AI: ‘मैं टेक एक्सपर्ट नहीं लेकिन इसके लिए बच्चों जैसी जिज्ञासा रखता हूं’, बिल गेट्स से बोले पीएम मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी और बिल गेट्स के बीच 2023 जी20 शिखर सम्मेलन पर चर्चा हुई। इस बातचीत में AI चैट जीपीटी समेत आधुनिक तकनीकी पर फोकस किया गया।
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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस चर्चा का मुख्य मुद्दा तकनीकि रहा। इसके अलावा इस चर्चा में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि भी मुख्य विषय रहे। भारत में संपन्न हुए जी 20 शिखर सम्मेलन को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि आयोजन से पहले हमने इस पर व्यापक चर्चा की जिसके सुखद परिणाम रहे। उन्होंने बताया कि शिखर सम्मेलन की कार्यवाही में कई मोड़ आए। प्रधानमंत्री के अनुसार अब भारत जी 20 के मूल उद्देश्यों के साथ जुड़ गया हैं, इन उद्देश्यों को मुख्यधारा में लाया जा रहा है।
AI पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है- पीएम मोदी
इस चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि एआई के दुरुपयोग की संभावनाएं तब और बढ़ जाती हैं, जब बिना प्रशिक्षण के यह किसी को सौंपी जाती है। प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि एआई-जनित सामग्री पर स्पष्ट वॉटरमार्क के साथ शुरुआत करनी चाहिए। ताकि कोई भी इसका दुरुपयोग न कर सके। उन्होंने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में कोई भी डीपफेक का इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर आप आलस्य की वजह से एआई पर भरोसा कर रहे हैं, तो यह गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि अब एआई से आगे बढ़ना होगा और चैट जीपीटी से प्रतिस्पर्धा करनी होगी।
इसके जवाब में बिल गेट्स ने कहा कि ये एआई के शुरुआती दिन हैं। जिन चीजों को आप कठिन समझते हैं, यह उनको आसान कर देगा लेकिन जिन्हें आप आसान समझते हैं, वह वहां विफल हो जाएगा।
स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा पर चर्चा
पीएम नरेंद्र मोदी और बिल गेट्स ने भारत में डिजिटल क्रांति के साथ-साथ भारत में स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा क्षेत्रों पर चर्चा की। बिल गेट्स ने भारत में डिजिटल क्रांति की तारीफ करते हुए कहा कि भारत न केवल प्रौद्योगिकी को अपना रहा है बल्कि वास्तव में इसका नेतृत्व भी कर रहा है।
शिक्षा के मुद्दे पर पीएम मोदी ने बताया मैं बच्चों तक श्रेष्ठ शिक्षा पहुंचाना चाहता हूं और शिक्षक की कमियों को तकनीकी से पूरी करना चाहता हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि को आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से मजबूत बनाने की जरूरत है और इसके लिए हमने ड्रोन दीदी योजना सफलतापूर्वक चलाई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर पीएम ने बताया कि उन्होंने देश के अलग अलग गांवों में 2 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनवाए हैं। इन हेल्थ सेंटर्स को मैंने मॉर्डन टेक्नोलॉजी से देश से सबसे बेहतर अस्पतालों को जोड़ लिया है।