर इधर से उधर किया गया है उससे 19 नए चेहरों को शामिल करने की बात दब गई है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिन मंत्रालयों से नाखुश थे, उसकी पूरी टीम ही बदल डाली। मानव संसाधन मंत्रालय (एचआरडी) और ग्रामीण विकास-पंचायती राज मंत्रालय इसका उदाहरण बना।

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फेरबदल में जहां दोनों मंत्रालयों के सीनियर मंत्रियों स्मृति ईरानी और चौधरी बीरेंद्र सिंह के विभाग बदले, वहीं जूनियर मंत्रियों रामशंकर कठेरिया और निहाल चंद को तो कैबिनेट से बाहर का रास्ता ही दिखा दिया।
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एचआरडी मंत्रालय के एक और जूनियर मंत्री उपेंद्र कुशवाहा को अंत समय में नहीं बदलने पर सहमति बनी। इसी क्रम में बेहतर प्रदर्शन न करने वाले कानून मंत्री सदानंद गौड़ा को कम महत्व वाले सांख्यिकी एवं योजना क्रियान्वयक मंत्रालय में भेज दिया गया। 
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बदलाव के क्रम में मोदी ने अपने सीनियर मंत्रियों के स्वास्थ्य के साथ-साथ प्रदर्शन का ख्याल रखा। मसलन अस्वस्थ चल रहे वित्त मंत्री अरुण जेटली से सूचना प्रसारण मंत्रालय ले लिया गया तो दूसरी ओर उनसे लिए गए महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू को दी।

दअरसल मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार में पीएम मोदी ने जहां चुनावी राज्यों का ख्याल रखा, वहीं कामकाज की रफ्तार और मंत्रालयों के प्रदर्शन को भी पैमाना बनाया। बताते हैं कि एचआरडी मंत्रालय के दोनों मंत्रियों के विवाद दर विवाद और ग्रामीण विकास-पंचायती राज मंत्रालय की कामकाज की सुस्त रफ्तार ने प्रधानमंत्री को बेहद नाराज कर दिया। खासतौर से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित वेमुला आत्महत्या प्रकरण से जिस प्रकार निपटा गया, उससे पीएम मोदी खासतौर से नाराज हुए। 

सूत्रों का कहना है कि इस दौरान कैंपस विवाद में दलितों-पिछड़ों के निशाना बनने और इसके देशव्यापी मुद्दा बनने से पीएम मोदी नाराज हुए। इसके अलावा चौधरी बीरेंद्र सिंह पीएम मोदी की इच्छा के अनुरूप सरकार के गांव के सशक्तिकरण का संदेश दे पाने में असफल रहे।

जाट नेताओं के कतरे पर

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उम्मीद थी कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मंत्रिमंडल में जाट नेताओं का रूतबा बढ़ेगा मगर हुआ इसका उल्टा। मंत्रिमंडल से सांवरमल जाट की विदाई हुई तो कैबिनेट मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह और संजीव बालियान के पर कतर दिए गए।

बीरेंद्र को जहां ग्रामीण विकास-पंचायती राज के मुकाबले महत्वहीन इस्पात मंत्रालय दिया गया वहीं कृषि राज्य मंत्री बालियान को गंगा पुनरुद्घार-नदी विकास मंत्रालय दिया गया। हालांकि सांवरमल जाट की विदाई के बदले इस बिरादरी के एक अन्य नेता को मंत्रिमंडल में जगह जरूर दी गई।

जेटली का बोझ कम करने की वजह
जेटली के काम का बोझ हल्का करने के लिए सबसे ज्यादा मंथन किया गया। दअरसल आर्थिक सुधारों का नया दौर शुरू होने और प्रचार तंत्र को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए वित्त के साथ-साथ सूचना प्रसारण मंत्रालय भी बेहद अहम है।

यही कारण है कि जेटली वित्त मंत्रालय पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें, इसलिए सूचना प्रसारण मंत्रालय का जिम्मा वैंकेया को दिया गया। इस क्रम में जेटली के जूनियर के रूप में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जयंत सिन्हा को नागरिक उड्डयन मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया।

कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना

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मानव संसाधन विकास मंत्री से टेक्सटाइल मंत्री बनाई गई स्मृति ईरानी ने कहा कि उनके मंत्रालय में बदलाव इस बात को दर्शाता है कि पार्टी व पीएम मोदी उनकी रिजल्ट देेने की क्षमता पर कितना भरोसा करते हैं।

जब उनसे यह पूछा गया कि क्या उत्तर प्रदेश में चुनाव को देखते हुए उनके मंत्रालय में बदलाव किया गया है ताकि वह वहां के लिए समय निकाल सके, तो उन्होंने फिल्मी अंदाज में कहा, कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का  काम है कहना। 


चौधरी बीरेंद्र पर भारी पड़े राव इंद्रजीत 
राव इंद्रजीत ने शहरी विकास, आवास और गरीबी उन्मूलन मंत्रालय हासिल कर अपना सियासी कद बढ़ाया है। लेकिन चौधरी बीरेंद्र सिंह को ग्रामीण विकास-पंचायती राज मंत्रालय गंवा कर कम महत्व के इस्पात मंत्रालय पर संतोष करना पड़ा है। गुड़गांव को स्मार्ट सिटी में शामिल करने मेट्रो की मांग करके हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर से टकराने से भी गुरेज न करने वाले राव को फेरबदल में तवज्जो मिली है। 

सबसे मिल कर खींचेंगे शिक्षा का नया खांचा 

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स्मृति ईरानी की जगह मानव संसाधन मंत्रालय का काम संभालने वाले प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सबसे मिल कर शिक्षा का नया खाका खींचेंगे। उन्होंने स्मृति ईरानी की तारीफ की और कहा कि स्मृति ने शिक्षा को आगे बढ़ाने पर बहुत अच्छी कोशिश की है।  स्मृति के दो साल के विवादित कार्यकाल के सवाल पर उन्होंने कहा कि शिक्षा कोई पार्टी पॉलिटिक्स का मुद्दा नहीं है। सभी के साथ मिलकर शिक्षा का नया खाका खीचेंगे।

ग्रामीण विकास मंत्रालय की टीम में भी बदलाव 
पीएम ने ग्रामीण विकास मंत्रालय की टीम में भी बदलाव किया है। चौधरी बीरेंद्र को स्टील मंत्रालय भेज दिया गया तो निहालचंद को कैबिनेट के बाहर भेज दिया गया। अब नरेंद्र सिंह तोमर ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालय संभाल रहे हैं। वहीं राज्य मंत्री रामकृपाल यादव जूनियर मंत्री के तौर पर काम कर रहे हैं। 

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